बलिया में बाढ़ से हाहाकारः उच्चतम बाढ़ बिंदु से 23 सेमी दूर गंगा, पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ीं, आज सीएम लेंगे जायजा
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण चारों तरफ अब जलजला नजर आ रहा है। बैरिया तहसील के साथ ही सदर के नरहीं क्षेत्र में भी गंगा का पानी एनएच-31 के ऊपर आ गया है। एनएच-31 से रिसाव कर बंधे के उत्तर दिशा में गिर रहा है। इससे मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं।
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बलिया में खतरे के निशान से काफी ऊपर चल रही गंगा उच्चतम बाढ़ बिंदु को छूने को बेताब है। गंगा नदी उच्चतम बाढ़ बिंदु से मात्र 23 सेंटीमीटर नीचे है। गनीमत ये है कि पानी शुक्रवार सुबह ठहर गया है। इधर, बाढ़ से घिरे गांवों की मुश्किल कम होने की जगह बढ़ती ही जा रही है। प्रशासनिक उदासीनता से पीड़ित मदद के लिए छटपटा रहे हैं। जनप्रतिनिधि सड़कों तक दौरा कर आश्वासन देकर लौट जा रहे हैं।
पीड़ितों को आज जनपद आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से अब उम्मीद है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 60.160 मीटर पर पहुंच चुका था जो उच्चतम बाढ़ बिंदु 60.390 मीटर से महज 23 सेंटीमीटर ही दूर है।
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण चारों तरफ अब जलजला नजर आ रहा है। बैरिया तहसील के साथ ही सदर के नरहीं क्षेत्र में भी गंगा का पानी एनएच-31 के ऊपर आ गया है। एनएच-31 से रिसाव कर बंधे के उत्तर दिशा में गिर रहा है। इससे मुश्किलें और बढ़ती जा रही हैं।
सोहांव में सड़क पर पानी पहुंच गया है। बड़का खेत के कोठिला में गुरुवार की रात बाढ़ का पानी घुस गया जिससे हजारों की आबादी प्रभावित हुई है। जयप्रकाश नगर क्षेत्र के टोला फतेह राय गांव और सरयू नदी के बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित हैं। लहरें गांव से सटी पुरानी रेलवे लाइन को तोड़ने को आतुर दिख रही हैं।
पछुआ हवा और बारिश ने बढ़ाई परेशानी, 100 गांव में विद्युत आपूर्ति बंद
जिले के नरहीं क्षेत्र में शुक्रवार सुबह पछुआ हवा के संग जोरदार बारिश ने बाढ़ पीड़ितों की रही सही कसर भी पूरी कर दी। एनएच-31 और बैरिया-थम्हनपुरा मार्ग पर किसी तरह तिरपाल में गुजर बसर कर रहे सैकड़ों बाढ़ पीड़ित पिछले चार दिनों से बारिश की मार झेल रहे हैं। मवेशियों के भी रहने खाने की गंभीर समस्या है।
इधर, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियन्ता ने बताया कि वर्तमान में जनपद के 100 गांव एवं मजरे में बाढ़ आने के कारण विद्युत आपूर्ति बंद की गई है। उपखंड अधिकारी, अपर अभियंता एवं लाईन मैन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। मोबाइल फोन को हमेशा चालू रखने तथा लगातार क्षेत्र के लोगों से संर्क में रहकर फोन तत्काल उठाने को कहा गया है। निर्देश दिया गया है कि करंट फैलने की सूचना पर तत्काल फीडर बंद कर क्षेत्र का दौरा कर करंट वाले वाले को सर्वप्रथम आईसोलेट करें। उसके बाद ही विद्युत आपूर्ति चालू करें। बिना पेट्रोलिंग के विद्युत आपूर्ति चालू न की जाए।