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जहरीली श्ाराब से मरने वालों की संख्या पांच हुई
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Thu, 17 Nov 2016 11:32 PM IST
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चित्तू पांडे चौराहे के समीप शराब पीने से मरने वालों की संख्या गुरुवार को पांच हो गई। मामले की जानकारी होते ही प्रशासन लीपापोती में जुट गया। पुलिस ने मरनेवालों में एक व्यक्ति की मौत का कारण हार्टअटैक तथा दूसरे की उच्च रक्तचाप से दिमाग की नस फटना बताया है। पुलिस प्रशासन के इस बयान पर अभी से सवाल उठने लगे हैं। जिला अस्पताल पहुंचे डीएम और एसपी ने मजिस्ट्रेट जांच का आदेश देते हुए प्रथमदृष्टया लापरवाही पाने पर शहर कोतवाल को निलंबित कर दिया।
डीएम ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। अभी जहरीली शराब से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। दो शवों को पोस्टमार्टम कराया गया है, रिपोर्ट आने पर कुछ कहा जा सकता है। बाकी तीन शवों का उनके परिवारवालों ने अंतिम संस्कार कर दिया।शहर कोतवाली के जगदीशपुर निवासी साधु (55), शिवकुमार (40), शंभू (50), विशुनीपुर के ऐनुद्दीन (40) व सिकंदरपुर थाना के बाराडीह निवासी मोहन (55) ने एक साथ मंगलवार की रात चित्तू पांडेय चौराहे के पास ओवरब्रिज के नीचे छक कर शराब पी थी।
मंगलवार की देर रात सभी की हालत बिगड़ने लगी थी। परिवार के लोगों ने उन्हें बुधवार की सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान बुधवार की शाम पहले ऐनु़द्दीन खां व शिवकुमार की मौत हो गई। जबकि मोहन और शंभू की मौत देर रात हुई। वहीं साधु की वाराणसी जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। शंभू, ऐनुद्दीन एवं शिवकुमार के परिवार के लोगों ने पुलिस को बताए बिना बुधवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, पांच लोगों की मौत की सूचना के बाद गुरुवार को जिला व पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया।
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जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस और पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने जिला अस्पताल के डाक्टरों का हवाला देते हुए बताया कि मोहन प्रसाद की मौत उच्च रक्तचाप से दिमाग की नस फटने की वजह से और साधु की मौत हार्टअटैक से हुई है। मोहन प्रसाद और साधु के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है, रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिवकुमार, ऐनुद्दीन व शंभू की मौत अल्कोहल से होने की आशंका है। प्रथमदृष्टया लापरवाही पाए जाने पर शहर कोतवाल सुनील कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मामले में मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी।
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डीएम ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। अभी जहरीली शराब से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। दो शवों को पोस्टमार्टम कराया गया है, रिपोर्ट आने पर कुछ कहा जा सकता है। बाकी तीन शवों का उनके परिवारवालों ने अंतिम संस्कार कर दिया।शहर कोतवाली के जगदीशपुर निवासी साधु (55), शिवकुमार (40), शंभू (50), विशुनीपुर के ऐनुद्दीन (40) व सिकंदरपुर थाना के बाराडीह निवासी मोहन (55) ने एक साथ मंगलवार की रात चित्तू पांडेय चौराहे के पास ओवरब्रिज के नीचे छक कर शराब पी थी।
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मंगलवार की देर रात सभी की हालत बिगड़ने लगी थी। परिवार के लोगों ने उन्हें बुधवार की सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान बुधवार की शाम पहले ऐनु़द्दीन खां व शिवकुमार की मौत हो गई। जबकि मोहन और शंभू की मौत देर रात हुई। वहीं साधु की वाराणसी जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। शंभू, ऐनुद्दीन एवं शिवकुमार के परिवार के लोगों ने पुलिस को बताए बिना बुधवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, पांच लोगों की मौत की सूचना के बाद गुरुवार को जिला व पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया।
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जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस और पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने जिला अस्पताल के डाक्टरों का हवाला देते हुए बताया कि मोहन प्रसाद की मौत उच्च रक्तचाप से दिमाग की नस फटने की वजह से और साधु की मौत हार्टअटैक से हुई है। मोहन प्रसाद और साधु के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है, रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिवकुमार, ऐनुद्दीन व शंभू की मौत अल्कोहल से होने की आशंका है। प्रथमदृष्टया लापरवाही पाए जाने पर शहर कोतवाल सुनील कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मामले में मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी।