लालगंज। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही लहरों ने खेतों को निगलना शुरू कर दिया है। गुरुवार सुबह सेमरिया डेरा के सामने अचानक कटान होने लगी। इससे बहुआरा और मुरारपट्टी के मौजा के करीब पांच बिस्वा खेती योग्य भूमि नदी में समा गई। कटान से कुछ ही मीटर दूर स्थित बस्तियों में अफरातफरी मच गई। हालांकि थोड़ी देर के बाद ही कटान रुक गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
गत दो दिनों से गंगा के जलस्तर में हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण कटान की वजह से अचानक बस्ती में अफरातफरी मच गई है। लोग भागकर गंगा तट की तरफ दौड़े और वहां की स्थिति देखी। अपने कीमती सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की सोच रहे। लगभग दो घंटे के कटान के बाद कटान की गति थम गई। लोगों ने राहत की सांस ली। कटान की विभीषिका को देखकर सेमरिया के डेरा, बिंद बस्ती, जगदीशपुर, नारायण राय का डेरा आदि बस्तियों के लोग सकते में हैं। बस्तीवासियों का कहना है कि कटानरोधी कार्य हुआ था लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाने के कारण वह कारगर सिद्ध नहीं हुआ।