{"_id":"a4aa1af0f3c1f0a1470c0034dcfd9b6e","slug":"false-affidavit-narad-rai-case-order-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलत शपथ पत्र, नारद राय पर केस के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलत शपथ पत्र, नारद राय पर केस के आदेश
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव में दाखिल शपथ पत्र में गलत सूचना देने के मामले में पूर्व मंत्री नारद राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शोभनाथ सिंह की अदालत ने बुधवार को दिया। इस बारे में माल्देपुर के चंद्रमणि राय ने कोर्ट में वाद दाखिल किया था।
फेफना थाना क्षेत्र के माल्देपुर निवासी चंद्रमणि राय का आरोप था कि 2012 के विधानसभा चुनाव में नारद राय नगर क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। उन्होंने अपने शपथ पत्र में गलत सूचनाएं देकर निर्वाचन आयोग को गुमराह किया।
आयोग के निर्वाचन फार्म के पैरा 3 क, ख, ग में पूछा गया था कि क्या आवेदक पर कोई आपराधिक मामला किसी न्यायालय में लंबित है। अपने शपथ पत्र में राय ने इस कालम में शून्य और नहीं भरा है जबकि उनके ऊपर दो मुकदमे पहले से चल रहे थे।
विज्ञापन
आरोप है कि नगर विधायक ने कई और तथ्यों को छिपाकर तथा खुद को आर्थिक लाभ पहुंचाने की नीयत से कूटरचित अभिलेख तैयार कर चुनाव लड़ा था।
सत्ता पक्ष के प्रभाव में कोई कार्रवाई नहीं होने पर वादी ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। मुकदमों को संज्ञान में लेने और मामले की सुनवाई करते हुए सीजेएम शोभनाथ सिंह की अदालत ने प्रकरण को गंभीर प्रकृति का मानते हुए पूर्वमंत्री नारद राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली को दिया है। इस मामले में पूर्व मंत्री का पक्ष जानने के लिए उन्हें कई बार फोन किया गया पर उन्होंने फोन नहीं उठाया।
विज्ञापन
फेफना थाना क्षेत्र के माल्देपुर निवासी चंद्रमणि राय का आरोप था कि 2012 के विधानसभा चुनाव में नारद राय नगर क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। उन्होंने अपने शपथ पत्र में गलत सूचनाएं देकर निर्वाचन आयोग को गुमराह किया।
विज्ञापन
आयोग के निर्वाचन फार्म के पैरा 3 क, ख, ग में पूछा गया था कि क्या आवेदक पर कोई आपराधिक मामला किसी न्यायालय में लंबित है। अपने शपथ पत्र में राय ने इस कालम में शून्य और नहीं भरा है जबकि उनके ऊपर दो मुकदमे पहले से चल रहे थे।
विज्ञापन
आरोप है कि नगर विधायक ने कई और तथ्यों को छिपाकर तथा खुद को आर्थिक लाभ पहुंचाने की नीयत से कूटरचित अभिलेख तैयार कर चुनाव लड़ा था।
सत्ता पक्ष के प्रभाव में कोई कार्रवाई नहीं होने पर वादी ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। मुकदमों को संज्ञान में लेने और मामले की सुनवाई करते हुए सीजेएम शोभनाथ सिंह की अदालत ने प्रकरण को गंभीर प्रकृति का मानते हुए पूर्वमंत्री नारद राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली को दिया है। इस मामले में पूर्व मंत्री का पक्ष जानने के लिए उन्हें कई बार फोन किया गया पर उन्होंने फोन नहीं उठाया।