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Ballia News: बाढ़ से होगा बचाव, 58.87 करोड़ से बनेगा सुरक्षा कवच
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बैरिया तहसील क्षेत्र के नौरंगा गांव में मकान के अवशेष भाग को गंगा नदी की लहरें। फाइल फोटो
- फोटो : बलईगांव में आयोजित भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव कार्यक्रम प्रस्तुत करते युवा।
बलिया। हर साल बाढ़ से होने वाले नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने नौरंगा समेत भगवानपुर, समेरिया, शिवपुर व दूबेछपरा व अन्य गांवों को बचाने के लिए चार परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। जिस पर शासन ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। लगभग 58.87 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।
बाढ़ विभाग की तरफ से जल्द ही परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर गांवों के बचाने के लिए सुरक्षात्मक कार्य शुरू किया जाएगा। गंगा की कटान से कई परिवार बेघर हो गए है। अभी भी दूसरी जगह शरण लिए हुए हैं। वहीं, चक्की नौरंगा के सामने नदी की धारा भी बदल गई है। चक्की नौरंगा गांव को बिहार को जोड़ने वाली सड़क भी गंगा में समा गई थी।
दुबेछपरा गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा था। बाढ़ विभाग की तरफ से होने वाले सुरक्षात्मक से कई गांवों को लाभ मिलेगा। पिछले साल गंगा नदी की बाढ़ से चक्की नौरंगा व दूबेछपरा में भारी नुकसान हुआ। चक्की नौरंगा में 130 गांव इससे प्रभावित हुए।
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20 हजार से ज्यादा लोगों का होगा बचाव : स्वीकृत धनराशि से करीब 35 गांवों के 20 हजार की आबादी को बचाया जा सकेगा। दुबेछपरा गांव के सामने होने वाले कार्य से 21 गांव को बचाने की योजना है। करीब 12 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। वहीं सेमरिया, शिवपुर कूपर दियर की परियोजना से 6 गांव बचाए जाएंगे। 2500 आबादी को लाभ मिलेगा। चक्की नौरंगा एवं जवैनिया के चार गांव के दो हजार और नौरंगा व भगवानपुर 2000 लोग सुरक्षित होंगे।
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बाढ़ विभाग की तरफ से जल्द ही परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर गांवों के बचाने के लिए सुरक्षात्मक कार्य शुरू किया जाएगा। गंगा की कटान से कई परिवार बेघर हो गए है। अभी भी दूसरी जगह शरण लिए हुए हैं। वहीं, चक्की नौरंगा के सामने नदी की धारा भी बदल गई है। चक्की नौरंगा गांव को बिहार को जोड़ने वाली सड़क भी गंगा में समा गई थी।
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दुबेछपरा गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा था। बाढ़ विभाग की तरफ से होने वाले सुरक्षात्मक से कई गांवों को लाभ मिलेगा। पिछले साल गंगा नदी की बाढ़ से चक्की नौरंगा व दूबेछपरा में भारी नुकसान हुआ। चक्की नौरंगा में 130 गांव इससे प्रभावित हुए।
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20 हजार से ज्यादा लोगों का होगा बचाव : स्वीकृत धनराशि से करीब 35 गांवों के 20 हजार की आबादी को बचाया जा सकेगा। दुबेछपरा गांव के सामने होने वाले कार्य से 21 गांव को बचाने की योजना है। करीब 12 हजार आबादी को लाभ मिलेगा। वहीं सेमरिया, शिवपुर कूपर दियर की परियोजना से 6 गांव बचाए जाएंगे। 2500 आबादी को लाभ मिलेगा। चक्की नौरंगा एवं जवैनिया के चार गांव के दो हजार और नौरंगा व भगवानपुर 2000 लोग सुरक्षित होंगे।