फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Erosion increased in Chakki Nauranga, 12 houses submerged in the river

Ballia News: चक्की नौरंगा में कटान हुई तेज, 12 मकान नदी में समाए

Tue, 22 Jul 2025 11:11 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 11:11 PM IST
विज्ञापन
Erosion increased in Chakki Nauranga, 12 houses submerged in the river
मझौवा/ दया छपरा। गंगा उस पार दक्षिण छोर पर बसे चक्की नौरंगा में नदी की उतरती लहरें कहर बरपा रही हैं। सोमवार की देर शाम से लेकर मंगलवार की शाम तक नदी किनारे बसे 12 लोगों के मकान कटान की भेंट चढ़ गए। कटान से गांव में दहशत है। तटवर्ती लोग मकान खाली कर बिहार स्थित बंधे पर शरण लेने लगे हैं। गंगा का पानी नीचे खिसकने के साथ ही कटान तेज हो गई है।
विज्ञापन

सोमवार को गंगा की लहरों में दस लोगों के मकान व उपजाऊ जमीन समाहित हो गई थी। श्रीनाथ यादव, संतोष साह, श्रीभगवान यादव, लल्लन साह, पिन्टू साह, सीता राम, मनोज ठाकुर, उर्मिला देवी, रामेश्वर ठाकुर, कन्हैया ठाकुर व विनोद साह का पक्का मकान गंगा में समा गया था। पूर्व प्रधान राजमंगल ठाकुर व लकड़ी मिश्र ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई है। कटान का रुख चक्की नौरंगा गांव की तरफ है। ग्रामीणों हरे पेड़ों की टहनियों को नदी में डालकर कटान रोकने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन


कटान ने छीना आठ भाइयों का आशियाना

मझौवां। गंगा नदी की तबाही के निशान साफ देखे जा सकते हैं। एक घर का आधा हिस्सा नदी में समा चुका है और वह कभी भी विलीन हो सकता है। छितेश्वर ठाकुर के परिवार पर कहर टूटा है। उनके 8 भाइयों के घर, जिनमें लगभग सौ लोग एक साथ रहते थे, सोमवार की देर शाम नदी में विलीन हो गया। परिवार बचा-खुचा सामान समेटने में जुटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों का छलका दर्द

मझौवां। यह पहली बार नहीं है जब गंगा आशियाना उजाड़ रही है। प्रशासन साल-दर-साल बर्बादी का मंजर देखता रह गया। कटानरोधी कार्य नदी की तेज धार के आगे नाकाफी साबित हो रहे हैं। बम्बूक्रेट भी नदी की लहरों में समा गया। कटान पीड़ित मनोज ठाकुर ने कहा कि उनका घर गंगा में समाहित हो गया। परिवार के लोग रिश्तेदारों के यहां शरण लेने के लिए विवश हैं।

250 परिवारों ने खाली किए घर
कटान पीड़िता सीता देवी ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि सपनों का घर बनाया था, जो देखते-देखते धराशायी हो गया। कटान के कारण पूरा गांव डेंजर जोन बना हुआ है। गांव के करीबन 250 परिवारों के लोग घरों से सामान निकाल चुके हैं। लोग वीरान घरों की रखवाली के लिए मौजूद हैं कि शायद कोई चमत्कार हो और कटान रुक जाए।

...अब बुझात बा गांव ना बची

कटान पीड़ित रामेश्वर ठाकुर ने फफक-फफक कर रोते हुए कहा कि बाबू कटान के कष्ट अब बर्दाश्त से बाहर हो गइल बा। बुझात बा गांव ना बची! गंगा नदी के पानी के तेज बहाव के साथ उठती लहरें लोगों के आशियाने उजाड़ रही हैं। अपना सबकुछ गंवा चुके कन्हैया ठाकुर का कहना है कि हल्फी के एक-एक हलचल से गांव के कई घर पानी में समा गए।
गंगा मां की पूजा अर्चना की
गंगा का चक्की नौरंगा में कटान रोकने के लिए ग्रामीणों ने गंगा मां की पूजा अर्चना भी की। कटान से अब तक 60 किसानों की 40 एकड़ से अधिक परवल की फसल को नुकसान हुआ है।
बिहार का आधार कार्ड होने से बढ़ी परेशानी
दयाछपरा। गंगा की कटान बिहार राज्य के जवानिया में हो रही थी। जवनिया गांव चक्की नौरंगा से सटा हैं। सोमवार को कटान एकाएक चक्की नौरंगा की तरफ हो गया। जयप्रकाश राम, धीरजराम, पंकज राम, गोगा राम, चंद्रिका राम, हीरामन राम, परमात्मा राम, नगरजीत राम ,पवन राम नदी का रुख देखकर पलायन करने लगे हैं। कटान का इलाका यूपी के भगवानपुर मौजा के बाशिंदों चक्की नौरंगा नाम से उत्तर प्रदेश में है। लेकिन यहां के लोगों के आधार कार्ड बिहार के हैं। ग्राम प्रधान सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि एसडीएम के के निर्देश पर मैं कटान पीड़ितों के पास आधार कार्ड के लिए गया तो सबका आधार बिहार का निकला है। प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।
बाढ़ पीड़ितों के बीच बांटी राहत सामग्री

मझौवां। नौरंगा चक्की में कटान पीड़ितों को पूर्व प्रधान राजमंगल ठाकुर ने राहत सामग्री वितरित की। कटान में अपना सबकुछ खोने वाले पीड़ितों के बीच तंबू, खाद्य पदार्थ, पीने का पानी और अन्य आवश्यक समान प्रदान किया।

नदी की कटान से गांवों को बचाया जाए
बलिया। संयुक्त किसान मोर्चा ने पोखरा बस्ती (सुल्तानपुर) तथा बलुआ टोला (भोज पूरवा) को सरयू की कटान से बचाने की मांग की है। नदी की दूरी मात्र 300 से 400 मीटर रह गई है। नदी खेतों को काटते हुए बढ़ रही है। कहा कि जिला प्रशासन ने फौरी तौर पर कटानरोधी कार्य नहीं किया तो पोखरा बस्ती तथा बलुआ टोला विलीन हो जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक कामरेड परमात्मा नंद राय ने कहा कि सरयू की कटान से पोखरा बस्ती और बलुआ टोला के लोगों को बचाया जाए। 1000 से अधिक आबादी की सुरक्षा जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed