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अतिक्रमण और जाम है शहर की समस्या आम, पर कभी नहीं हुआ इस पर काम

Tue, 18 Jan 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jan 2022 11:36 PM IST
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Encroachment and jam are common problems of the city, but never worked on it
बलिया। जिला मुख्यालय होने के कारण प्रतिदिन शहर में बड़ी संख्या में लोग ग्रामीण अंचलों से नगर में आते हैं। इसके अलावा कारोबारी गतिविधियां भी जब शबाब पर होती हैं तो यहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं। तकरीबन चार किलो मीटर के दायरे में फैले शहर में सालों पुरानी थोक और फुटकर किराना मंडी है। इस मंडी में आलम यह है कि यहां पार्किंग की सुविधा नहीं है। इससे आए दिन लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इतना ही नहीं यहां बाहर से आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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इसके अलावा शहर की सबसे बड़ी समस्या कूड़ा घर की भी है। नगर से प्रतिदन वैसे तो करीब 50 क्विंटल कूड़ा निकलता है, लेकिन मुक्कमल स्थान की बजाय यहां वार्ड नंबर 11 के तमाम जगहों का कूड़ा डाला जाता है। इतना ही नहीं यहां नालियां जाम हो जाती हैं, तो महीनों इन नालियों का कचरा नहीं निकाला जाता, जिससे कई कालोनियों में जलभराव की स्थिती उत्पन्न हो जाती है। सफाई नहीं होने से यहां बीमारियां पनपती हैं। ऐसा नहीं कि यह समस्याएं एक दिन में उत्पन्न हो गई बल्कि लंबे समय से सार्थक पहल नहीं होने अब सुरसा की मुहं तरह बड़ी हो गई है। कई सरकारें बदली, सियासी नुमाइंदे बदले, लेकिन हालात जस के तस है।
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फुटपाथ पर बाजार, निकलना हुआ दुश्वार
बलिया। शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं है कि जिसके फुटपाथ पर कब्जा न हो। कहीं पर दुकानदारों ने दुकान का सामान फुटपाथ पर रख रखा है तो कहीं पर व्यावसायिक भवनों के लिए फुटपाथ पार्किंग स्थल बन गया है। वहीं कुछ जगहों पर रेहड़ी-पटरी वालों ने दुकानें लगा रखी हैं। फुटपाथ पर अतिक्रमण और पाकिंग के कारण शहरवासियों से लेकर जिले में आने वालों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दुकानों के आगे सामान रखा होने के कारण लोग सड़क पर वाहन खड़ा कर खरीदारी करते हैं।
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पटरी को बनाया दुकान
बलिया। चौक शहीद पार्क रोड पर मगर पार्किंग की सुविधा न होने और दुकानदारों द्वारा पटरी पर कब्जा किए जाने के कारण लोग सड़क के मध्य से लेकर गली में वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं। इससे इस मार्ग पर अक्सर जाम लगा रहता है। कुछ ऐसा ही नाजारा चौक शहीद पार्क है, जिसके चारों और ठेला व खोमचा वालों ने अपना कब्जा जमा रखा है।
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जाम ने बिगाड़ी शहरी की सूरत
बलिया। चुनाव व सहालग दोनों एक साथ होने प्रभाव इन दिनों शहर में बखूबी दिखाई दे रहा है। दिन में लोगों के आने से सड़कें जाम का कारक बनीं रहती है तो शाम ढलते ही शहर की सड़कों पर निकलने वाली बारातें देर रात नगर को जाम के झाम में उलझाएं रखती है। ऐसा नहीं जाम का शिकार केवल आम लोग हो रहे है। इसके चक्कर में आला अधिकारी व सियासतदान भी फंस रहे है। कोई ऐसा दिन नहीं जब नगर और शहर की बाहर निकलने वाली सड़कों पर जाम के कारण वाहनों का लंबा काफिला ना लगता हो।
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कागज में अभियान, सड़कों पर अतिक्रमण
बलिया। शहर के हालात अतिक्रमण को लेकर अच्छे नहीं है। गली- मोहल्ले तो दूर की बात मुख्य चौराहे व बाजार भी इसकी चपेट में हैं। बुलंद हौसलों वाले अतिक्रमणकारियों ने पालिका की पटरी को किराए पर उठा दिया है, साथ ही सड़क व नालों पर भी कब्जा कर रखा है। प्रशासन इसे हटाने को लेकर दर्जनों बार प्रयास किए, मगर सब नाकाम रहे। पालिका की पटरी से अतिक्रमण खाली कराने की योजना भी खटाई में ही है। शहर की सड़कें अतिक्रमण से कराह रही हैं। अभियान दर अभियान चले, मगर परिणाम ढ़ाक के तीन पात ही है। बात शुरू करते हैं शहीद पार्क चौक से यहाँ पटरियों पर दिन भर ठेला व रेहड़ी वाले कब्जा जमाए रहते हैं। इसके अलावा स्टेशन चौक रोड़ से लेकर सिनेमा रोड तक तो अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमा रखा है। यहां पटरियों पर दुकानदारों ने कब्जा किया है। यही हाल शहर की अन्य सड़कों का है, जहां बड़े प्रतिष्ठानों के मालिकों ने तो पटरी भी किराए पर उठा दी है, जो ठेला या स्टॉल इनकी दुकान के सामने लगता है वे पाँच से छह हजार रुपये महीना किराया भी लेते हैं। यही स्थिति रोडवेज तक है।

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बोले नगरवासी....
चुनाव जब आता है तो सभी दलों के नेता शहर की समस्याओं के समाधान की कसमें खाते है, चुनाव जीतते ही वो सबकुछ भूल जाते है।
महेश प्रसाद, नगरवासी।
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अब तक तमाम जनप्रतिनिधियों ने समाधान काआश्वासन दिया, लेकिन नतीजा ढ़ाक के तीन पात रहा है।
राहुल गुप्ता, नगरवासी।
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सरकार जो भी बनें बलियावासियों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दें।
अभिषेक गुप्ता, नगरवासी
---चुनाव आते ही तमाम लोग व्यापारियों और नागरिकों का वोट पाने के लिए लुभावने वादे करते है, लेकिन जीतने के बाद कोई पहल नहीं करता, जिससे नगर में जाम के अलवा गंदगी और जल-जमाव की समस्यां गंभीर बनीं हुई है।
अनूप कुमार,नगरवासी।
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