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एक घंटे ठप रही इमरजेंसी सेवा
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
Updated Thu, 13 Aug 2015 10:53 PM IST
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जिला अस्पताल में संसाधनों की कमी बताकर चिकित्सक और कर्मचारियों ने गुरुवार को करीब एक घंटे तक इमरजेंसी सेवा ठप कर दी। इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे चिकित्सक आरएन सिद्धार्थ ड्यूटी छोड़कर बीच में ही चले गए।
इसके बाद चिकित्सकों ने बैठक की। सर्पदंश मामले में हुई कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए बताया कि जिला अस्पताल में जरूरी संसाधन ही नहीं है। मांग करने पर भी जरूरी दवाएं, इंजेक्शन आदि नहीं उपलब्ध कराई जाती।
गुरुवार सुबह इमरजेंसी ड्यूटी में आने के बाद डा. आरएन सिद्धार्थ और तमाम कर्मचारी अचानक ड्यूटी छोड़ बाहर निकल गए। चिकित्सक और कर्मचारियों के बाहर निकलते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
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एक तरफ कर्मचारी और चिकित्सक अस्पताल में सुई, दवा, पानी की बोतल आदि की कमी बता रहे थे। वहीं आपातकालीन कक्ष में उपचार के लिए आए मरीज और तीमारदार इधर-उधर भटक रहे थे। दोबारा अस्पताल में भगदड़ की स्थिति देख चिकित्सकों ने सीएमएस कक्ष में बैठक कर विमर्श किया।
इसके बाद चिकित्सकों ने सर्पदंश से किसान की मौत के मामले में की गई कार्रवाई पर आक्रोश भी जताया। आगे की रणनीति पर चर्चा करने के बाद पुन: इमरजेंसी सेवाएं शुरू कर दी गई।
करीब एक घंटे इमरजेंसी सेवाओं को ठप करने से अस्पताल के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ लोग यह भी कह रहे थे कि अस्पताल में सुदामा की मौत के बाद हुई कार्रवाई के चलते इमरजेंसी सेवाओं को ठप किया गया था।
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इसके बाद चिकित्सकों ने बैठक की। सर्पदंश मामले में हुई कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए बताया कि जिला अस्पताल में जरूरी संसाधन ही नहीं है। मांग करने पर भी जरूरी दवाएं, इंजेक्शन आदि नहीं उपलब्ध कराई जाती।
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गुरुवार सुबह इमरजेंसी ड्यूटी में आने के बाद डा. आरएन सिद्धार्थ और तमाम कर्मचारी अचानक ड्यूटी छोड़ बाहर निकल गए। चिकित्सक और कर्मचारियों के बाहर निकलते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
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एक तरफ कर्मचारी और चिकित्सक अस्पताल में सुई, दवा, पानी की बोतल आदि की कमी बता रहे थे। वहीं आपातकालीन कक्ष में उपचार के लिए आए मरीज और तीमारदार इधर-उधर भटक रहे थे। दोबारा अस्पताल में भगदड़ की स्थिति देख चिकित्सकों ने सीएमएस कक्ष में बैठक कर विमर्श किया।
इसके बाद चिकित्सकों ने सर्पदंश से किसान की मौत के मामले में की गई कार्रवाई पर आक्रोश भी जताया। आगे की रणनीति पर चर्चा करने के बाद पुन: इमरजेंसी सेवाएं शुरू कर दी गई।
करीब एक घंटे इमरजेंसी सेवाओं को ठप करने से अस्पताल के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ लोग यह भी कह रहे थे कि अस्पताल में सुदामा की मौत के बाद हुई कार्रवाई के चलते इमरजेंसी सेवाओं को ठप किया गया था।