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Ballia News: 44 कटान पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की कवायद तेज
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बैरिया। नदी की कटान में आशियाना गंवाने वाले 144 परिवारों के पुनर्वास की कवायद तेज हो गई है। नौरंगा, केहरपुर और गोपालपुर के कटान पीड़ितों को बसाने के लिए तहसील प्रशासन भूमि की तलाश कर रहा है।
तत्कालीन जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश के बाद कार्रवाई शुरू की गई है, लेकिन अभी तक सभी परिवारों के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित नहीं हो सकी है। नौरंगा के 142 कटान पीड़ित परिवारों में से 43 को मून छपरा के पास आवासीय पट्टा मिल चुका है। शेष 99 परिवार अब भी स्थायी ठिकाने की राह देख रहे हैं। कई परिवार बंधे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गुजर-बसर कर रहे हैं। वहीं, केहरपुर के 15 और गोपालपुर के 30 परिवारों के पुनर्वास के लिए भी भूमि तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी जमीन नहीं मिली तो खरीदी जाएगी भूमि
जिला पंचायत सदस्य गीता सिंह ने एक सितंबर को जिलाधिकारी से मिलकर कटान पीड़ितों को जल्द बसाने की मांग की थी। इसके बाद तहसील प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने पर भूमि खरीदकर परिवारों को बसाने का भी निर्देश है। एसडीएम बैरिया रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को भूमि तलाशने के लिए निर्देशित किया गया है। भूमि मिलते ही पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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तत्कालीन जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश के बाद कार्रवाई शुरू की गई है, लेकिन अभी तक सभी परिवारों के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित नहीं हो सकी है। नौरंगा के 142 कटान पीड़ित परिवारों में से 43 को मून छपरा के पास आवासीय पट्टा मिल चुका है। शेष 99 परिवार अब भी स्थायी ठिकाने की राह देख रहे हैं। कई परिवार बंधे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गुजर-बसर कर रहे हैं। वहीं, केहरपुर के 15 और गोपालपुर के 30 परिवारों के पुनर्वास के लिए भी भूमि तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
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सरकारी जमीन नहीं मिली तो खरीदी जाएगी भूमि
जिला पंचायत सदस्य गीता सिंह ने एक सितंबर को जिलाधिकारी से मिलकर कटान पीड़ितों को जल्द बसाने की मांग की थी। इसके बाद तहसील प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने पर भूमि खरीदकर परिवारों को बसाने का भी निर्देश है। एसडीएम बैरिया रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को भूमि तलाशने के लिए निर्देशित किया गया है। भूमि मिलते ही पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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