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Ballia News: सरयू की कटान से महाराजपुर के अस्तित्व पर संकट, दहशत में ग्रामीण
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बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर टाड़ी गांव में मकान के बचे अवशेष भाग को ठोकर मारती सरयू नदी की लहरें
बांसडीह। तहसील क्षेत्र के महाराजपुर गांव में सरयू नदी की कटान का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बचाव के तमाम प्रयासों के बावजूद कटान जारी है। तेज बहाव और लहरों के चलते बाढ़ खंड के उपाय बेअसर साबित हो रहे हैं। गांव के अस्तित्व पर मंडराते खतरे से ग्रामीण दहशत में हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग अपने ही हाथों से अपने आशियाने उजाड़ने को मजबूर हैं।
दो दिन पहले गांव का प्राचीन आस्था केंद्र महाराज बाबा का स्थान कटान की भेंट चढ़कर नदी में समा गया। इसके बाद भी कटान की रफ्तार कम नहीं हुई है। दिन में हवा के साथ लहरें उठने पर कटान और तेज हो जाता है। गांव में चारों तरफ अफरा-तफरी और दुश्वारियों का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि कटान नहीं रुका तो महाराजपुर का अस्तित्व भी समाप्त हो सकता है।
प्रशासन के अनुसार, बाढ़ खंड नियमानुसार बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन नदी के तेज बहाव के सामने उपाय कारगर नहीं हो पा रहे हैं। कटान पीड़ितों की सूची तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय लेखपालों की टीम लगाई गई है। प्रभावित परिवारों के लिए सुबह-शाम करीब 200 लोगों के भोजन की व्यवस्था भी कराई जा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि संकट की भयावहता के मुकाबले मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाएं नाकाफी हैं।
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दो दिन पहले गांव का प्राचीन आस्था केंद्र महाराज बाबा का स्थान कटान की भेंट चढ़कर नदी में समा गया। इसके बाद भी कटान की रफ्तार कम नहीं हुई है। दिन में हवा के साथ लहरें उठने पर कटान और तेज हो जाता है। गांव में चारों तरफ अफरा-तफरी और दुश्वारियों का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि कटान नहीं रुका तो महाराजपुर का अस्तित्व भी समाप्त हो सकता है।
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प्रशासन के अनुसार, बाढ़ खंड नियमानुसार बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन नदी के तेज बहाव के सामने उपाय कारगर नहीं हो पा रहे हैं। कटान पीड़ितों की सूची तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय लेखपालों की टीम लगाई गई है। प्रभावित परिवारों के लिए सुबह-शाम करीब 200 लोगों के भोजन की व्यवस्था भी कराई जा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि संकट की भयावहता के मुकाबले मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाएं नाकाफी हैं।
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