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Ballia News: हत्या में चार को आजीवन कारावास की सजा
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अपर सत्र न्यायाधीश हुसैन अहमद अंसारी की अदालत ने हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 31500 रुपये अर्थदंड प्रत्येक पर लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
वादी मुकदमा अनुज कुमार सिंह पुत्र रामजी सिंह ग्राम गोह्निया छपरा थाना बैरिया ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि 11 अगस्त 2004 को बिशुनपुरा स्थित खेत उसके ही गांव के अर्जुन सिंह, कामाख्या सिंह, दशरथ सिंह पुत्र श्रीनिवास सिंह, संजय सिंह पुत्र स्व. भारत सिंह, अनिल कुमार सिंह पुत्र मंजीत सिंह गांव के ही बिहारी सिंह के ट्रैक्टर से जोत रहे थे। चाचा रामनिवास सिंह पुत्र स्व. दयानाथ सिंह, त्रिलोकी नाथ सिंह पुत्र स्व. दयानाथ सिंह ने रोका तो रामनिवास सिंह को बुरी तरह घायल कर दिया। आरोपी धमकी देते हुए भाग गए। रामनिवास सिंह को सोनबरसा अस्पताल लाया गया जहां पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों के अवलोकन और अभियोजक विनोद कुमार भारद्वाज सहायक शासकीय अधिवक्ता तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता शेषनाथ तिवारी की सुनने के बाद अर्जुन सिंह, दशरथ सिंह, संजय सिंह अनिल कुमार सिंह के खिलाफ दोष साबित पाया। चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 31500 के अर्थदंड से प्रत्येक को दंडित किया। सुनवाई के दौरान कामाख्या सिंह की मौत हो गई थी।
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वादी मुकदमा अनुज कुमार सिंह पुत्र रामजी सिंह ग्राम गोह्निया छपरा थाना बैरिया ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि 11 अगस्त 2004 को बिशुनपुरा स्थित खेत उसके ही गांव के अर्जुन सिंह, कामाख्या सिंह, दशरथ सिंह पुत्र श्रीनिवास सिंह, संजय सिंह पुत्र स्व. भारत सिंह, अनिल कुमार सिंह पुत्र मंजीत सिंह गांव के ही बिहारी सिंह के ट्रैक्टर से जोत रहे थे। चाचा रामनिवास सिंह पुत्र स्व. दयानाथ सिंह, त्रिलोकी नाथ सिंह पुत्र स्व. दयानाथ सिंह ने रोका तो रामनिवास सिंह को बुरी तरह घायल कर दिया। आरोपी धमकी देते हुए भाग गए। रामनिवास सिंह को सोनबरसा अस्पताल लाया गया जहां पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों के अवलोकन और अभियोजक विनोद कुमार भारद्वाज सहायक शासकीय अधिवक्ता तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता शेषनाथ तिवारी की सुनने के बाद अर्जुन सिंह, दशरथ सिंह, संजय सिंह अनिल कुमार सिंह के खिलाफ दोष साबित पाया। चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 31500 के अर्थदंड से प्रत्येक को दंडित किया। सुनवाई के दौरान कामाख्या सिंह की मौत हो गई थी।
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