फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Forgery in family benefits, order to file a case

फर्जीवाड़ा कर पारिवारिक लाभ लेने का प्रयास, मुकदमा का आदेश-

Fri, 06 Dec 2019 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 06 Dec 2019 11:54 PM IST
विज्ञापन
Forgery in family benefits, order to file a case
बलिया। सदर तहसील में पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने पर उपजिलाधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। फर्जीवाड़े से संबंधित खबर अमर उजाला ने 17 जुलाई के अंक में प्रकाशित किया था। इसके बाद मामले की दोबारा जांच शुरू हुई थी।
विज्ञापन

आठ माह पहले वर्ष 18-19 में सदर तहसील क्षेत्र के श्रीपुर, भीखपुर व सलेमपुर गांव के कुल 27 लाभार्थियों ने पारिवारिक लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। सभी पत्रावलियां जांच के लिए सदर तहसील पहुंची। इसी बीच किसी ग्रामीण ने एसडीएम को पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा की जानकारी दी तो उन्होंने पत्रावलियों की जांच तत्कालीन तहसीलदार से कराई। तहसीलदार ने सात मृतकों को जिंदा पाया जबकि लेखपाल की ओर से मृतक की रिपोर्ट लगाई गई थी। तहसीलदार की रिपोर्ट पर एसडीएम ने इन गांवों की लेखपाल ममता को निलंबित कर पूरे प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार से कराई। नायब तहसीलदार ने गांव में चौपाल लगाकर इसकी जांच की जहां ग्रामीणों की ओर से फार्म भरवाने वाले के बारे में जानकारी भी दी गई। नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर एसडीएम ने तत्कालीन तहसीलदार को इस मामले में विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया लेकिन उन्होंने मामले में लीपापोती कर यह अंकित करते हुए पत्रावली एसडीएम के यहां भेज दिया कि मामले में कोई आरोप साबित नहीं हो रहा। इसके बाद एसडएम ने इस प्रकरण को एक बार राजस्वकर्मी के माध्यम से सत्यापन कराना शुुरू किया। जांच में एक बार फिर नायब तहसीलदार की जांच सही निकली। इस मामले में एसडीएम ने फर्जीवाड़ा करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश तहसीलदार को दिया है। इसको लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
विज्ञापन

कोट
पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद लेखपाल को निलंबित करते हुए जांच कराई गई। जांच के आधार पर तहसीलदार को विधिक कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था लेकिन तत्कालीन तहसीलदार ने पत्रावली में कोई आरोप नहीं बनता है का जिक्र कर पत्रावली वापस कर दी थी। इन पत्रावलियों की दोबारा जांच कराई गई और फर्जीवाड़ा की पुष्टि पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।-अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम, सदर, बलिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed