{"_id":"62e6c543eb1eba149b1733e3","slug":"facilities-available-in-installments-in-the-absence-of-inauguration-ballia-news-vns6669477187","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्घाटन के अभाव में किस्तों में मिल रही सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्घाटन के अभाव में किस्तों में मिल रही सुविधाएं
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर करोड़ की लागत से सुंदरीकरण का कार्य कराया गया है। इसमें एस्केलेटर सुविधा, पार्क, हाई मास्ट लाइट आदि कई सुविधाएं रेल यात्रियों को देने के लिए तैयार की गई हैं। लेकिन उद्घाटन के अभाव में लोगों को इन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उद्घाटन न होने से एक्सीलेटर को सुबह में केवल 3-4 घंटे चलाया जा रहा है। वहीं फव्वारा न लगने से पार्क की सुविधा भी पूरी तरीके से लोगों को नहीं मिल पा रही हैं।
स्थानीय रेलवे स्टेशन की तस्वीर तेजी से बदल रही है। स्टेशन पर करोड़ों की लागत से एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ी) लगाने के साथ ही कई सुंदरीकरण का काम चल रहा है। मीटर गेज से ब्राड गेज में परिवर्तन के बाद रेलवे स्टेशन को मॉडल श्रेणी का दर्जा मिला। इस तमगे के बावजूद स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव रहा। लोग हमेशा स्टेशन के सुंदरीकरण और अन्य सुविधाओं को लेकर नेताओं व अधिकारियों से मांग करते हैं। इसी बीच कुछ साल पहले स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशनों की श्रेणी में शामिल कर लिया गया। यात्रियों को किसी प्रकार की तकलीफ न हो, स्टेशन साफ-सुथरा और सुंदर दिखे, इसके लिए कई प्रस्ताव तैयार किए गए।
रेलवे स्टेशन पर फिलहाल जिन योजनाओं पर काम हो रहा है उसमें, एस्केलेटर और प्लेटफार्मों के सुंदरीकरण का कार्य शामिल है। रेलवे स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज के साथ एस्केलेटर लगाने का काम पूरा हो चुका है। एस्केलेटर का ट्रायल भी हो चुका है।
विज्ञापन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार एस्केलेटर को फिलहाल सुबह आठ से 12 बजे तक तीन से चार घंटे चलाया जा रहा है। उद्घाटन के बाद इसे 24 घंटे के लिए चालू किया जाएगा। एस्केलेटर का उद्धाटन नहीं होने से यात्रियों को पूरी तरीके से इसका फायदा नहीं मिल रहा है। अब भी यात्री फुट ओवर ब्रिज से आते-जाते हैं। बलिया रेलवे स्टेशन पर 36 जोड़ी ट्रेनों के ठहराव हैं। हर रोज हजारों यात्री यहां आते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में मुंबई, सूरत, दिल्ली, कोलकाता, आसाम के साथ ही अन्य जगहों के लिए रेलगाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में एस्केलेटर की सुविधा शुरू होने से वृद्ध और बीमार रेल यात्रियों को सहूलियत होगी। छपरा-वाराणसी रूट पर सबसे अधिक आमदनी देने वाला स्टेशन है।
सुंदरता के लिए पार्क भी तैयार
मॉडल रेलवे स्टेशन की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए गेट नंबर एक से सामने सुंदर पार्क भी बनकर तैयार है। पार्क में फव्वारा लगाने का कार्य शेष है, जिसे जल्द लगाने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही स्टेशन पर दो हाईमास्ट लाइटें भी लगाई गई हैं। इसमें एक चालू हैं। दूसरी को चालू करने के लिए उद्घाटन का इंतजार है। रेलवे स्टेशन पर जिले की पौराणिक व क्रांतिकारी तस्वीरों को भी उकेरा गया है।
विज्ञापन
स्थानीय रेलवे स्टेशन की तस्वीर तेजी से बदल रही है। स्टेशन पर करोड़ों की लागत से एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ी) लगाने के साथ ही कई सुंदरीकरण का काम चल रहा है। मीटर गेज से ब्राड गेज में परिवर्तन के बाद रेलवे स्टेशन को मॉडल श्रेणी का दर्जा मिला। इस तमगे के बावजूद स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव रहा। लोग हमेशा स्टेशन के सुंदरीकरण और अन्य सुविधाओं को लेकर नेताओं व अधिकारियों से मांग करते हैं। इसी बीच कुछ साल पहले स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशनों की श्रेणी में शामिल कर लिया गया। यात्रियों को किसी प्रकार की तकलीफ न हो, स्टेशन साफ-सुथरा और सुंदर दिखे, इसके लिए कई प्रस्ताव तैयार किए गए।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर फिलहाल जिन योजनाओं पर काम हो रहा है उसमें, एस्केलेटर और प्लेटफार्मों के सुंदरीकरण का कार्य शामिल है। रेलवे स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज के साथ एस्केलेटर लगाने का काम पूरा हो चुका है। एस्केलेटर का ट्रायल भी हो चुका है।
विज्ञापन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार एस्केलेटर को फिलहाल सुबह आठ से 12 बजे तक तीन से चार घंटे चलाया जा रहा है। उद्घाटन के बाद इसे 24 घंटे के लिए चालू किया जाएगा। एस्केलेटर का उद्धाटन नहीं होने से यात्रियों को पूरी तरीके से इसका फायदा नहीं मिल रहा है। अब भी यात्री फुट ओवर ब्रिज से आते-जाते हैं। बलिया रेलवे स्टेशन पर 36 जोड़ी ट्रेनों के ठहराव हैं। हर रोज हजारों यात्री यहां आते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में मुंबई, सूरत, दिल्ली, कोलकाता, आसाम के साथ ही अन्य जगहों के लिए रेलगाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में एस्केलेटर की सुविधा शुरू होने से वृद्ध और बीमार रेल यात्रियों को सहूलियत होगी। छपरा-वाराणसी रूट पर सबसे अधिक आमदनी देने वाला स्टेशन है।
सुंदरता के लिए पार्क भी तैयार
मॉडल रेलवे स्टेशन की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए गेट नंबर एक से सामने सुंदर पार्क भी बनकर तैयार है। पार्क में फव्वारा लगाने का कार्य शेष है, जिसे जल्द लगाने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही स्टेशन पर दो हाईमास्ट लाइटें भी लगाई गई हैं। इसमें एक चालू हैं। दूसरी को चालू करने के लिए उद्घाटन का इंतजार है। रेलवे स्टेशन पर जिले की पौराणिक व क्रांतिकारी तस्वीरों को भी उकेरा गया है।