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बाढ़ व कटान रोधी कार्य तेज को कवायद, 11 ठेकेदारों को दी गई अंतिम नोटिस
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बलिया/जयप्रकाशनगर। गंगा और सरयू नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित करने के लिए कई परियोजनाओं पर कार्य कराया गया। शासन की मंशा थी कि इस साल जब नदियों में जलस्तर हो तभी कार्य पूरा कराया जाए। हालांकि करीब ढाई माह पहले बाढ़ के कारण कार्य रुक गया था। लेकिन इसके बाद से ठेकेदारों ने हीलाहवाली शुरु कर दी। विभाग अब इन कार्यों को गति देने में जुट गया है। कटान रोधी कार्य करने वाले सभी 11 ठेकेदारों को कार्य शुरु करने के लिए अंतिम नोटिस विभाग ने दी है।
अधिकारियों की मानें तो बरसात से पहले कार्य को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। गंगा नदी के डेंजर जोन गंगापुर में शासन स्तर से 35 करोड़ करोड़ रुपये से तीन स्थानों पर कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। यह कार्य फरवरी में समय से शुरू हुआ। इसे हर हाल में 15 जून तक पूर्ण कर लेना था, लेकिन ठेकेदारों की मनमानी के कारण यह काम पूरा न हो सका। ठेकेदारों ने काम में जमकर अनियमितता बरती। ग्रामीणों ने विरोध किया तो काम छोड़कर फरार हो गए। संजोग अच्छा रहा की गंगा का जलस्तर हाईफ्लड लेवल पार करने के तुरंत बाद ही घट गया। नहीं तो सभी की सांसें अटक गईं थीं। अभी पहले से चल रही अधूरी परियोजनाओं का काम पूरा नहीं हुआ कि बाढ़ विभाग ने अक्तूबर माह में करीब 60 करोड़ की लागत के एक और परियोजना का प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा है । इसके तहत चौबे छपरा से लेकर दुबे छपरा तक करीब एक किलोमीटर की लंबाई तक रिवेटमेंट का कार्य, एक स्पर, परक्यूपाइन पाइन विधि से कार्य होना है।
इसके अलावा सिताबदियारा के गांवों को बाढ़ व कटान से बचाने के लिए 40.4976 करोड़ से बनने वाला रिंग बांध भी अधर में है। रिंग बांध निर्माण के लिए वर्ष 2016-17 यूपी-बिहार सरकार में सहमति बनी थी। बिहार सरकार ने अपनी सीमा में बांध का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया, लेकिन यूपी के ठेकेदारों की लापरवाही से कार्य बंद पड़े हैं। सुरक्षा बांध गंगा किनारे 2300 मीटर और सरयू के किनारे 1175 मीटर में बनना है। 65 प्रतिशत निर्माण कार्य हुआ है। बांध की नीचे की चौड़ाई 70 मीटर और ऊपर 25 मीटर है। विभाग की ओर से कुछ दिनों पहले सभी ठेकेदारों को नोटिस जारी की गई लेकिन इसके बावजूद कार्य शुरु नहीं हो सका। इसको लेकर विभाग गंभीर है। विभाग ने बाढ़ से सुरक्षात्मक व कटान रोधी कार्य के लिए कुल 11 ठेकेदारों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए कार्य शुरु कराने को कहा है। इसको लेकर ठेकेदारों में खलबली मची है।
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यह कार्य भी अभी हैं लंबित
- गंगा नदी के किनारे चैन छपरा, नेम छपरा, उदवन छपरा, हासनगर व रेपुरा के सुरक्षार्थ पारक्यूपाइन परियोजना के लिए पांच लाख
- सरयू नदी के किनारे बकुल्हा संसार टोला तटबंध के सुरक्षार्थ रिवेटमेंट व दो स्पर निर्माण परियोजना के लिए 4.18 करोड़- गंगा के बाएं बैरिया-बलिया तटबंध (एनएच-31) की सुरक्षा के लिए एक स्पर को 11.03 करोड़ व पारक्यूपाइन परियोजना के लिए 2.10 करोड़- बलिया-बैरिया तटबंध ( एनएच-31) की सुरक्षा के लिए एक स्पर वरिवेटमेंट परियोजना के लिए 1.53 करोड़- सरयू नदी तट पर स्थित ग्राम डूहां में सुरक्षात्मक कार्य के लिए 10 लाख- गंगा नदी के बाएं तट पर स्थित दुबे छपरा ग्राम में कटान सुरक्षा के लिए चैनलाइजेशन कार्य के लिए दो करोड़ के कार्य अभी लंबित हैं।
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बाढ़ व कटान कार्य करने वाले सभी ठेकेदारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। सभी को कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। अगर जल्द कार्य शुरू नहीं किया गया तो इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इनकी जमानत राशि भी जब्त की जाएगी।
- संजय कुमार मिश्रा, एक्सईएन, बाढ़ खंड ,बलिया
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अधिकारियों की मानें तो बरसात से पहले कार्य को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। गंगा नदी के डेंजर जोन गंगापुर में शासन स्तर से 35 करोड़ करोड़ रुपये से तीन स्थानों पर कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं। यह कार्य फरवरी में समय से शुरू हुआ। इसे हर हाल में 15 जून तक पूर्ण कर लेना था, लेकिन ठेकेदारों की मनमानी के कारण यह काम पूरा न हो सका। ठेकेदारों ने काम में जमकर अनियमितता बरती। ग्रामीणों ने विरोध किया तो काम छोड़कर फरार हो गए। संजोग अच्छा रहा की गंगा का जलस्तर हाईफ्लड लेवल पार करने के तुरंत बाद ही घट गया। नहीं तो सभी की सांसें अटक गईं थीं। अभी पहले से चल रही अधूरी परियोजनाओं का काम पूरा नहीं हुआ कि बाढ़ विभाग ने अक्तूबर माह में करीब 60 करोड़ की लागत के एक और परियोजना का प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा है । इसके तहत चौबे छपरा से लेकर दुबे छपरा तक करीब एक किलोमीटर की लंबाई तक रिवेटमेंट का कार्य, एक स्पर, परक्यूपाइन पाइन विधि से कार्य होना है।
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इसके अलावा सिताबदियारा के गांवों को बाढ़ व कटान से बचाने के लिए 40.4976 करोड़ से बनने वाला रिंग बांध भी अधर में है। रिंग बांध निर्माण के लिए वर्ष 2016-17 यूपी-बिहार सरकार में सहमति बनी थी। बिहार सरकार ने अपनी सीमा में बांध का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया, लेकिन यूपी के ठेकेदारों की लापरवाही से कार्य बंद पड़े हैं। सुरक्षा बांध गंगा किनारे 2300 मीटर और सरयू के किनारे 1175 मीटर में बनना है। 65 प्रतिशत निर्माण कार्य हुआ है। बांध की नीचे की चौड़ाई 70 मीटर और ऊपर 25 मीटर है। विभाग की ओर से कुछ दिनों पहले सभी ठेकेदारों को नोटिस जारी की गई लेकिन इसके बावजूद कार्य शुरु नहीं हो सका। इसको लेकर विभाग गंभीर है। विभाग ने बाढ़ से सुरक्षात्मक व कटान रोधी कार्य के लिए कुल 11 ठेकेदारों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए कार्य शुरु कराने को कहा है। इसको लेकर ठेकेदारों में खलबली मची है।
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यह कार्य भी अभी हैं लंबित
- गंगा नदी के किनारे चैन छपरा, नेम छपरा, उदवन छपरा, हासनगर व रेपुरा के सुरक्षार्थ पारक्यूपाइन परियोजना के लिए पांच लाख
- सरयू नदी के किनारे बकुल्हा संसार टोला तटबंध के सुरक्षार्थ रिवेटमेंट व दो स्पर निर्माण परियोजना के लिए 4.18 करोड़- गंगा के बाएं बैरिया-बलिया तटबंध (एनएच-31) की सुरक्षा के लिए एक स्पर को 11.03 करोड़ व पारक्यूपाइन परियोजना के लिए 2.10 करोड़- बलिया-बैरिया तटबंध ( एनएच-31) की सुरक्षा के लिए एक स्पर वरिवेटमेंट परियोजना के लिए 1.53 करोड़- सरयू नदी तट पर स्थित ग्राम डूहां में सुरक्षात्मक कार्य के लिए 10 लाख- गंगा नदी के बाएं तट पर स्थित दुबे छपरा ग्राम में कटान सुरक्षा के लिए चैनलाइजेशन कार्य के लिए दो करोड़ के कार्य अभी लंबित हैं।
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बाढ़ व कटान कार्य करने वाले सभी ठेकेदारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। सभी को कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। अगर जल्द कार्य शुरू नहीं किया गया तो इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इनकी जमानत राशि भी जब्त की जाएगी।
- संजय कुमार मिश्रा, एक्सईएन, बाढ़ खंड ,बलिया