{"_id":"612bb53e8ebc3e7a224b63ff","slug":"flood-in-ganga-again-ballia-news-vns608652833","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, लोगों की धुकधुकी बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, लोगों की धुकधुकी बढ़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामगढ़। गंगा का जलस्तर एक बार फिर रफ्ता-रफ्ता आगे बढ़ने लगा है। इसको लेकर गंगा किनारे के गांवों में बसने वालों की नींद उड़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार रविवार की दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 56.060 मीटर दर्ज की गई। साथ ही प्रति घंटा आधा सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है।
अभी गंगा हाई फ्लड लेवल के करीब पहुंचकर चारों तरफ तबाही मचा कर लौटी थी। इससे पीड़ितों ने राहत की सांस ली थी कि एक बार फिर गंगा के जलस्तर में नाटकीय परिवर्तन के चलते गंगा के मुहाने पर बसे लोगों में भय और दहशत का माहौल कायम हो गया है। अगर गंगा का जलस्तर इस बार डेंजर लेवल पार किया तो काफी तबाही होगी। करीब दो सप्ताह पहले गंगा के उग्र लहरों ने जमकर गंगापुर से लेकर उदईछपरा तक कहर बरपाया था। जिसमें उदई छपरा के 25 परिवारों के घर गंगा की लहरों में समा गया था। ठीक वही स्थिति ग्राम सभा केहरपुर में दो परिवार का खड़ा मकान गंगा की लहरों में बह गया था। इस उजाड़ खंड के बाद खाली बचे करीब आधा दर्जन परिवारों की खाली रिहायशी जमीन को भी गंगा अपने पेटे में समाहित कर ली थी। तो सदर तहसील के चौबे छपरा में लक्ष्मण ओझा का मकान गंगा की लहरों में समा गया था। साथ ही बादिलपुर से लेकर टेंगरही तक सैकड़ों एकड़ बोई गई खड़ी फसल जलमग्न हो गई थी। इससे किसानों की कमर टूट गई है। गंगा का जलस्तर घटने के बाद लोगों की जिंदगी धीरे धीरे पटरी पर आने शुरू हुई थी कि गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण उनकी धुकधुकी फिर बढ़ गई है।
विज्ञापन
अभी गंगा हाई फ्लड लेवल के करीब पहुंचकर चारों तरफ तबाही मचा कर लौटी थी। इससे पीड़ितों ने राहत की सांस ली थी कि एक बार फिर गंगा के जलस्तर में नाटकीय परिवर्तन के चलते गंगा के मुहाने पर बसे लोगों में भय और दहशत का माहौल कायम हो गया है। अगर गंगा का जलस्तर इस बार डेंजर लेवल पार किया तो काफी तबाही होगी। करीब दो सप्ताह पहले गंगा के उग्र लहरों ने जमकर गंगापुर से लेकर उदईछपरा तक कहर बरपाया था। जिसमें उदई छपरा के 25 परिवारों के घर गंगा की लहरों में समा गया था। ठीक वही स्थिति ग्राम सभा केहरपुर में दो परिवार का खड़ा मकान गंगा की लहरों में बह गया था। इस उजाड़ खंड के बाद खाली बचे करीब आधा दर्जन परिवारों की खाली रिहायशी जमीन को भी गंगा अपने पेटे में समाहित कर ली थी। तो सदर तहसील के चौबे छपरा में लक्ष्मण ओझा का मकान गंगा की लहरों में समा गया था। साथ ही बादिलपुर से लेकर टेंगरही तक सैकड़ों एकड़ बोई गई खड़ी फसल जलमग्न हो गई थी। इससे किसानों की कमर टूट गई है। गंगा का जलस्तर घटने के बाद लोगों की जिंदगी धीरे धीरे पटरी पर आने शुरू हुई थी कि गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण उनकी धुकधुकी फिर बढ़ गई है।
विज्ञापन