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Ballia News: आदेश के 10 दिन बाद भी स्कूल भवन नहीं गिराया
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पूर। शिक्षा क्षेत्र पंदह के बरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को तत्काल गिराने का आदेश जिलाधिकारी ने करीब 10 दिन पूर्व सिकंदरपुर तहसील में आयोजित समाधान दिवस में खंड शिक्षा अधिकारी अनूप गुप्ता को दिया था, लेकिन अब तक ध्वस्त नहीं किया गया है। इससे स्कूल में पढ़ने वाले करीब 65 बच्चों की जान सांसत में है। शिकायतकर्ता बरवां निवासी प्रकाश सिंह अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने की तैयारी में है।
शिकायतकर्ता प्रकाश सिंह ने बताया कि विद्यालय की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे बच्चों की जान पर हर समय खतरा मंडराता है। बीआरसी स्तर से कई बार रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, लेकिन न तो भवन गिराया गया और न ही नए भवन का निर्माण हुआ। उन्होंने बताया कि जर्जर भवन 1942 में बना था, जबकि किसी भी भवन की औसत आयु लगभग 30 वर्ष होती है।
बीते दो अगस्त को सिकंदरपुर तहसील परिसर में आयोजित मुख्य समाधान दिवस में प्रकाश सिंह ने जिलाधिकारी एमपी सिंह से स्कूल के जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण के लिए गुहार लगाई थी। जिस पर डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी अनूप गुप्ता को तत्काल भवन ध्वस्त करने का निर्देश दिया था और चेतावनी दी थी कि किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। जर्जर भवन के पास ही एक अन्य विद्यालय में 65 बच्चे और तीन शिक्षक पढ़ाई करते हैं। मध्यावकाश के दौरान बच्चे अक्सर पुराने भवन में चले जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर कमेटी गठित कर सर्वे और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके बाद भवन को गिराया जाएगा। -अनूप गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी,पंदह।
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शिकायतकर्ता प्रकाश सिंह ने बताया कि विद्यालय की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे बच्चों की जान पर हर समय खतरा मंडराता है। बीआरसी स्तर से कई बार रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, लेकिन न तो भवन गिराया गया और न ही नए भवन का निर्माण हुआ। उन्होंने बताया कि जर्जर भवन 1942 में बना था, जबकि किसी भी भवन की औसत आयु लगभग 30 वर्ष होती है।
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बीते दो अगस्त को सिकंदरपुर तहसील परिसर में आयोजित मुख्य समाधान दिवस में प्रकाश सिंह ने जिलाधिकारी एमपी सिंह से स्कूल के जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण के लिए गुहार लगाई थी। जिस पर डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी अनूप गुप्ता को तत्काल भवन ध्वस्त करने का निर्देश दिया था और चेतावनी दी थी कि किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। जर्जर भवन के पास ही एक अन्य विद्यालय में 65 बच्चे और तीन शिक्षक पढ़ाई करते हैं। मध्यावकाश के दौरान बच्चे अक्सर पुराने भवन में चले जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर कमेटी गठित कर सर्वे और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके बाद भवन को गिराया जाएगा। -अनूप गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी,पंदह।