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चिंगारी बनी ज्वाला: आंखों के सामने 50 बीघे गेहूं की फसल राख, आग में समा गई खून-पसीने की कमाई; बिलख पड़े किसान
Thu, 04 Apr 2024 05:52 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 04 Apr 2024 05:52 PM IST
सार
Ballia News: आग को बुझाने के लिए हर कोई खेत की तरफ दौड़ा। पानी फेंके गए बावजूद इसके हवा इतनी तेज थी कि आग बढ़ती ही जा रही थी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम भी विफल नजर आई। अगलगी की घटना की खबर गांवों में फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ खेतों में उतर आई थी।
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खेत में लगी आग को बुझाते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बलिया के बांसडीह क्षेत्र के सुल्तानपुर (चक्की दियर) में गुरुवार की दोपहर ट्रैक्टर-थ्रेसर में डंठल फंसने से निकली चिंगारी ने क्षेत्र के 50 बीघे गेहूं की खड़ी फसल को जलाकर नष्ट कर दिया। किसानों के खून-पसीने की कमाई देखते-देखते आग की लपटों में समा गई।
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गांव के भरत सिंह के खेत में थ्रेसर से गेहूं की मड़ाई हो रही थी। इसी दौरान थ्रेसर में गेहूं के डंठल फंस गए। अचानक थ्रेसर के चेंबर से आग की लपटें निकल कर खेत में जा गिरी। थ्रेसिंग करा रहे मौजूद लोग जैसे ही खेतों की तरफ लपके आग तेजी से फैलनी शुरू हो गई। शोर मचाने पर जुटे ग्रामीणों ने आग को बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन तेज हवाओं के साथ आग भी और तेज होती चली गई।
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अगलगी में हरिनाथ राम, बुचन, मानती देवी, मुन्ना, महेंद्र, मैनेजर, साहब राम, पप्पू यादव, जलेसर यादव, ददन यादव, वकील यादव, मदन, हृदयानंद, लल्लन व नंदलाल की 50 बीघा से अधिक के रकबे की फसल आग की भेंट चढ़ गई। अगलगी की घटना की खबर गांवों में फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ खेतों में उतर आई थी।
आग की विभीषिका इतनी खतरनाक थी कि मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के कर्मी भी किंकर्तव्यविमूढ़ दिखाई दिए। चौतरफा फैलती चली जा रही आग की लपटों ने किसी का बस नहीं चलने दिया और पूरी तरह तांडव मचाने के बाद ही आग शांत हुई।