बलिया। उत्तर प्रदेशीय मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के तत्वावधान में कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का ताला बंद कर धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि प्रतापगढ़ जनपद के उप जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह ने लालगंज तहसील में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत सुशील कुमार शर्मा को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। यहीं एसडीएम ने विगत दो अप्रैल को जिला अस्पताल में उपचार करा रहे कर्मचारी की गला दबा कर हत्या कर दी। इस मामले में जिला अस्पताल के सभी चिकित्सक एवं मुख्य चिकित्साधिकारी भी पूर्ण रूप से कुकृत्य के सहभागी है। इस प्रकरण में थाना लालगंज ने एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह यादव सहित चार लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई। इसको लेकर पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। इस मामले के बाद पूरे प्रदेश का कर्मचारी इस विभत्स घटना से भयभीत है तथा अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना यह स्पष्ट करता है प्रदेश में गुंडाराज कायम है। किसी भी अधिकारी को अपने कर्मचारी से मारपीट एवं हिंसक वारदात करने का अधिकार नहीं है। कर्मचारियों ने मांग किया है कि आरोपी एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह यादव को तत्काल गिरफ्तारी कर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए। मृतक सुनील शर्मा के आश्रितों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। मृतक सुनील शर्मा के आश्रितों को तत्काल सेवायोजित किया जाए। कर्मचारियों ने चेताया कि यदि एक सप्ताह के अंदर हम लोगों की तीनों मांगे पूरी न होने पर प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्देश पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर अनिल कुमार गुप्ता, बृजबिहारी सिंह, अजय कुमार सिंह, अखिलेश प्रसाद, हरींद्र नाथ सिंह, श्वेता श्रीवास्तव, मनोज कुमार, श्रीराम प्रसाद, राजकुमार गुप्ता, नथुनी प्रसाद, जमील अहमद, गणेश कुमार, वीरेंद्र राम, संजीव कुमार सिंह, विजय प्रकाश, रविशंकर श्रीवास्तव, हरिशंकर मिश्र, राकेश श्रीवास्तव, निर्मल कुमार वर्मा, रविंद्र प्रताप सिंह, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।