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Ballia News: 10 करोड़ खर्च होने के बाद भी हो रही कटान

Tue, 01 Jul 2025 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jul 2025 11:24 PM IST
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Even after spending 10 crores, cutting is still going on
बैरिया। बाढ़ खंड की ओर से प्रोजेक्ट की लंबाई को आधा करने का खामियाजा गोपालनगर टाड़ी और शिवाल के वाशिंदों को भुगतना पड़ेगा। गोपालनगर टाड़ी और शिवाल में हुए कटानरोधी कार्यों के बीच से सरयू नदी ने कटान का रास्ता बना लिया है। रोजाना पांच से 10 फीट उपजाऊ भूमि सरयू नदी में समा रही है। अगर सरयू नदी के तेवर और तेज हुए तो सैकड़ों लोगों का आशियाना कटान की भेंट चढ़ सकता है।
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गोपालनगर टाड़ी और शिवाल में करीब 10 करोड़ के लागत से मंगलवार को काटनरोधी कार्य पूरा हो गया, लेकिन सरयू नदी की कटान दोनों कटानरोधी कार्यों के बीच से शुरू हो गई है। ऐसे में सरयू नदी के मुहाने पर बसे दोनों गांवों के आशियानों पर खतरा मंडराने लगा है। शुरू में गोपालनगर टाड़ी के वाशिंदों ने कार्य रोक दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि यह छोटा प्रोजेक्ट गांव को नहीं बचा सकता है। बाढ़ खंड का कहना था कि हम लोगों ने बड़ा प्रोजेक्ट बनाकर दिया था, लेकिन शासन स्तर से प्रोजेक्ट को आधा कर दिया गया। दोनों कटानरोधी कार्यों के बीच एक किलोमीटर की दूरी है। कटान दोनों के बीच से शुरू हुई है। गोपालनगर टाड़ी स्थित एक निजी टावर के सामने करीब 500 परिवारों की बस्ती है। उस बस्ती पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, शिवाल में सैकड़ों परिवार के आशियानों पर कटान का खतरा है। अनिल यादव, रामरूप यादव आदि ने दोनों कटानरोधी कार्यों के बीच वाले हिस्से पर कार्य करा कटान रोकने की मांग की है।
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सरयू नदी की कटान के खतरे को देखते हुए छह प्रोजेक्ट पर काम करने का निर्देश मिला था। गोपालनगर, शिवाल व चांदपुर में डिम्पनर का कार्य पूरा हो गया है। भोजछपरा व महाराजपुर में स्लोप पिचिंग व एप्रन का कार्य करना था। वहां पांच प्रतिशत कार्य बाकी है। दतहां में एप्रन व पार्कोपाइन का कार्य करना था, लेकिन 70 प्रतिशत काम होने के बाद ही सरयू नदी में पानी भर गया। इससे काम नहीं हो पा रहा है। पानी कम होने पर काम पूरा किया जाएगा। - रजनीकांत राय, अवर अभियंता, बाढ़ खंड
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जितना प्रोजेक्ट था, उतना धन मिला और उतना काम करवा दिया गया है। जहां कटान हुई है, वहां 100-150 मीटर तक पार्कोंपाइन की बोरिया बिछवा देंगे। एक किमी की दूरी पर बिना प्रोजेक्ट का कार्य संभव नहीं है। शासन को दोबारा प्रोजेक्ट भेजा जाएगा, प्रोजेक्ट पास होने पर काम करा दिया जाएगा। - संजय मिश्र, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड।
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