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Ballia News: गाय पालने की शौकीन दुर्गेश ने समूह बनी लखपति दीदी, अब दिल्ली में 26 जनवरी की परेड में होंगी शामिल
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दुर्गेश तिवारी। संवाद
- फोटो : संवाद
बलिया। जिले के बांसडीह ब्लॉक के बहुआरा ग्राम पंचायत की प्रधान व पंचदेव महिला संघ की अध्यक्ष दुर्गेश तिवारी अब लखपति दीदी में शामिल होने के गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली मुख्य परेड में शामिल होंगी। गाय पालने का शौक रखने वाली दुर्गेश तिवारी ने बताया कि पंचायत चुनाव जीतने के बाद महिलाओं की आय बढ़ाने पर विचार किया। इसके बाद उन्होंने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह का गठन किया। तीन साल पहले उन्होंने समूह को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पशुओं के कुनबे को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में समूह के माध्यम से 1.50 लाख रुपये का ऋण लिया। इससे पशुओं की खरीदकर पाला और दूध बेचने शुरू किया। धीरे-धीरे कुछ ही दिनों में चार गाय से 12 गाय हो गई। लगभग ढाई साल पहले एक कंपनी के संपर्क में आने के बाद समूह का भाग्य ही बदल गया। लखपति दीदी ने बताया कि कंपनी से जुड़ने के बाद उनका यह कार्य और आसान हो गया। पहले दूध बिक्री व पैसा वसूलने में दिक्कत होती थी लेकिन अब कोई झंझट नहीं होती है। प्रतिदिन 100 लीटर दूध कंपनी को दिया जाता है। सप्ताह में पैसा खाते में आ जाता है। यहां तक चारा व दवा भी कंपनी की तरफ से सस्ते दर में उपलब्ध हो जाता है। इससे 11 महिलाएं जुड़ी हुई है।
अभी और पशुओं को बढ़ाने की योजना है, जिससे विस्तार दिया जा सके। दुर्गेश बताती हैं कि काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की तरफ से नाम भेजा गया था। कंपनी वालों ने केवल इतना ही बताया था कि आपका नाम भेजा जा रहा है। अभी किसी तरह की सूचना नहीं आई है। आज दुर्गेश तिवारी महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। उन्हें हर तरफ से बंधाई मिल रही है।
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उन्होंने बताया कि शुरुआत में समूह के माध्यम से 1.50 लाख रुपये का ऋण लिया। इससे पशुओं की खरीदकर पाला और दूध बेचने शुरू किया। धीरे-धीरे कुछ ही दिनों में चार गाय से 12 गाय हो गई। लगभग ढाई साल पहले एक कंपनी के संपर्क में आने के बाद समूह का भाग्य ही बदल गया। लखपति दीदी ने बताया कि कंपनी से जुड़ने के बाद उनका यह कार्य और आसान हो गया। पहले दूध बिक्री व पैसा वसूलने में दिक्कत होती थी लेकिन अब कोई झंझट नहीं होती है। प्रतिदिन 100 लीटर दूध कंपनी को दिया जाता है। सप्ताह में पैसा खाते में आ जाता है। यहां तक चारा व दवा भी कंपनी की तरफ से सस्ते दर में उपलब्ध हो जाता है। इससे 11 महिलाएं जुड़ी हुई है।
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अभी और पशुओं को बढ़ाने की योजना है, जिससे विस्तार दिया जा सके। दुर्गेश बताती हैं कि काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की तरफ से नाम भेजा गया था। कंपनी वालों ने केवल इतना ही बताया था कि आपका नाम भेजा जा रहा है। अभी किसी तरह की सूचना नहीं आई है। आज दुर्गेश तिवारी महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। उन्हें हर तरफ से बंधाई मिल रही है।
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