{"_id":"68768f299dab86c5c90ec245","slug":"ganga-crossed-the-danger-point-ballia-news-c-190-1-bal1002-144174-2025-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: गंगा ने खतरा बिंदु को किया पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: गंगा ने खतरा बिंदु को किया पार
विज्ञापन
बलिया/मझौंवा। जिले में गंगा नदी का जलस्तर 2 सेमी प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है। नदी ने खतरा बिंदु पार कर लिया है। इसका असर अब शहर के किनारे भी दिखाई देने लगा है। इससे तटवर्ती इलाकों समेत शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोग भयभीत हैं। महावीर घाट गायत्री मंदिर के आसपास नदी का पानी फैलना शुरू हो गया है। नदी के बढ़ाव की गति से शहर के वार्ड नं 11 स्थित गायत्री काॅलोनी के दक्षिण तरफ से बाढ़ का पानी फैल गया है, जिससे लोगों को निकास में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारों का कहना इसी तरह नदी के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहा तो निश्चय ही शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएगी। नदी के बढ़ाव को देखते हुए तटवर्ती इलाके के लोग अपना सामान समेटने में जुट गए है। हालांकि नदी की चाल को देखते हुए प्रशासनिक अमला भी सतर्क हो गया है। नदी तटीय गांव संग बंधों की निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, सरयू नदी के जलस्तर घटाव पर है।
नष्ट हो रही फसल, सहमे लोग
मझौवां। गंगा नदी के बेतहाशा वृद्धि से चार दर्जन गांवों के लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि गंगा नदी की लहरों ने उग्र रूप धारण कर लिया है। मंगलवार को लाल निशान 57.615 को पार कर मीडियम फ्लड लेवल 58.615 की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इससे फ्लड एरिया के गांवों में अफरा-तफरी मच गई हैै। केन्द्रीय जल आयोग के गायघाट गेज पर गंगा नदी ने खतरा बिंदु 57.615 मीटर को पार कर दिया। मंगलवार की शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 57.710 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। गंगा नदी के जलस्तर में प्रति घंटा 2 सेमी का बढ़ाव जारी है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज पर 2016 में जलस्तर हाई लेवल 60.390 मीटर दर्ज किया गया था। उधर, प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर 3 सेमी, वाराणसी में 2 सेमी और गाजीपुर 3 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी पर है। बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 10 से 15 दिनों तक जलस्तर बढ़ने का अनुमान है।
बैकरोलिंग कटान ने स्पर में पड़ी दरार
मझौंवा। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण बैक रोलिंग धारा का दबाव सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के किमी 26.250 पर बने अधूरे स्पर बना है। इससे स्पर में दरार पड़ गई है। वहीं एनएच-31 को बचाने के लिए रामगढ़ में चार कटर निर्माणाधीन है। कटर के गैपिंग में पार्कोंपाइन विधि का कार्य अधूरा है। हर जगह पार्कोंपाइन विधि कार्य गंगा की लहरों में बैठता जा रहा है। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण सोनार टोला के समीप पीचिंग कार्य ध्वस्त होता जा रहा है। इससे बाढ़ विभाग के अंदरखाने में हलचल मच गई हैं। बाढ़ के पानी से निचले इलाकों में पचरुखिया, मझौवां, धर्मपुरा, शुक्लछपरा, बेलहरी, रुद्रपुर, गायघाट, बादिलपुर तक के एक हजार एकड़ फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। गंगा तट के आसपास बसे किसानों के आजीविका एवम भरण पोषण पर संकट गहराने लगा है।
विज्ञापन
अल्ट्राटेक और सम्राट बोरी के भरोसे कटानरोधी कार्य
मझौवां। गंगा कटान क्षेत्र में किमी 26.250 और किमी 27.500 से 27.950 के बीच 13 करोड़ 35 लाख 59 हजार रुपये की लागत से चल रहे कटानरोधी कार्य में गंगा की लहरों में उफान आते ही बाढ़ विभाग के कार्य को स्पष्ट देखा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के समीप चल रहे कटानरोधी कार्यों की पड़ताल के लिए जब टीम स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंची तो हकीकत सामने आई। फ्लड फाइटिंग के लिए ईसी बैग के बदले अल्ट्राटेक और सम्राट सीमेंट की फटी बोरियों में मिट्टी भरकर रखी जा रही है और स्लोपिंग में लगाया जा रहा है, जो मानक की अनदेखी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मानक के अनुरूप कार्य करवाने की मांग की है। जयप्रकाश ओझा, जीतू सिंह, चन्दन सिंह, हरिशंकर मिश्र, ओमप्रकाश खरवार एवम उत्तम यादव आदि ने कटानरोधी कार्य पर सवाल खड़ा किया है।
फ्लड फाइटिंग के तहत ठेकेदार को मानक के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों के शिकायत बारीकी से परखी जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है। बाढ़ व कटान क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी रखी जा रही हैं। - -संजय कुमार मिश्रा, एक्सईएन, बाढ़ विभाग।
-- -- -- -- -- --
विज्ञापन
नष्ट हो रही फसल, सहमे लोग
मझौवां। गंगा नदी के बेतहाशा वृद्धि से चार दर्जन गांवों के लोगों को बाढ़ का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि गंगा नदी की लहरों ने उग्र रूप धारण कर लिया है। मंगलवार को लाल निशान 57.615 को पार कर मीडियम फ्लड लेवल 58.615 की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इससे फ्लड एरिया के गांवों में अफरा-तफरी मच गई हैै। केन्द्रीय जल आयोग के गायघाट गेज पर गंगा नदी ने खतरा बिंदु 57.615 मीटर को पार कर दिया। मंगलवार की शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 57.710 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। गंगा नदी के जलस्तर में प्रति घंटा 2 सेमी का बढ़ाव जारी है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज पर 2016 में जलस्तर हाई लेवल 60.390 मीटर दर्ज किया गया था। उधर, प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर 3 सेमी, वाराणसी में 2 सेमी और गाजीपुर 3 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी पर है। बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 10 से 15 दिनों तक जलस्तर बढ़ने का अनुमान है।
विज्ञापन
बैकरोलिंग कटान ने स्पर में पड़ी दरार
मझौंवा। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण बैक रोलिंग धारा का दबाव सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के किमी 26.250 पर बने अधूरे स्पर बना है। इससे स्पर में दरार पड़ गई है। वहीं एनएच-31 को बचाने के लिए रामगढ़ में चार कटर निर्माणाधीन है। कटर के गैपिंग में पार्कोंपाइन विधि का कार्य अधूरा है। हर जगह पार्कोंपाइन विधि कार्य गंगा की लहरों में बैठता जा रहा है। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण सोनार टोला के समीप पीचिंग कार्य ध्वस्त होता जा रहा है। इससे बाढ़ विभाग के अंदरखाने में हलचल मच गई हैं। बाढ़ के पानी से निचले इलाकों में पचरुखिया, मझौवां, धर्मपुरा, शुक्लछपरा, बेलहरी, रुद्रपुर, गायघाट, बादिलपुर तक के एक हजार एकड़ फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। गंगा तट के आसपास बसे किसानों के आजीविका एवम भरण पोषण पर संकट गहराने लगा है।
विज्ञापन
अल्ट्राटेक और सम्राट बोरी के भरोसे कटानरोधी कार्य
मझौवां। गंगा कटान क्षेत्र में किमी 26.250 और किमी 27.500 से 27.950 के बीच 13 करोड़ 35 लाख 59 हजार रुपये की लागत से चल रहे कटानरोधी कार्य में गंगा की लहरों में उफान आते ही बाढ़ विभाग के कार्य को स्पष्ट देखा जा सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के समीप चल रहे कटानरोधी कार्यों की पड़ताल के लिए जब टीम स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंची तो हकीकत सामने आई। फ्लड फाइटिंग के लिए ईसी बैग के बदले अल्ट्राटेक और सम्राट सीमेंट की फटी बोरियों में मिट्टी भरकर रखी जा रही है और स्लोपिंग में लगाया जा रहा है, जो मानक की अनदेखी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मानक के अनुरूप कार्य करवाने की मांग की है। जयप्रकाश ओझा, जीतू सिंह, चन्दन सिंह, हरिशंकर मिश्र, ओमप्रकाश खरवार एवम उत्तम यादव आदि ने कटानरोधी कार्य पर सवाल खड़ा किया है।
फ्लड फाइटिंग के तहत ठेकेदार को मानक के अनुसार कार्य करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों के शिकायत बारीकी से परखी जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है। बाढ़ व कटान क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी रखी जा रही हैं। - -संजय कुमार मिश्रा, एक्सईएन, बाढ़ विभाग।