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आबकारी टीम और पुलिस को बनाया बंधक
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
Updated Mon, 24 Aug 2015 12:11 AM IST
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थाना क्षेत्र के इब्राहिमाबाद गांव में आबकारी विभाग की टीम और पुलिसकर्मियों ने रविवार को बिना किसी आधार के शराब बेचने का आरोप लगाकर एक घर में छापेमारी की। घर में घुस कर टीम और पुलिसकर्मियों ने पहले उत्पात मचाया। इससे नाराज घरवालों और ग्रामीणों ने उसी घर में आबकारी विभाग के पांच अधिकारी और पुलिसकर्मियों को एक कमरे में ताला जड़कर बंधक बना लिया। सूचना के बाद उपजिलाधिकारी बैरिया के पहुंचने पर आबकारी विभाग ने लिखित रूप से माफीनामा दिया, तब जाकर उन्हें मुक्त किया गया।
अवैध शराब बेचने के आरोप में आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र, संजय सोनकर, श्याम जी गुप्ता, कांस्टेबिल लल्लन, ममता और बैरिया थाना के कांस्टेबल परमात्मा सिंह सहित अन्य तीन पुलिसकर्मी इब्राहिमाबाद निवासी धर्मनाथ सिंह के घर रविवार को छापेमारी की। वे घर में घुस गए। इसके बाद घर की महिलाओं ने विरोध किया।
इसके ,बावजूद आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने उत्पात मचाया लेकिन एक भी पाउच शराब बरामद नहीं हो सकी। ग्रामीणों की मदद से घरवालों ने आबकारी टीम और पुलिसकर्मियों को कमरे में बंदकर बंधक बना लिया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के धर्मनाथ सिंह अच्छे व्यक्ति हैं। पुलिस विभाग और आबकारी विभाग खुद शराब बिकवाते हैं, जो बेचता है उससे धन की वसूली करती है।
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अगर उच्चाधिकारियों के दबाव में दिखावे के लिए छापेमारी भी की जाती है तो बाद में फिर शराब की बिक्री शुरू करा दी जाती है। ग्रामीणों ने घंटों बंधक बनाकर डीएम और पुलिस अधीक्षक के आने तक उन्हें न छोड़ने पर बात पर अड़ गए। हालांकि उपजिलाधिकारी बैरिया राधेश्याम पाठक, थानाध्यक्ष दोकटी नंदलाल, थानाध्यक्ष हल्दी संजीव दूबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को काफी समझाया। इसके बाद आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को लिखित माफीनामा दिया कि भूलवश गलत व्यक्ति के यहां हमलोगों ने छापेमारी कर दी। माफीनामा के बाद ग्रामीणों ने अधिकारी और कर्मचारियों को मुक्त किया।
गलती से टीम दूसरे के घर में घुस गई थी। इससे नाराज लोगों ने बंधक बना लिया था। बाद में लिखित रूप से माफीनामा देने पर बंधक बने आबकारी और पुलिस कर्मियों को छोड़ा गया। राधेश्याम पाठक, एसडीएम बैरिया
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अवैध शराब बेचने के आरोप में आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र, संजय सोनकर, श्याम जी गुप्ता, कांस्टेबिल लल्लन, ममता और बैरिया थाना के कांस्टेबल परमात्मा सिंह सहित अन्य तीन पुलिसकर्मी इब्राहिमाबाद निवासी धर्मनाथ सिंह के घर रविवार को छापेमारी की। वे घर में घुस गए। इसके बाद घर की महिलाओं ने विरोध किया।
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इसके ,बावजूद आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने उत्पात मचाया लेकिन एक भी पाउच शराब बरामद नहीं हो सकी। ग्रामीणों की मदद से घरवालों ने आबकारी टीम और पुलिसकर्मियों को कमरे में बंदकर बंधक बना लिया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के धर्मनाथ सिंह अच्छे व्यक्ति हैं। पुलिस विभाग और आबकारी विभाग खुद शराब बिकवाते हैं, जो बेचता है उससे धन की वसूली करती है।
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अगर उच्चाधिकारियों के दबाव में दिखावे के लिए छापेमारी भी की जाती है तो बाद में फिर शराब की बिक्री शुरू करा दी जाती है। ग्रामीणों ने घंटों बंधक बनाकर डीएम और पुलिस अधीक्षक के आने तक उन्हें न छोड़ने पर बात पर अड़ गए। हालांकि उपजिलाधिकारी बैरिया राधेश्याम पाठक, थानाध्यक्ष दोकटी नंदलाल, थानाध्यक्ष हल्दी संजीव दूबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को काफी समझाया। इसके बाद आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को लिखित माफीनामा दिया कि भूलवश गलत व्यक्ति के यहां हमलोगों ने छापेमारी कर दी। माफीनामा के बाद ग्रामीणों ने अधिकारी और कर्मचारियों को मुक्त किया।
गलती से टीम दूसरे के घर में घुस गई थी। इससे नाराज लोगों ने बंधक बना लिया था। बाद में लिखित रूप से माफीनामा देने पर बंधक बने आबकारी और पुलिस कर्मियों को छोड़ा गया। राधेश्याम पाठक, एसडीएम बैरिया