फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Five doctors posted in government hospitals left their jobs in two years

Ballia News: सरकारी अस्पतालों में तैनात पांच चिकित्सकों ने छोड़ी दो वर्ष में नौकरी

Fri, 20 Oct 2023 10:25 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Oct 2023 10:25 PM IST
विज्ञापन
Five doctors posted in government hospitals left their jobs in two years
जनपद में स्वास्थ्य सुविधा की हालत बेहद खराब है। सरकारी अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। वहीं क्लीनिक व नर्सिंग होम की संख्या आए दिन बढ़ रही है। सरकारी नौकरी छोड़ चिकित्सक स्वयं का निजी अस्पताल खोल रहे हैं। चिकित्सकों की कमी को स्वास्थ्य विभाग अभी पूरा नहीं कर सका है। कोरोना काल के बाद जिले के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में तैनात पांच डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी और सात चिकित्सक पीजी करने गए जो अभी तक वापस नहीं लौटे हैं, सभी को मिलाकर 12 चिकित्सक सेवा नहीं दे रहे हैं। इसमें तीन महिला चिकित्सक भी शामिल हैं।
विज्ञापन

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के पद लगातार खाली हो रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो नौकरी छोड़ने की मुख्य वजहों में बेवजह दबाव, ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधन की कमी, वीआईपी ड्यूटी, मेडिको लीगल व डॉक्टरों से होने वाला दुर्व्यवहार शामिल है। डॉक्टर सरकारी से प्राइवेट अस्पतालों का रुख कर रहे है। जिले में बीते दो वर्षो में जिला अस्पताल में तैनात एक फिजीशियन, एक रेडियोलाजिस्ट व जिला महिला अस्पताल की दो महिला चिकित्सक व एक बालरोग विशेषज्ञ ने नौकरी छोड़ कर अपना निजी नर्सिंग होम चला रहे हैं। जिले में 205 चिकित्सकों का पद है, उसके सापेक्ष सिर्फ 90 डाॅक्टर तैनात हैं। जिले में सिर्फ छह महिला रोग विशेषज्ञ तैनात है। चिकित्सकाें की कमी के कारण सरकारी अस्पतालों में बेहतर चिकित्सकीय सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में लेबल वन के डाॅक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। गंभीर मरीजों को सिर्फ रेफर करते हैं। जिले में 78 नर्सिंग होम और 30 क्लीनिक पंजीकृत है। दो वर्षो में चार नए अस्पताल खुले है।
विज्ञापन

प्रदेश में चिकित्सकों की भारी कमी है। पिछले दिनों 12 डाॅक्टरों की तैनाती हुई थी, जिसमें आधे से ज्यादा नहीं आए है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर किया जा रहा है। पीजी करने के नाम पर गए चिकित्सकों को वापस लौटने के लिए नोटिस जारी होगा। --- डाॅ. विजय पति द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed