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लाल निशान के करीब पहुंची घाघरा
ballia
Updated Sat, 15 Jul 2017 10:36 PM IST
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घाघरा का जलस्तर बढ़ना शनिवार को भी जारी रहा।
- फोटो : ballia
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गंगा और घाघरा का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। बेल्थरारोड में लाल निशान से मात्र 26 सेमी. नीचे घाघरा बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार को जलस्तर 63.750 मीटर दर्ज किया गया, जबकि लाल निशान 64.010 है। हालांकि नदी का जलस्तर लाल निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे है। बावजूद कभी भी नदी का तेवर तल्ख होकर परेशानी का सबब बन सकता है। वहीं, दूसरी ओर बाढ़ विभाग के अधिकारी और कर्मचारी किसी भी स्थिति से निबटने के लिए अलर्ट हो गए हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शुक्रवार को आधी रात के बाद घाघरा का जलस्तर स्थिर हो गया। आयोग ने अगले 24 घंटे में जल स्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है। आयोग की माने तो जल स्तर में कमी से बाढ़ की संभावना नहीं के बराबर है। उधर बरसाती पानी के जमाव के चलते कोइली मुहानताल में उफान है।
ताल का पानी आसपास के दर्जनों ग्रामों की सीमाओं पर पहुंच गया है। इसके अलावा हल्दीरामपुर रेगुलेटर से नदी के पानी का रिसाव हो रहा है। रेगुलेटर से रिस कर पानी कोइली मोहानताल में जमा हो रहा है। बरसाती नदी के पानी से ताल में जलजमाव शुरू हो गया है।
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जल स्तर में वृद्धि हुई तो बाढ़ के साथ ही कोइली मोहानताल से तबाही का मंजर शुरू हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर गंगा का जलस्तर भी बढ़ाव पर है। रामगढ़, दूबे छपरा में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। वह यह सोच कर परेशान हैं कि वह अपना आशियाना आखिर कहां बनाएं। सरकार की ओर से कोई सुविधा भ्ाी नहीं है।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शुक्रवार को आधी रात के बाद घाघरा का जलस्तर स्थिर हो गया। आयोग ने अगले 24 घंटे में जल स्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है। आयोग की माने तो जल स्तर में कमी से बाढ़ की संभावना नहीं के बराबर है। उधर बरसाती पानी के जमाव के चलते कोइली मुहानताल में उफान है।
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ताल का पानी आसपास के दर्जनों ग्रामों की सीमाओं पर पहुंच गया है। इसके अलावा हल्दीरामपुर रेगुलेटर से नदी के पानी का रिसाव हो रहा है। रेगुलेटर से रिस कर पानी कोइली मोहानताल में जमा हो रहा है। बरसाती नदी के पानी से ताल में जलजमाव शुरू हो गया है।
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जल स्तर में वृद्धि हुई तो बाढ़ के साथ ही कोइली मोहानताल से तबाही का मंजर शुरू हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर गंगा का जलस्तर भी बढ़ाव पर है। रामगढ़, दूबे छपरा में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। वह यह सोच कर परेशान हैं कि वह अपना आशियाना आखिर कहां बनाएं। सरकार की ओर से कोई सुविधा भ्ाी नहीं है।