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Ballia News: फर्जी जाति प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर के आदेश
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विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट महेश चंद्र वर्मा की अदालत ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज कराने के मामले में जाति प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश सीओ बांसडीह को दिए हैं।
अभियुक्त पवन वर्मा पुत्र हृदयानंद वर्मा, अजय प्रकाश वर्मा पुत्र देवराज वर्मा निवासी जयतिपह थाना बासडीह के खिलाफ बांसडीह रोड थाने में दर्ज एक मामले में विवेचक एवं सीओ शिवनारायण बैस ने विवेचना के दौरान प्रदीप कुमार तथा नीरज कुमार का जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के संबंध में न्यायालय में एससी-एसटी एक्ट हटाने के संबंध में रिमांड पत्रावली प्रस्तुत की थी।
न्यायालय ने केस डायरी का अवलोकन किया। इसमें पाया गया कि उप जिलाधिकारी बासडीह राजेश कुमार गुप्ता की जांच रिपोर्ट 15 जुलाई 2023 संलग्न है। इसमें नीरज प्रसाद पुत्र बलराम प्रसाद तथा प्रदीप कुमार प्रसाद पुत्र राम प्रसाद का तत्कालीन तहसीलदार मुकेश कुमार सिंह द्वारा जारी प्रमाण पत्र 16 फरवरी 2018 एवं 7 अप्रैल 2018 में उन्हें तुरैहा जाति के होने के संबंध में अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
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इससे पता चलता है कि तहसीलदार और अधीनस्थ कर्मचारियों की ओर से साजिश के आधार पर उक्त जाति प्रमाणपत्र जारी किया गया। यह एक गंभीर अपराध है। इसके कारण अभियुक्तों पर एससी-एसटी एक्ट लगाया गया। उन्होंने विवेचक एवं क्षेत्र अधिकारी को निर्देशित किया कि फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर 7 दिन के अंदर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें। साथ ही अभियुक्तों को रिमांड परिवर्तन के लिए 21 जुलाई को तलब किया।
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अभियुक्त पवन वर्मा पुत्र हृदयानंद वर्मा, अजय प्रकाश वर्मा पुत्र देवराज वर्मा निवासी जयतिपह थाना बासडीह के खिलाफ बांसडीह रोड थाने में दर्ज एक मामले में विवेचक एवं सीओ शिवनारायण बैस ने विवेचना के दौरान प्रदीप कुमार तथा नीरज कुमार का जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के संबंध में न्यायालय में एससी-एसटी एक्ट हटाने के संबंध में रिमांड पत्रावली प्रस्तुत की थी।
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न्यायालय ने केस डायरी का अवलोकन किया। इसमें पाया गया कि उप जिलाधिकारी बासडीह राजेश कुमार गुप्ता की जांच रिपोर्ट 15 जुलाई 2023 संलग्न है। इसमें नीरज प्रसाद पुत्र बलराम प्रसाद तथा प्रदीप कुमार प्रसाद पुत्र राम प्रसाद का तत्कालीन तहसीलदार मुकेश कुमार सिंह द्वारा जारी प्रमाण पत्र 16 फरवरी 2018 एवं 7 अप्रैल 2018 में उन्हें तुरैहा जाति के होने के संबंध में अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
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इससे पता चलता है कि तहसीलदार और अधीनस्थ कर्मचारियों की ओर से साजिश के आधार पर उक्त जाति प्रमाणपत्र जारी किया गया। यह एक गंभीर अपराध है। इसके कारण अभियुक्तों पर एससी-एसटी एक्ट लगाया गया। उन्होंने विवेचक एवं क्षेत्र अधिकारी को निर्देशित किया कि फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर 7 दिन के अंदर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें। साथ ही अभियुक्तों को रिमांड परिवर्तन के लिए 21 जुलाई को तलब किया।