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भारत बंद का नहीं दिखा असर, किसान संगठनों ने किया प्रदर्शन
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भारत बन्द के दौरान कलक्ट्रेट प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : BALLIA
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बलिया। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों की ओर से प्रस्तावित भारत बंद का जनपद में इसका कोई खास असर नहीं दिखा। शहर में एक-आध दुकानों को छोड़कर सभी खुली रहीं। किसान संगठनों की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया। शहर के चित्तू पांडेय चौराहे पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया। इस दौरान पुलिस के साथ छीनाझपटी भी हुई। बंद को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट रहा।
अखिल भारतीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद के समर्थन में सोमवार को जनपद के किसानों के विभिन्न संगठनों ने कलेक्ट्रेट परिसर, सहतवार, रेवती, सिकंदरपुर, रतसर, बैरिया, रसड़ा, मनियर में धरना दिया। इसके अलावा, मार्च निकाल विरोध जताया। भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने पार्टी के जिला कमेटी के सदस्य लक्ष्मण यादव के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। नगर के चित्तू पांडेय चौराहा पर पुलिस से छीना-झपटी के बीच केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। सरकार से पूंजीपतियों केे हित में तीनों नए कृषि कानून को वापस लेने की मांग की। कहा कि देश का किसान पिछले 10 महीनों से दिल्ली की सीमाओं और देश के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्वक धरना देकर किसान विरोधी काले कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार बात नहीं सुन रही है। उसे कुचलने का प्रयास कर रही है। धरने में अखिल भारतीय किसान महासभा, किसान फ्रंट, केंद्रीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय किसान महासभा, दवा प्रतिनिधि महासभा, आदमी किसान फ्रंट के लोग काफी संख्या में मौजूद रहे। इस मौके पर शिव विलास, जयराम चौहान, मो यूसुफ, रामानंद गोंड सहित दर्जनों लोग शामिल रहे। संयुक्त किसान मोर्चा ने कैंडल मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन रेलवे प्लेटफार्म के पास पुलिस ने रोक दिया। कहा कि धारा 144 लगी है। जनार्दन सिंह, रामजियावन यादव, शैलेश कुमार सिंह, शैलेंदर, सत्यप्रकाश सिंह, परमात्मा नंद, अवधेश वर्मा, अजय कुमार पांडेय थे। रेवती में बंद का मिलाजुला असर रहा। किसान सभा के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय और भाकपा नेता ओमप्रकाश कुंवर के नेतृत्व में ब्लाक कार्यालय से जुलूस के शक्ल में सीएचसी, बस स्टैंड, थाना रोड, बीज गोदाम रोड, बड़ी बाजार की दुकानों को बंद करने की अपील की। नुुक्कड़ सभाओं के बाद आंदोलनरत लोग रेेवती रेलवे स्टेशन पहुंचे। नारेबाजी करने के बाद वापस लौट गए। एसएचओ अमित कुुुमार सिंह फोर्स के साथ भ्रमण पर रहे। बेल्थरारोड में पहले से साप्ताहिक बंदी ती। मोर्चा के नेता ओमप्रकाश गुप्त के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर भ्रमण किया। रतसर में बंद निष्प्रभावी रहा। बाजार में बंद दुकानों को पुलिस ने यह कहते हुए खुलवा दिया कि बंदी के लिए किसी भी किसान संगठन ने प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली है। एसओ गड़वार प्रवीण कुमार सिंह नजर रखे रहे। बांसडीह कस्बे में बंदी का असर न के बराबर रहा। अधिकांश दुकानें खुली रहीं। सिकंदरपुर में माले कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। माले नेता श्रीराम चौधरी और कामरेड नियाज अहमद के नेतृत्व में दुकानें बंद कराई गईं। श्रीराम चौधरी ने कहा कि यह लड़ाई देश की सरकार और उनके पूंजीपतियों दोस्तों के खिलाफ है। सीओ अशोक कुमार मिश्र, एसएचओ सुभाष चंद यादव दलबल के साथ मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद के समर्थन में सोमवार को जनपद के किसानों के विभिन्न संगठनों ने कलेक्ट्रेट परिसर, सहतवार, रेवती, सिकंदरपुर, रतसर, बैरिया, रसड़ा, मनियर में धरना दिया। इसके अलावा, मार्च निकाल विरोध जताया। भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने पार्टी के जिला कमेटी के सदस्य लक्ष्मण यादव के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। नगर के चित्तू पांडेय चौराहा पर पुलिस से छीना-झपटी के बीच केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। सरकार से पूंजीपतियों केे हित में तीनों नए कृषि कानून को वापस लेने की मांग की। कहा कि देश का किसान पिछले 10 महीनों से दिल्ली की सीमाओं और देश के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्वक धरना देकर किसान विरोधी काले कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार बात नहीं सुन रही है। उसे कुचलने का प्रयास कर रही है। धरने में अखिल भारतीय किसान महासभा, किसान फ्रंट, केंद्रीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय किसान महासभा, दवा प्रतिनिधि महासभा, आदमी किसान फ्रंट के लोग काफी संख्या में मौजूद रहे। इस मौके पर शिव विलास, जयराम चौहान, मो यूसुफ, रामानंद गोंड सहित दर्जनों लोग शामिल रहे। संयुक्त किसान मोर्चा ने कैंडल मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन रेलवे प्लेटफार्म के पास पुलिस ने रोक दिया। कहा कि धारा 144 लगी है। जनार्दन सिंह, रामजियावन यादव, शैलेश कुमार सिंह, शैलेंदर, सत्यप्रकाश सिंह, परमात्मा नंद, अवधेश वर्मा, अजय कुमार पांडेय थे। रेवती में बंद का मिलाजुला असर रहा। किसान सभा के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय और भाकपा नेता ओमप्रकाश कुंवर के नेतृत्व में ब्लाक कार्यालय से जुलूस के शक्ल में सीएचसी, बस स्टैंड, थाना रोड, बीज गोदाम रोड, बड़ी बाजार की दुकानों को बंद करने की अपील की। नुुक्कड़ सभाओं के बाद आंदोलनरत लोग रेेवती रेलवे स्टेशन पहुंचे। नारेबाजी करने के बाद वापस लौट गए। एसएचओ अमित कुुुमार सिंह फोर्स के साथ भ्रमण पर रहे। बेल्थरारोड में पहले से साप्ताहिक बंदी ती। मोर्चा के नेता ओमप्रकाश गुप्त के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर भ्रमण किया। रतसर में बंद निष्प्रभावी रहा। बाजार में बंद दुकानों को पुलिस ने यह कहते हुए खुलवा दिया कि बंदी के लिए किसी भी किसान संगठन ने प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली है। एसओ गड़वार प्रवीण कुमार सिंह नजर रखे रहे। बांसडीह कस्बे में बंदी का असर न के बराबर रहा। अधिकांश दुकानें खुली रहीं। सिकंदरपुर में माले कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। माले नेता श्रीराम चौधरी और कामरेड नियाज अहमद के नेतृत्व में दुकानें बंद कराई गईं। श्रीराम चौधरी ने कहा कि यह लड़ाई देश की सरकार और उनके पूंजीपतियों दोस्तों के खिलाफ है। सीओ अशोक कुमार मिश्र, एसएचओ सुभाष चंद यादव दलबल के साथ मौजूद रहे।
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