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फर्जीवाड़ा कर पारिवारिक लाभ लेने का प्रयास, मुकदमा का आदेश-
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बलिया। सदर तहसील में पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने पर उपजिलाधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। फर्जीवाड़े से संबंधित खबर अमर उजाला ने 17 जुलाई के अंक में प्रकाशित किया था। इसके बाद मामले की दोबारा जांच शुरू हुई थी।
आठ माह पहले वर्ष 18-19 में सदर तहसील क्षेत्र के श्रीपुर, भीखपुर व सलेमपुर गांव के कुल 27 लाभार्थियों ने पारिवारिक लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। सभी पत्रावलियां जांच के लिए सदर तहसील पहुंची। इसी बीच किसी ग्रामीण ने एसडीएम को पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा की जानकारी दी तो उन्होंने पत्रावलियों की जांच तत्कालीन तहसीलदार से कराई। तहसीलदार ने सात मृतकों को जिंदा पाया जबकि लेखपाल की ओर से मृतक की रिपोर्ट लगाई गई थी। तहसीलदार की रिपोर्ट पर एसडीएम ने इन गांवों की लेखपाल ममता को निलंबित कर पूरे प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार से कराई। नायब तहसीलदार ने गांव में चौपाल लगाकर इसकी जांच की जहां ग्रामीणों की ओर से फार्म भरवाने वाले के बारे में जानकारी भी दी गई। नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर एसडीएम ने तत्कालीन तहसीलदार को इस मामले में विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया लेकिन उन्होंने मामले में लीपापोती कर यह अंकित करते हुए पत्रावली एसडीएम के यहां भेज दिया कि मामले में कोई आरोप साबित नहीं हो रहा। इसके बाद एसडएम ने इस प्रकरण को एक बार राजस्वकर्मी के माध्यम से सत्यापन कराना शुुरू किया। जांच में एक बार फिर नायब तहसीलदार की जांच सही निकली। इस मामले में एसडीएम ने फर्जीवाड़ा करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश तहसीलदार को दिया है। इसको लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
कोट
पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद लेखपाल को निलंबित करते हुए जांच कराई गई। जांच के आधार पर तहसीलदार को विधिक कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था लेकिन तत्कालीन तहसीलदार ने पत्रावली में कोई आरोप नहीं बनता है का जिक्र कर पत्रावली वापस कर दी थी। इन पत्रावलियों की दोबारा जांच कराई गई और फर्जीवाड़ा की पुष्टि पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।-अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम, सदर, बलिया।
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आठ माह पहले वर्ष 18-19 में सदर तहसील क्षेत्र के श्रीपुर, भीखपुर व सलेमपुर गांव के कुल 27 लाभार्थियों ने पारिवारिक लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। सभी पत्रावलियां जांच के लिए सदर तहसील पहुंची। इसी बीच किसी ग्रामीण ने एसडीएम को पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा की जानकारी दी तो उन्होंने पत्रावलियों की जांच तत्कालीन तहसीलदार से कराई। तहसीलदार ने सात मृतकों को जिंदा पाया जबकि लेखपाल की ओर से मृतक की रिपोर्ट लगाई गई थी। तहसीलदार की रिपोर्ट पर एसडीएम ने इन गांवों की लेखपाल ममता को निलंबित कर पूरे प्रकरण की जांच नायब तहसीलदार से कराई। नायब तहसीलदार ने गांव में चौपाल लगाकर इसकी जांच की जहां ग्रामीणों की ओर से फार्म भरवाने वाले के बारे में जानकारी भी दी गई। नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर एसडीएम ने तत्कालीन तहसीलदार को इस मामले में विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया लेकिन उन्होंने मामले में लीपापोती कर यह अंकित करते हुए पत्रावली एसडीएम के यहां भेज दिया कि मामले में कोई आरोप साबित नहीं हो रहा। इसके बाद एसडएम ने इस प्रकरण को एक बार राजस्वकर्मी के माध्यम से सत्यापन कराना शुुरू किया। जांच में एक बार फिर नायब तहसीलदार की जांच सही निकली। इस मामले में एसडीएम ने फर्जीवाड़ा करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश तहसीलदार को दिया है। इसको लेकर विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद लेखपाल को निलंबित करते हुए जांच कराई गई। जांच के आधार पर तहसीलदार को विधिक कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था लेकिन तत्कालीन तहसीलदार ने पत्रावली में कोई आरोप नहीं बनता है का जिक्र कर पत्रावली वापस कर दी थी। इन पत्रावलियों की दोबारा जांच कराई गई और फर्जीवाड़ा की पुष्टि पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया गया है।-अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम, सदर, बलिया।
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