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हल्के लक्षण भी गर्भवती को पहुंचा सकते हैं नुकसान
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कोविड संक्रमण का खतरा गर्भवती को भी है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने काउंसलिंग प्रेगनेंट वीमेन फॉर कोविड 19 वैक्सीन गाइडबुक जारी की है। गाइडबुक को विशेष रूप से फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा वैक्सीनेटर के लिए तैयार किया गया है, जिसकी मदद से वह गर्भवती को कोविड टीकाकरण से संबंधित सही सलाह देकर टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करने में उनकी मदद कर सकते हैं ।
अधिकतर गर्भवती में एसिम्टोमेटिक या हल्के लक्षण दिख सकते हैं। हल्के लक्षणों के बावजूद संक्रमण से उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है जो गर्भस्थ शिशु की सेहत पर असर डाल सकता है। गाइडबुक में कहा गया है कि अधिकतर संक्रमित गर्भवती बिना किसी अस्पताल में भर्ती हुए ठीक हुई हैं, लेकिन कुछ गर्भवती में गंभीर मामले भी देखने को मिले हैं। सिम्टोमेटिक गर्भवती को मौत का खतरा भी होता है, इसलिए उन्हें अन्य मरीजों की तरह ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत होती है। वह गर्भवती जिनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक हो, मोटापा, उच्च रक्तचाप व डायबिटीज से पीड़ित हों उन्हें संक्रमण का जोखिम व उससे जटिलताएं होने की संभावना अधिक होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कोविड संक्रमित गर्भवती से जन्में 95 फीसदी शिशु स्वस्थ रहे हैं, लेकिन कुछ मामलों में गर्भावस्था में कोविड संक्रमण के कारण समय से पूर्व प्रसव, बच्चों के वजन में कमी तथा जन्म से पूर्व गर्भ में ही मृत्यु के मामले भी सामने आए हैं।
चिकित्सीय परामर्श के साथ जरूर कराएं टीकाकरण
गर्भावस्था के अंतिम दिनों में प्रसव के तुरंत बाद चिकित्सीय परामर्श से कोविड टीकाकरण कराया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और टीकाकरण गर्भवती को संक्रमण से बचाव करता है।
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अधिकतर गर्भवती में एसिम्टोमेटिक या हल्के लक्षण दिख सकते हैं। हल्के लक्षणों के बावजूद संक्रमण से उनके स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है जो गर्भस्थ शिशु की सेहत पर असर डाल सकता है। गाइडबुक में कहा गया है कि अधिकतर संक्रमित गर्भवती बिना किसी अस्पताल में भर्ती हुए ठीक हुई हैं, लेकिन कुछ गर्भवती में गंभीर मामले भी देखने को मिले हैं। सिम्टोमेटिक गर्भवती को मौत का खतरा भी होता है, इसलिए उन्हें अन्य मरीजों की तरह ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत होती है। वह गर्भवती जिनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक हो, मोटापा, उच्च रक्तचाप व डायबिटीज से पीड़ित हों उन्हें संक्रमण का जोखिम व उससे जटिलताएं होने की संभावना अधिक होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कोविड संक्रमित गर्भवती से जन्में 95 फीसदी शिशु स्वस्थ रहे हैं, लेकिन कुछ मामलों में गर्भावस्था में कोविड संक्रमण के कारण समय से पूर्व प्रसव, बच्चों के वजन में कमी तथा जन्म से पूर्व गर्भ में ही मृत्यु के मामले भी सामने आए हैं।
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चिकित्सीय परामर्श के साथ जरूर कराएं टीकाकरण
गर्भावस्था के अंतिम दिनों में प्रसव के तुरंत बाद चिकित्सीय परामर्श से कोविड टीकाकरण कराया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और टीकाकरण गर्भवती को संक्रमण से बचाव करता है।
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