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Ballia News: पुराने रिकार्ड के आधार पर तय होंगे परीक्षा केंद्र

Tue, 03 Oct 2023 10:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 03 Oct 2023 10:21 PM IST
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Examination centers will be decided on the basis of old records
बलिया। यूपी बोर्ड परीक्षा में विद्यालय केंद्र वही बनाए जाएंगे, जिनकी छवि अच्छी होगी। वह विद्यालय परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे, जहां नकलची पकड़े गए होंगे। इसके लिए पांच साल पहले का डाटा खंगाला जाएगा। स्कूल में मौजूद सुविधाओं का सत्यापन संयुक्त टीम कर रही है तो बोर्ड भी गोपनीय जांच कराने में जुटा है। जांच के बाद कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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शैक्षिक सत्र में जिले में संचालित 32 राजकीय, 92 सहायता प्राप्त व 483 वित्तविहीन इंटर कॉलेज में हाईस्कूल में 64155 तथा इंटरमीडिएट के 61195 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। कॉलेजों को ओर से परीक्षा केंद्र बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इसी बीच सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटा है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से केंद्र बनाने और बच्चों के आवेदन फार्म सही कराने सहित अन्य कार्यों को जल्द पूरा कराने में जुटा हुआ। बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए परिषद की ओर से विद्यालयों से ऑनलाइन आवेदन मांगा गया था। केंद्र बनाए जाने से पहले जिलाधिकारी के निर्देशन में तहसील स्तर पर गठित त्रिस्तरीय टीम स्कूल में मौजूद सुविधाओं का सत्यापन करने में जुटी है।
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त्रिस्तरीय टीम माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड विद्यालय प्रांगण की फोटोग्राफ, विद्यालय की जिओ लोकेशन (अक्षांश एवं देशांतर) के साथ ही केंद्र पर फर्नीचर, शिक्षण कक्ष, पेयजल, प्रसाधन, शिक्षण कक्षों में दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरा व वाइस रिकॉर्डर समेत मूलभूत सुविधाओं व सुरक्षा समेत अन्य बिन्दुओं की जांच कर रही है। बोर्ड कार्यालय की ओर से भी गोपनीय जांच भी कराई जा रही है। सचिव कार्यालय किसी भी दशा में नकल कराने वाले विद्यालय सेंटर नहीं बनाने की कोशिश में जुटा है। पांच साल की कुंडली खंगाल करके रिपोर्ट तैयार किया जाए। दागी विद्यालयों को बाहर किया जा सके। विभागीय कर्मियों जांच पड़ताल में जुट गए हैं।


शासन स्तर से मिले हर दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाएगी। कॉलेज की ओर से अपलोड सुविधाओं की जांच हो रही है। जांच के बाद जिला स्तरीय कमेटी परीक्षण कर संस्तुति कर रिपोर्ट सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजेगी। जहां से ऑनलाइन पारदर्शी ढ़ग से परीक्षा केद्रों का निर्धारण होगा। - रमेश सिंह, डीआईओएस
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