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अतिक्रमण की गिरफ्त में कटहर नाला
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Sun, 29 May 2016 11:53 PM IST
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नगर के बीच से होकर गुजरने वाले कटहर नाले पर किया गया अतिक्रमण। अमर उजाला
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गंगा नदी से सुरहा ताल को जोड़ने वाला ऐतिहासिक कटहर नाला दिन-प्रतिदिन अतिक्रमणकारियों की गिरफ्त में होता जा रहा है। जबकि यह नाला प्रशासन के नाक के नीचे है। लेकिन प्रशासन आंख बंदकर इसे नजरअंदाज कर रहा है। यही नहीं आसपास के लोग भी अपने घरों का कूड़ा इसी नाले में फेंक रहे हैं।
नगर का ऐतिहासिक कटहर नाला कभी छह माह गंगा से सुरहा ताल की ओर तो छह माह तक सुरहा ताल से गंगा की ओर बहा करता था। लेकिन इस नाले पर धीरे-धीरे अतिक्रमण होता गया और गंगा में जलस्तर की कमी के कारण यह स्थिति खत्म हो गई। बावजूद इस नाले का पानी इतना साफ-सुथरा रहा करता था जिसमें लोग स्नान भी करते थे। इसकी लंबाई करीब छह से सात किमी है।
कटहर नाले पर ऐसा कोई पुल नहीं है, जहां लोगों ने अतिक्रमण करते हुए नाले के अंदर जाकर कब्जा न किया हो। कहीं-कहीं तो अतिक्रमण कर मकान भी बना लिए गए हैं। लेकिन प्रशासन इस अतिक्रमण को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। ऐसा लग रहा है कि शायद प्रशासन स्थिति बिगड़ने का इंतजार कर रहा है। यदि समय रहते प्रशासन अतिक्रमण को रोकने में कामयाब नहीं हुआ तो स्थिति दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जाएगी। उधर इस आनंद नगर निवासी विनय कुमार सिंह, अजय ने कहा कि कटहर नाला नगर की धरोहर है, इसके बचाने के लिए प्रशासन के साथ ही नगर के बाशिंदों की भी जिम्मेदारी है।
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हर व्यक्ति को नाले को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए प्रयास करना चाहिए। गड़वार रोड के संजय सिंह ने कहा नाले में गंदगी फेंकने और बहने से नाले की स्थिति खराब हो गई है। वहीं प्रोफेसर कालोनी के सुभाष कुमार ने कहा प्रशासन के साथ ही जिला प्रतिनिधियों को भी इसके लिए आगे आना चाहिए।
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नगर का ऐतिहासिक कटहर नाला कभी छह माह गंगा से सुरहा ताल की ओर तो छह माह तक सुरहा ताल से गंगा की ओर बहा करता था। लेकिन इस नाले पर धीरे-धीरे अतिक्रमण होता गया और गंगा में जलस्तर की कमी के कारण यह स्थिति खत्म हो गई। बावजूद इस नाले का पानी इतना साफ-सुथरा रहा करता था जिसमें लोग स्नान भी करते थे। इसकी लंबाई करीब छह से सात किमी है।
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कटहर नाले पर ऐसा कोई पुल नहीं है, जहां लोगों ने अतिक्रमण करते हुए नाले के अंदर जाकर कब्जा न किया हो। कहीं-कहीं तो अतिक्रमण कर मकान भी बना लिए गए हैं। लेकिन प्रशासन इस अतिक्रमण को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। ऐसा लग रहा है कि शायद प्रशासन स्थिति बिगड़ने का इंतजार कर रहा है। यदि समय रहते प्रशासन अतिक्रमण को रोकने में कामयाब नहीं हुआ तो स्थिति दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जाएगी। उधर इस आनंद नगर निवासी विनय कुमार सिंह, अजय ने कहा कि कटहर नाला नगर की धरोहर है, इसके बचाने के लिए प्रशासन के साथ ही नगर के बाशिंदों की भी जिम्मेदारी है।
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हर व्यक्ति को नाले को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए प्रयास करना चाहिए। गड़वार रोड के संजय सिंह ने कहा नाले में गंदगी फेंकने और बहने से नाले की स्थिति खराब हो गई है। वहीं प्रोफेसर कालोनी के सुभाष कुमार ने कहा प्रशासन के साथ ही जिला प्रतिनिधियों को भी इसके लिए आगे आना चाहिए।