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कटान की भेंट चढ़े पांच मकान, सहमे ग्रामीण
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नगरा राम लीला मैदान में जमा बरसात के पानी को निकालते
- फोटो : BALLIA
रामगढ़। गंगा की कटान से तबाही अभी थमी नहीं है। गंगापुर के पुरवा सुनार टोला रामगढ़ और चौबे छपरा में सोमवार को पांच मकान गंगा में समाहित हो गए। यह देख कर इन गांवों के लोगोें में दहशत है। उधर, गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर सोमवार की सुबह 8 बजे 59.220 मीटर दर्ज किया गया।
लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा उफान पर है। एक तो पहले से ही गंगा का पानी चारों तरफ गांव में फैला हुआ है लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर इस हालात में करे तो क्या करें। गंगा का कटान लगातार जारी है। सोमवार को सोनार टोला निवासी चन्नू लाल केशरी, चौबे छपरा के राजेश ओझा, अवधेश ओझा, कृष्ण कुमार ओझा, श्रीनिवास ओझा का मकान कटान के चलते गंगा में समा गया। लेखपाल लक्ष्मण सिंह व चौकी इंचार्ज रामगढ़ पंकज सिंह ने सुनार टोला रामगढ़ और चौबे छपरा के लोगों को घर खाली घर सुरक्षित स्थान पर जाने की बात कही।
सुनार टोला निवासी रिंकू गुप्ता का कहना है कि प्रशासन की तरफ से अब तक कोई सहायता नहीं उपलब्ध कराई गई है। समय रहते अगर जिला प्रशासन ने बाढ़ व कटान को रोकने का प्रयास किया रहता तो शायद आज यह नौबत नहीं आती। दूधनाथ गुप्ता का कहना है कि दिन तो किसी तरह कट जा रहा है लेकिन रात तो गंगा की लहरों को निहारते हुए बीत रहा है। हमेशा भय बना रहता है कि कब हम लोगों का घर गंगा में समाहित हो जाएगा। राकेश कुमार सोनी का कहना है कि राहत सामग्री के कुछ पैकेट हम पीड़ितों के बीच बांट कर प्रशासन ने केवल खानापूर्ति की है। इसी तरह प्रशासन की ओर से बने बाढ़ शरणालय भी दिखावा बन कर रह गया है। वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि जिला प्रशासन ने बाढ़ कटान रोकने का कोई ठोस पहल किया होता तो शायद आज गांव गंगा की लहरों में नहीं समाता। बाढ़ विभाग तो चाहता है कि जब गंगा उफान पर हो तब जमकर फ्लड फाइटिंग के तहत काम दिखाकर धन का बंदरबांट किया जाए।
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बैरिया: लगातार हो रहे इद्र की कहर मानें या प्राकृतिक आपदा ने बाढ़ पीड़ितों का जीना हराम कर दिया है। गंगा 18 दिनों से तबाही की कहानी लिख रही है। बीते चार दिनों से नदी ने कुछ रहम किया और बाढ़ पीड़ित जैसे ही राहत की सांस लेना शुरू किये थे कि वैसे ही गंगा के जलस्तर में बढ़ाव शुरु हो गया। यह देख बाढ़ पीड़ितों की चिंता बढ़ गई है। उधर, लगातार हुई बारिश भी बाढ़ पीड़ितों को सकते में डाल दी है। 16 सितंबर को दूबे छपरा रिंग बंधा गंगा की भेंट चढ़ जाने की वजह से कटान पीड़ितों ने राष्ट्रीय राज्यमार्ग 31 को सुरक्षित समझकर अपना जीवन बसर करना शुरू कर दिया लेकिन उनको क्या पता कि जो स्वयं अपने आप को सुरक्षित नहीं रख पा रहा वो इन बाढ़ पीड़ितों की रखवाली क्या कर पाएगा। शासन -प्रसाशन के द्वारा मिली सुविधा भी नदारद साबित हो रहा है ।
बारिश से चार मकान गिरे : जयप्रकाश नगर। लगातार बारिश के कारण विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के कोड़रहा नौबरार (जयप्रकाश नगर ) के भवन टोला गांव निवासी उमा सिंह और इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा ) निवासी अजीत साहनी का कच्चा मकान रविवार की शाम गिर गया। संयोग रहा कि कोई हताहत नहीं हुआ। पीड़ित परिजनों का हाल जानने तहसील प्रशासन कोई नुमाइंदा नहीं पहुंचा। जयप्रकाश नगर:। घाघरा नदी की बाढ़ से चांददीयर पंचायत की अधिकांश आबादी प्रभावित हो चुकी है। प्रशासन की ओर से सोमवार को 737 बाढ़ पीड़ितों में बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार गुलाब चंद्रा, लेखपाल मदन यादव आदि रहे। रामगढ़: इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह, लेखपाल लक्ष्मण सिंह व रामगढ़ पुलिस चौकी प्रभारी पंकज सिंह के द्वारा मझौवा मठिया के बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर ग्राम प्रधान श्याम कैलाश साह, अवधेश राम, गुप्तेश्वर नाथ वर्मा, अजय चौबे आदि रहे।
इंटक जिलाध्यक्ष ने राहत आयुक्त को सौंपा पत्रक : रामगढ़। इंटक के जिलाध्यक्ष व कांग्रेस नेता विनोद सिंह ने राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन को एक पत्रक देकर गोपालपुर, उदई छपरा, दुबे छपरा, केहरपुर व जगदेवा आदि गांवों के भूमिहीन बाढ़ पीड़ितों को एनएच के उत्तर दिशा में भूमि क्रय कर बसाने की मांग की है। राहत आयुक्त ने आश्वस्त किया है कि पूर्व की तरह कटान पीड़ितों को यदि उस ग्राम सभा में ग्रामसमाज की जमीन हो तो उस जमीन में पुनर्स्थापित किया जाएगा अन्यथा आसपास के ग्राम सभा में बसाया जाएगा। बगल के ग्राम सभा में जमीन ना मिलने के बाद शासन स्तर से भूमि क्रय कर कटान पीड़ितों को बसाया जाएगा।
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लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा उफान पर है। एक तो पहले से ही गंगा का पानी चारों तरफ गांव में फैला हुआ है लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर इस हालात में करे तो क्या करें। गंगा का कटान लगातार जारी है। सोमवार को सोनार टोला निवासी चन्नू लाल केशरी, चौबे छपरा के राजेश ओझा, अवधेश ओझा, कृष्ण कुमार ओझा, श्रीनिवास ओझा का मकान कटान के चलते गंगा में समा गया। लेखपाल लक्ष्मण सिंह व चौकी इंचार्ज रामगढ़ पंकज सिंह ने सुनार टोला रामगढ़ और चौबे छपरा के लोगों को घर खाली घर सुरक्षित स्थान पर जाने की बात कही।
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सुनार टोला निवासी रिंकू गुप्ता का कहना है कि प्रशासन की तरफ से अब तक कोई सहायता नहीं उपलब्ध कराई गई है। समय रहते अगर जिला प्रशासन ने बाढ़ व कटान को रोकने का प्रयास किया रहता तो शायद आज यह नौबत नहीं आती। दूधनाथ गुप्ता का कहना है कि दिन तो किसी तरह कट जा रहा है लेकिन रात तो गंगा की लहरों को निहारते हुए बीत रहा है। हमेशा भय बना रहता है कि कब हम लोगों का घर गंगा में समाहित हो जाएगा। राकेश कुमार सोनी का कहना है कि राहत सामग्री के कुछ पैकेट हम पीड़ितों के बीच बांट कर प्रशासन ने केवल खानापूर्ति की है। इसी तरह प्रशासन की ओर से बने बाढ़ शरणालय भी दिखावा बन कर रह गया है। वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि जिला प्रशासन ने बाढ़ कटान रोकने का कोई ठोस पहल किया होता तो शायद आज गांव गंगा की लहरों में नहीं समाता। बाढ़ विभाग तो चाहता है कि जब गंगा उफान पर हो तब जमकर फ्लड फाइटिंग के तहत काम दिखाकर धन का बंदरबांट किया जाए।
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बैरिया: लगातार हो रहे इद्र की कहर मानें या प्राकृतिक आपदा ने बाढ़ पीड़ितों का जीना हराम कर दिया है। गंगा 18 दिनों से तबाही की कहानी लिख रही है। बीते चार दिनों से नदी ने कुछ रहम किया और बाढ़ पीड़ित जैसे ही राहत की सांस लेना शुरू किये थे कि वैसे ही गंगा के जलस्तर में बढ़ाव शुरु हो गया। यह देख बाढ़ पीड़ितों की चिंता बढ़ गई है। उधर, लगातार हुई बारिश भी बाढ़ पीड़ितों को सकते में डाल दी है। 16 सितंबर को दूबे छपरा रिंग बंधा गंगा की भेंट चढ़ जाने की वजह से कटान पीड़ितों ने राष्ट्रीय राज्यमार्ग 31 को सुरक्षित समझकर अपना जीवन बसर करना शुरू कर दिया लेकिन उनको क्या पता कि जो स्वयं अपने आप को सुरक्षित नहीं रख पा रहा वो इन बाढ़ पीड़ितों की रखवाली क्या कर पाएगा। शासन -प्रसाशन के द्वारा मिली सुविधा भी नदारद साबित हो रहा है ।
बारिश से चार मकान गिरे : जयप्रकाश नगर। लगातार बारिश के कारण विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के कोड़रहा नौबरार (जयप्रकाश नगर ) के भवन टोला गांव निवासी उमा सिंह और इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगांवा ) निवासी अजीत साहनी का कच्चा मकान रविवार की शाम गिर गया। संयोग रहा कि कोई हताहत नहीं हुआ। पीड़ित परिजनों का हाल जानने तहसील प्रशासन कोई नुमाइंदा नहीं पहुंचा। जयप्रकाश नगर:। घाघरा नदी की बाढ़ से चांददीयर पंचायत की अधिकांश आबादी प्रभावित हो चुकी है। प्रशासन की ओर से सोमवार को 737 बाढ़ पीड़ितों में बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य, तहसीलदार गुलाब चंद्रा, लेखपाल मदन यादव आदि रहे। रामगढ़: इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह, लेखपाल लक्ष्मण सिंह व रामगढ़ पुलिस चौकी प्रभारी पंकज सिंह के द्वारा मझौवा मठिया के बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर ग्राम प्रधान श्याम कैलाश साह, अवधेश राम, गुप्तेश्वर नाथ वर्मा, अजय चौबे आदि रहे।
इंटक जिलाध्यक्ष ने राहत आयुक्त को सौंपा पत्रक : रामगढ़। इंटक के जिलाध्यक्ष व कांग्रेस नेता विनोद सिंह ने राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन को एक पत्रक देकर गोपालपुर, उदई छपरा, दुबे छपरा, केहरपुर व जगदेवा आदि गांवों के भूमिहीन बाढ़ पीड़ितों को एनएच के उत्तर दिशा में भूमि क्रय कर बसाने की मांग की है। राहत आयुक्त ने आश्वस्त किया है कि पूर्व की तरह कटान पीड़ितों को यदि उस ग्राम सभा में ग्रामसमाज की जमीन हो तो उस जमीन में पुनर्स्थापित किया जाएगा अन्यथा आसपास के ग्राम सभा में बसाया जाएगा। बगल के ग्राम सभा में जमीन ना मिलने के बाद शासन स्तर से भूमि क्रय कर कटान पीड़ितों को बसाया जाएगा।