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कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासन पर उठाए सवाल
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रसड़ा कस्बा में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्ल
- फोटो : BALLIA
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बलिया/रसड़ा/भीमपुरा। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू रविवार को बलिया पहुंचे। पेपर लीक के आरोप में फंसाए गए पत्रकारों के परिजनों से मिले और न्याय का भरोसा दिलाया। कांग्रेस नेता ने बलिया पुलिस और जिला प्रशासन को कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि परीक्षा से पहले हाईस्कूल संस्कृत का पेपर भी लीक हुआ था तो फिर इसकी परीक्षा कैसे कराई गई। डीएम-एसपी पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
बलिया नगर अध्यक्ष प्रताप जायसवाल के आवास पर प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता अजय लल्लू ने पत्रकारों की रिहाई तक सदन से सड़क तक संघर्ष का एलान किया। कहा कि सच को उजागर करने वाले पत्रकारों की आवाज को दबाकर सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने आजमगढ़ जेल में बंद पत्रकारों से न मिलने देने पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नकल माफिया को बचाने के लिए प्रशासन ने समाचार छापने पर पत्रकारों को ही जेल में डाल दिया। पार्टी उनको कानूनी सहायता प्रदान करेगी। इसे सदन में भी पुरजोर ढंग से उठाया जाएगा। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राघवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, मसूद आलम, आशुतोष पांडेय, विशाल चौरसिया, गीता गोयल, दीपक सिंह, रमेश कुमार, अतुल यादव, धनंजय मिश्रा, सुनील पांडेय, दिग्विजय सिंह, मदन यादव, अनिलेश ओझा, वीरेंद्र कुंवर आदि मौजूद रहे।
विफलताओं पर पर्दा डाल रहा प्रशासन : सपा
बलिया। सपा के जिला प्रवक्ता सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कुंद करने की फिराक में रही है। पेपर लीक मामले में सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए पत्रकारों पर ठीकरा फोड़ रही है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जुबान बंद करना है। वहीं आम आदमी पार्टी के यूपी सह प्रभारी अनूप पांडेय ने कहा कि पेपर लीक होने पर पत्रकारों ने खबर लिख कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन और निष्पक्ष पत्रकारिता का उदाहरण पेश किया। सरकार ने इनाम देने की बजाय अपनी बदनामी के डर से पत्रकारों को जेल में डाल दिया। यह घटना ब्रिटिश राज की याद दिला रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल तीनों पत्रकारों को रिहा करने, अन्यथा पूरे देश में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।
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कलम का कातिल बन रहा प्रशासन
रतसर। किसान फोर्स की बैठक में संस्थापक एके सिंह ने कहा कि पेपर लीक मामले में शिक्षा माफिया को बचाने के लिए जिला प्रशासन लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को हिलाने की कोशिश कर रहा है। अगर प्रशासन पत्रकारों की कलम का कातिल बना तो संयुक्त किसान मोर्चा बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा। बुद्धिजीवी वर्ग इसे कभी मा़फ नहीं कर सकता। बैठक में किसान फोर्स के जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव, चीफ कमांडर छोटेलाल, सचिव संजय सिंह, गोरख यादव, मुन्ना सिंह, बीरबल, अच्छे लाल, हीरालाल वर्मा, नंदलाल वर्मा आदि मौजूद रहे।
सीबीआई जांच कराने की मांग
बलिया। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष व राज्य कार्यकारिणी सदस्य विष्णुदेव राय ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने के बाद पूरी तरह से साफ हो जाएगा कि इस मामले के दोषी कौन हैं। निलंबित डीआईओएस बृजेश मिश्र सहित उनका कार्यालय पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। वहीं फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री जितेंद्र चतुर्वेदी ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बोर्ड परीक्षा में प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा की। कहा कि समाज का कोई प्रहरी भ्रष्ट व्यवस्था को उजागर करने की हिम्मत जुटा पाता है तो प्रशासन प्रोत्साहित करने की बजाय उसे ही जेल में डाल दे, यह सर्वथा निंदनीय है।
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बलिया नगर अध्यक्ष प्रताप जायसवाल के आवास पर प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता अजय लल्लू ने पत्रकारों की रिहाई तक सदन से सड़क तक संघर्ष का एलान किया। कहा कि सच को उजागर करने वाले पत्रकारों की आवाज को दबाकर सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने आजमगढ़ जेल में बंद पत्रकारों से न मिलने देने पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नकल माफिया को बचाने के लिए प्रशासन ने समाचार छापने पर पत्रकारों को ही जेल में डाल दिया। पार्टी उनको कानूनी सहायता प्रदान करेगी। इसे सदन में भी पुरजोर ढंग से उठाया जाएगा। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राघवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, मसूद आलम, आशुतोष पांडेय, विशाल चौरसिया, गीता गोयल, दीपक सिंह, रमेश कुमार, अतुल यादव, धनंजय मिश्रा, सुनील पांडेय, दिग्विजय सिंह, मदन यादव, अनिलेश ओझा, वीरेंद्र कुंवर आदि मौजूद रहे।
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विफलताओं पर पर्दा डाल रहा प्रशासन : सपा
बलिया। सपा के जिला प्रवक्ता सुशील पांडेय कान्हजी ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कुंद करने की फिराक में रही है। पेपर लीक मामले में सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए पत्रकारों पर ठीकरा फोड़ रही है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जुबान बंद करना है। वहीं आम आदमी पार्टी के यूपी सह प्रभारी अनूप पांडेय ने कहा कि पेपर लीक होने पर पत्रकारों ने खबर लिख कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन और निष्पक्ष पत्रकारिता का उदाहरण पेश किया। सरकार ने इनाम देने की बजाय अपनी बदनामी के डर से पत्रकारों को जेल में डाल दिया। यह घटना ब्रिटिश राज की याद दिला रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल तीनों पत्रकारों को रिहा करने, अन्यथा पूरे देश में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।
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कलम का कातिल बन रहा प्रशासन
रतसर। किसान फोर्स की बैठक में संस्थापक एके सिंह ने कहा कि पेपर लीक मामले में शिक्षा माफिया को बचाने के लिए जिला प्रशासन लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को हिलाने की कोशिश कर रहा है। अगर प्रशासन पत्रकारों की कलम का कातिल बना तो संयुक्त किसान मोर्चा बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा। बुद्धिजीवी वर्ग इसे कभी मा़फ नहीं कर सकता। बैठक में किसान फोर्स के जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव, चीफ कमांडर छोटेलाल, सचिव संजय सिंह, गोरख यादव, मुन्ना सिंह, बीरबल, अच्छे लाल, हीरालाल वर्मा, नंदलाल वर्मा आदि मौजूद रहे।
सीबीआई जांच कराने की मांग
बलिया। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष व राज्य कार्यकारिणी सदस्य विष्णुदेव राय ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने के बाद पूरी तरह से साफ हो जाएगा कि इस मामले के दोषी कौन हैं। निलंबित डीआईओएस बृजेश मिश्र सहित उनका कार्यालय पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। वहीं फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री जितेंद्र चतुर्वेदी ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बोर्ड परीक्षा में प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा की। कहा कि समाज का कोई प्रहरी भ्रष्ट व्यवस्था को उजागर करने की हिम्मत जुटा पाता है तो प्रशासन प्रोत्साहित करने की बजाय उसे ही जेल में डाल दे, यह सर्वथा निंदनीय है।