{"_id":"8e376d2f6248784ad473d74c2bb69396","slug":"extracted-from-pomp-journey-lingam-xii-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से निकाली द्वादश शिवलिंग यात्रा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से निकाली द्वादश शिवलिंग यात्रा
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sun, 15 Feb 2015 10:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से रविवार की सुबह रकबा टोला तहसील रोड स्थित सेवा केंद्र से त्रिमूर्ति शिव जयंती के उपलक्ष्य में द्वादश शिवलिंग यात्रा निकाली गई। यात्रा को तहसीलदार श्रीप्रकाश सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यात्रा में सैकड़ों भाई-बहनों ने बैरिया, शुभनथहीं, सावनछपरा, लालगंज और बहुआरा सहित दर्जनों गांवों में द्वादश शिवलिंग यात्रा के माध्यम से जन-जन के चरित्र निर्माण तथा मर्यादित जीवन जीने की कला, विश्व शांति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परमात्मा सभी आत्माओं के पिता हैं।
परमात्मा को हम भगवान, अल्लाह, गार्ड, खुदा आदि नाम से जानते हैं। निराकार ज्योति बिन्दु रूप है। यात्रा में शामिल लोगों ने बताया कि पांच हजार वर्ष पहले भी आज ही की तरह परिस्थितियां थीं।
विज्ञापन
जिनका निवारण शिव पिता ने अवतरित होकर किया था। यात्रा का संचालन बहन कुमारी, कविता, सचिता, अजय, नरेंद्र, दीपचंद्र, शिवदास, पशुराम, श्रीभगवान, सरोज, अमरजीत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
यात्रा में सैकड़ों भाई-बहनों ने बैरिया, शुभनथहीं, सावनछपरा, लालगंज और बहुआरा सहित दर्जनों गांवों में द्वादश शिवलिंग यात्रा के माध्यम से जन-जन के चरित्र निर्माण तथा मर्यादित जीवन जीने की कला, विश्व शांति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परमात्मा सभी आत्माओं के पिता हैं।
विज्ञापन
परमात्मा को हम भगवान, अल्लाह, गार्ड, खुदा आदि नाम से जानते हैं। निराकार ज्योति बिन्दु रूप है। यात्रा में शामिल लोगों ने बताया कि पांच हजार वर्ष पहले भी आज ही की तरह परिस्थितियां थीं।
विज्ञापन
जिनका निवारण शिव पिता ने अवतरित होकर किया था। यात्रा का संचालन बहन कुमारी, कविता, सचिता, अजय, नरेंद्र, दीपचंद्र, शिवदास, पशुराम, श्रीभगवान, सरोज, अमरजीत आदि मौजूद रहे।