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Ballia News: छह तहसीलों में पांच फायर स्टेशन, 105 की जगह 70 फायरमैन, चालकों की कमी
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गड़वार थाना क्षेत्र के नराव गांव स्थित खेत मे लगी आग तथा मौके पर मौजूद ग्रामीण। फाइल फोटो
- फोटो : 1
बलिया। अप्रैल में आग लगने की छोटी-बड़ी करीब 30 से ऊपर घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ी मंगाने में मशक्कत करनी पड़ती है। छह तहसीलों में पांच फायर स्टेशन हैं। 105 की जगह 70 फायरमैन की तैनाती है।
इस तरह से जनपद में आग बुझाने के लिए के लिए संसाधनों की कमी है। सर्वाधिक कमी चालकों की है। अग्निशमन विभाग के पास बड़े छोटे मिलाकर कुल 15 फायर टेंडर है लेकिन चालक सिर्फ तीन ही हैं। ऐसे में दो से अधिक स्थानों पर आग लग गई तो तीसरे स्थान पर लगी आग को बुझाना मुश्किल होगा। अप्रैल, मई व जून में आग की सर्वाधिक घटनाएं होती हैं। एक साथ कई जगहों पर आग लगने पर चालकोंं की कमी से अग्निशमन विभाग भी असहाय नजर आता है। मौजूदा संसाधन से लोगों के आशियानों को आग की विभीषिका से बचाया नहीं जा सकता है। हालांकि, विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि घटना के मुताबिक वैकल्पिक प्रबंध किए जाते हैं। विभाग के दूसरे कर्मियों की भी मदद ली जाती है। जो फायर टेंडर चलाने में पारंगत होते हैं।
जिले में छह तहसीलों में रसड़ा, बेल्थरारोड़ के निछुआडीह, बांसडीह, सदर व बैरिया में फायर स्टेशन है, सिकंदरपुर तहसील में निर्माणाधीन है। 2,361 गांवों में रहने वाली करीब 40 लाख की आबादी की आग बुझाने की जिम्मेदारी पांच फायर स्टेशन पर है। जहां 105 के सापेक्ष सिर्फ 70 फायरमैन व 12 चालक के सापेक्ष सिर्फ तीन चालक तैनात हैं। जबकि छोटी बड़ी मिलाकर करीब 15 दमकल की गाड़िया हैं। अप्रैल का पहला सप्ताह चल रहा है, एक सप्ताह में 20 से अधिक खेतों व रिहायशी झोपड़ियों में आगलगी की घटना में 40 एकड़ से अधिक खेत की फसल व लाखों रुपया की गृहस्थी व आभूषण का जलकर राख हो गया। वर्ष 2025 में शहर से लेकर ग्रामीण खेत, खलिहान, आवासीय झोपड़ी व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में करीब 547 घटनाएं हुई थीं।
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चिलकहर-मटिही मार्ग पर मार्च में किराने के होलसेल दुकान में आग लगने से दुकानदार की पत्नी व बेटा की झुलस कर मौत हो गई। दुकानदार रोशनदान से कूद कर जान बचाया। दो मंजिला मकान निर्माण के दौरान आग से बचाव के इंतजाम नहीं किया गया था।
रसड़ा तहसील के नगहर निवासी विनोद कुमार की छह बिगहा की गेंहू की फसल जलकर राख हो गई। फेफना थाना के बघेजी गांव में दो दिन पूर्व आग लगी में गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया।
गर्मी के दिनों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हो जाती है। आग लगने की घटना की सूचना पर मौके पर टीम पहुंच कर आग बुझाने में लग जाती है। लोगों को आग लगने की घटना से बचाव को लेकर जागरूकता किया जा रहा है। कम संसाधन के बावजूद टीम पुरी मुस्तैदी के साथ काम करती है। - भारतेंदु जोशी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी बलिया।
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इस तरह से जनपद में आग बुझाने के लिए के लिए संसाधनों की कमी है। सर्वाधिक कमी चालकों की है। अग्निशमन विभाग के पास बड़े छोटे मिलाकर कुल 15 फायर टेंडर है लेकिन चालक सिर्फ तीन ही हैं। ऐसे में दो से अधिक स्थानों पर आग लग गई तो तीसरे स्थान पर लगी आग को बुझाना मुश्किल होगा। अप्रैल, मई व जून में आग की सर्वाधिक घटनाएं होती हैं। एक साथ कई जगहों पर आग लगने पर चालकोंं की कमी से अग्निशमन विभाग भी असहाय नजर आता है। मौजूदा संसाधन से लोगों के आशियानों को आग की विभीषिका से बचाया नहीं जा सकता है। हालांकि, विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि घटना के मुताबिक वैकल्पिक प्रबंध किए जाते हैं। विभाग के दूसरे कर्मियों की भी मदद ली जाती है। जो फायर टेंडर चलाने में पारंगत होते हैं।
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जिले में छह तहसीलों में रसड़ा, बेल्थरारोड़ के निछुआडीह, बांसडीह, सदर व बैरिया में फायर स्टेशन है, सिकंदरपुर तहसील में निर्माणाधीन है। 2,361 गांवों में रहने वाली करीब 40 लाख की आबादी की आग बुझाने की जिम्मेदारी पांच फायर स्टेशन पर है। जहां 105 के सापेक्ष सिर्फ 70 फायरमैन व 12 चालक के सापेक्ष सिर्फ तीन चालक तैनात हैं। जबकि छोटी बड़ी मिलाकर करीब 15 दमकल की गाड़िया हैं। अप्रैल का पहला सप्ताह चल रहा है, एक सप्ताह में 20 से अधिक खेतों व रिहायशी झोपड़ियों में आगलगी की घटना में 40 एकड़ से अधिक खेत की फसल व लाखों रुपया की गृहस्थी व आभूषण का जलकर राख हो गया। वर्ष 2025 में शहर से लेकर ग्रामीण खेत, खलिहान, आवासीय झोपड़ी व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में करीब 547 घटनाएं हुई थीं।
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चिलकहर-मटिही मार्ग पर मार्च में किराने के होलसेल दुकान में आग लगने से दुकानदार की पत्नी व बेटा की झुलस कर मौत हो गई। दुकानदार रोशनदान से कूद कर जान बचाया। दो मंजिला मकान निर्माण के दौरान आग से बचाव के इंतजाम नहीं किया गया था।
रसड़ा तहसील के नगहर निवासी विनोद कुमार की छह बिगहा की गेंहू की फसल जलकर राख हो गई। फेफना थाना के बघेजी गांव में दो दिन पूर्व आग लगी में गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया।
गर्मी के दिनों में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हो जाती है। आग लगने की घटना की सूचना पर मौके पर टीम पहुंच कर आग बुझाने में लग जाती है। लोगों को आग लगने की घटना से बचाव को लेकर जागरूकता किया जा रहा है। कम संसाधन के बावजूद टीम पुरी मुस्तैदी के साथ काम करती है। - भारतेंदु जोशी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी बलिया।