बलिया में बाढ़ का कहर : पानी के दबाव से नेशनल हाईवे कटा, गांव का संपर्क टूटा; दहशत में हैं ग्रामीण
बलिया में बाढ़ का कहर दिखने लगा है। बाढ़ से जिले के 27 गांवों की 32 हजार आबादी प्रभावित है। उधर, बुधवार को कोडरहा नौबरार जयप्रकाश नगर पंचायत का टीपुरी गांव में जाने वाले पुल के दोनों साइड का एप्रोच गंगा में बह गया।
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बलिया जिले में बैरिया थाना क्षेत्र के कोडरहा नौबरार जयप्रकाश नगर पंचायत का टीपुरी गांव में जाने वाले पुल के दोनों साइड का एप्रोच गंगा नदी के बाढ़ में विलीन हो गया। जिससे गांव में आने जाने का संपर्क टूट गया है। ऐसे में ग्रामीणों में दहशत का माहौल हो गया है।
बाढ़ से 27 गांवों की 32 हजार आबादी प्रभावित
जिले के दो छोर पर बहने वाली बड़ी नदी गंगा व सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। दोनों नदियों का जलस्तर खतरा बिंदु पार कर गया है। गंगा व घाघरा के अलावा छोटी नदियों के भी जलस्तर बढ़ने लगे हैं। इससे तटवर्ती इलाकों के गांवों में पानी घुस गया है। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। बाढ़ से जिले के 27 गांवों की 32 हजार आबादी और करीब 9500 हेक्टेयर भूभाग प्रभावित है।
इसके अलावा सरयू नदी की बाढ़ से गंगा, सरयू और टोंस नदी के जलस्तर में वृद्धि से 379 गांवों के 4 लाख 23 हजार 234 से अधिक की आबादी पर असर पड़ता है। इसका सीधा असर जिले के छह तहसीलों की आबादी पर पड़ता है। जिले में गंगा, सरयू व टोंस खतरा बिंदु से ऊपर बह रही हैं।
गंगा नदी बलिया सदर व बैरिया तहसील के उजियार से लेकर मांझीघाट तक गांवों को प्रभावित कर रही है। सरयू बेल्थरारोड, सिकंदरपुर, बांसडीह व बैरिया तहसील के गांवों में तबाही मचा रही है। टोंस नदी रसड़ा व चितबड़ागांव क्षेत्र और मगई सदर तहसील क्षेत्र के कुछ गांवों में अपना रौद्र रूप दिखा रही हैं।
बाढ़ के पानी के दबाव से नेशनल हाईवे कटा
गंगा और सरयू नदी में आई बाढ़ के पानी के दबाव से चांद दीयर पुलिस चौकी और यादव नगर बस्ती के बीच एनएच 31 कट गया। इससे यादव नगर बस्ती व बलिया छपरा रेल लाइन पर बाढ़ के पानी दबाव बन गया है। यादव नगर बस्ती में चीख पुकार मच गई है। सूचना पर मौके पर क्षेत्राधिकारी बैरिया उस्मान पहुंच चुके है ।
लोग कर रहे रतजगा, नहीं मिल रही मदद
गंगा की बाढ़ और पानी में घिरे गांवों में अभी तक प्रशासन की ओर से नावों की व्यवस्था नहीं हो पाई है। बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि दिन तो किसी तरह कट जा रहा है, लेकिन रात में जाग कर बाढ़ के पानी को निहार रहे हैं। गंगा का पानी जैसे ही मीडियम फलड लेवल को पार कर हाई फ्लड लेवल की ओर अग्रसर हुआ तो गंगा का पानी बंधे के दक्षिण दिशा में बसे गांव सदर तहसील के बादिलपुर, भरखोखा, जगछपरा, शुक्ल छपरा, धरमपुर, मझौवा, पोखरा, बघऊंच, मुडाडीह, बैरिया तहसील के चांद दियर, गोपाल नगर, इब्राहिमाबाद नौबरार, सुघर छपरा, दुबेछपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय के टोला, पांडेपुर, वंश गोपाल छपरा आदि गांवों के लोग घरों में दुबकने करने को विवश हो गए हैं।इन गांवों के लोग अपने बच्चों, माल मवेशियों को लेकर भी गांव में फंसे हुए हैं। दुबे छपरा निवासी सुनील कुमार, बद्री प्रसाद, गुड्डू प्रसाद, जगन्नाथ, छोटक, द्वारिका, शिवनाथ ठाकुर का कहना है कि प्रशासन की तरफ से ना तो नाव की ना ही मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था हुई है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर मंगलवार की सुबह 8:00 बजे 59.450 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही जलस्तर में प्रति घंटे दो सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है।
सरयू नदी की कटान की भेंट चढ़ी 60 एकड़ भूमि
चार परिषदीय स्कूल और एक सीएचसी पानी से घिरे
टोंस व मगई भी तबाही मचाने को आतुर
गंगा नदी में आई बाढ़ से टोंस व मगई नदी भी गड़हांचल में तबाही मचाने को आतुर दिखाई देने लगी है। बाढ़ के पानी से 2000 एकड़ में परवल, नेनुआ, भिंडी, बरबट्टी, खीरा, सतपुतिया, मक्का, धान की खेती को नुकसान पहुंचा है। इससे 156 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। शाहपुर, बभनौली कटान के मुहाने पर बसे लोग परेशान हो गए हैं।
अधिकारी बोले
गंगा, सरयू व टोंस नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से ऊपर है। कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। पीड़ितों तक राहत पहुंचाने का कार्य चल रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लेखपालों को रात नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। -देवेंद्र प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी