बलिया: अपनी ही सरकार पर बरसे पूर्व विधायक, बोले- वोटों की खरीद-फरोख्त, नारी के अपमान ने सरकार की पोल खोली
भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह अपनी ही सरकार और संगठन पर जमकर बरसे हैं। उन्होंने ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान खीमपुर मामले में प्रशासन पर नपुंसक होने का आरोप लगाया।
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बलिया जिले में पंचायत चुनाव में वोटों की खरीद फरोख्त, हिंसा, नारी के अपमान ने सरकार और सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। इन घटनाओं को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह अपनी ही सरकार और संगठन पर जमकर बरसे।
उन्होंने कहा कि हमने शास्त्रों में द्रौपदी के चीर हरण के बारे में पढ़ा था, चुनाव में लखीमपुर खीरी में एक नारी का चीरहरण हो रहा था। प्रशासन नपुंसक होकर देख रहा था। यह कैसा लोकतंत्र है। लोकतंत्र पर कालिख है, सरकार को माफी मांगनी चाहिए। गाय-भैंस की तरह वोट खरीदना लोकतंत्र पर कलंक है।
पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार और संगठनों के लोग वोटों की बोली लगा रहे हैं। क्या इसी दिन के लिए हमारे क्रांतिकारियों ने शहादत दी थी। डीएम-एसपी बदमाशों की तरह वोट छीन रहे हैं। बलिया में छह फर्जी वोट पकड़े गए, उन्हें कोतवाली भेज दिया गया। फिर छोड़ दिया गया। दूसरे का वोट देना अपराध है।
ताकत का उपयोग ऐसा होना चाहिए कि जनता भय मुक्त होकर चुनाव करें। राजनैतिक दलों का नैतिक पतन हो चुका है। ये नेता नए कार्यकर्ता बनाते हैं। उनके दिमाग में राष्ट्रवाद का जहर घोलते हैं। इन नेताओं ने अपना असली चेहरा पंचायत चुनाव में सामने ला दिया है। पिता की मर्यादा का ख्याल पुत्र नहीं कर पा रहा। धोखाधड़ी के आरोपी के यहां दरबार लगा कर भोजन चख रहा है, जबकि झोपड़ी पर ही कभी दरबार लगता था।