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निःशुल्क बोरिंग योजना ऑनलाइन, घर बैठे ले सकेंगे सुविधा
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बलिया। अब किसानों को निशुल्क बोरिंग के लिए अधिकारियों की परिक्रमा नहीं करनी पड़ेगी। यह सुविधा भी ऑनलाइन हो गई है। इस साल शासन की ओर से निशुल्क बोरिंग के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। किसान निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण करेंगे और उन्हें नि:शुल्क बोरिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले में नि:शुल्क बोरिंग की योजना से दो दशक से अधिक समय से संचालित है। इसके लिए अब तक किसानों को तमाम दस्तावेज लेकर ब्लॉक या जिले के कार्यालयों में चक्कर काटना पड़ता था। आवेदन जमा होने के बाद भी सभी किसानों को यह सुविधा नहीं मिल पाती थी क्योंकि शासन की ओर से लक्ष्य निर्धारित होता था लेकिन किसानों की आय बढ़ाने को लेकर इस साल शासन ने निशुल्क बोरिंग योजना में बदलाव कर दिया है। इस साल शासन की ओर से किसी तरह का लक्ष्य का निर्धारण नहीं किया गया है ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को यह सुविधा मिल सके। शासन ने योजना पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब किसान निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करेंगे। इसके बाद लघु सिंचाई विभाग इसकी पड़ताल कर रिपोर्ट लगाएंगे। इसके बाद संबंधित किसान के खाते में अनुदान की राशि मिल जाएगी।
अनुसूचित जाति और जनजाति और सामान्य वर्ग के किसानों को अनुदान
बलिया। इस योजना में अनुसूचित जाति-जनजाति के लाभार्थियों को बोरिंग पर अनुदान की अधिकतम सीमा 10 हजार रुपये निर्धारित है। न्यूनतम जोत सीमा का प्रतिबंध तथा पंपसेट स्थापित करने की बाध्यता नहीं है। 10 हजार की सीमा के अंतर्गत बोरिंग से धनराशि शेष रहने पर रिफ्लेक्स वॉल्व, डिलिवरी पाइप, बेंड आदि सामग्री उपलब्ध कराने की अतिरिक्त सुविधा भी उपलब्ध है। पंपसेट स्थापित करने पर अधिकतम नौ हजार रुपये का अनुदान अनुमन्य है। वहीं, सामान्य श्रेणी के लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए बोरिंग पर अनुदान की अधिकतम सीमा पांच हजार और सात हजार रुपये है। सामान्य लाभार्थियों के लिए जोत सीमा 0.2 हेक्टेयर निर्धारित है। सामान्य श्रेणी के कृषकों की बोरिंग पर पंपसेट स्थापित करना अनिवार्य नहीं है लेकिन पंपसेट क्रय कर स्थापित करने पर लघु कृषकों को अधिकतम 4500 और सीमांत किसानों को 6000 का अनुदान अनुमन्य है।
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नि:शुल्क बोरिंग योजना के लिए पात्रता
आवेदनकर्ता किसान होना चाहिए और उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए। जिन किसानों के पास 0.2 हेक्टेयर भूमि होगी वह भी इस के लिए पात्र होंगे। किसान को आधार कार्ड, खेत का खसरा, खतौनी का विवरण, पैन नंबर, बैंक पासबुक की प्रति आदि विवरण देना होगा। किसान jjmup.org पोर्टल पर नि:शुल्क बोरिंग के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
निशुल्क बोरिंग योजना अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। अब योजना का लाभ लेने के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार की ओर से योजना के लिए लक्ष्य का निर्धारण नहीं किया गया है। - एसएस यादव, एई, लघु सिंचाई, बलिया
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जिले में नि:शुल्क बोरिंग की योजना से दो दशक से अधिक समय से संचालित है। इसके लिए अब तक किसानों को तमाम दस्तावेज लेकर ब्लॉक या जिले के कार्यालयों में चक्कर काटना पड़ता था। आवेदन जमा होने के बाद भी सभी किसानों को यह सुविधा नहीं मिल पाती थी क्योंकि शासन की ओर से लक्ष्य निर्धारित होता था लेकिन किसानों की आय बढ़ाने को लेकर इस साल शासन ने निशुल्क बोरिंग योजना में बदलाव कर दिया है। इस साल शासन की ओर से किसी तरह का लक्ष्य का निर्धारण नहीं किया गया है ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को यह सुविधा मिल सके। शासन ने योजना पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब किसान निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करेंगे। इसके बाद लघु सिंचाई विभाग इसकी पड़ताल कर रिपोर्ट लगाएंगे। इसके बाद संबंधित किसान के खाते में अनुदान की राशि मिल जाएगी।
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अनुसूचित जाति और जनजाति और सामान्य वर्ग के किसानों को अनुदान
बलिया। इस योजना में अनुसूचित जाति-जनजाति के लाभार्थियों को बोरिंग पर अनुदान की अधिकतम सीमा 10 हजार रुपये निर्धारित है। न्यूनतम जोत सीमा का प्रतिबंध तथा पंपसेट स्थापित करने की बाध्यता नहीं है। 10 हजार की सीमा के अंतर्गत बोरिंग से धनराशि शेष रहने पर रिफ्लेक्स वॉल्व, डिलिवरी पाइप, बेंड आदि सामग्री उपलब्ध कराने की अतिरिक्त सुविधा भी उपलब्ध है। पंपसेट स्थापित करने पर अधिकतम नौ हजार रुपये का अनुदान अनुमन्य है। वहीं, सामान्य श्रेणी के लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए बोरिंग पर अनुदान की अधिकतम सीमा पांच हजार और सात हजार रुपये है। सामान्य लाभार्थियों के लिए जोत सीमा 0.2 हेक्टेयर निर्धारित है। सामान्य श्रेणी के कृषकों की बोरिंग पर पंपसेट स्थापित करना अनिवार्य नहीं है लेकिन पंपसेट क्रय कर स्थापित करने पर लघु कृषकों को अधिकतम 4500 और सीमांत किसानों को 6000 का अनुदान अनुमन्य है।
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नि:शुल्क बोरिंग योजना के लिए पात्रता
आवेदनकर्ता किसान होना चाहिए और उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए। जिन किसानों के पास 0.2 हेक्टेयर भूमि होगी वह भी इस के लिए पात्र होंगे। किसान को आधार कार्ड, खेत का खसरा, खतौनी का विवरण, पैन नंबर, बैंक पासबुक की प्रति आदि विवरण देना होगा। किसान jjmup.org पोर्टल पर नि:शुल्क बोरिंग के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
निशुल्क बोरिंग योजना अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। अब योजना का लाभ लेने के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार की ओर से योजना के लिए लक्ष्य का निर्धारण नहीं किया गया है। - एसएस यादव, एई, लघु सिंचाई, बलिया