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दूबे छपरा रिंग बंधा टूटा, मचा हड़कंप
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Sat, 27 Aug 2016 09:46 PM IST
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दूबे छपरा रिंग बंधा टूटने के बाद तेज रफ्तार गोपालपुर की तरफ बढ़ रही बाढ़ की लहरें।
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दूबे छपरा रिंग बंधा को बचाने की प्रशासन की कोशिश शनिवार को फेल हो गई। बंधा दोपहर करीब पौने बारह बजे टूट गया। दूबे छपरा गांव के प्राथमिक बालिका विद्यालय के सामने बंधा टूटने के बाद करीब बीस फीट पानी की मोटी धार गोपालपुर ग्राम पंचायत में गिरने लगी। बंधा टूटते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। कमिश्नर और जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे तथा तत्काल एहतियात के तौर पर एनएच 31 पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई।
दूबे छपरा रिंग बंधा पर पिछले एक पखवाड़े से गंगा के पानी का दबाव था। बाढ़ निरोधक टीम बचाव कार्य में लगी थी। बंधे पर पानी के दबाव और टूटने के खतरे को देखते हुए विगत तीन दिनों से कमिश्नर नीलम अहलावत भी जिले में कैंप किए हुए थी। जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस और पुलिस अधीक्षक लगातार बंधे को बचाने के लिए बाढ़ विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते रहे।
लेकिन शनिवार की दोपहर करीब 11.49 बजे प्रशासन की कोशिशें फेल हो गईं तथा बंधा टूट गया। बंधा टूटने के साथ ही गोपालपुर ग्राम सभा के उदयीछपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, प्रसाद छपरा डूब गया। बंधा टूटने के बाद उदई छपरा, प्रसाद छपरा, गोपालपुर, दूबे छपरा, आलम राय का टोला, पांडेयपुर, चिरंजी छपरा समेत करीब एक दर्जन गांव प्रभावित होंगे।
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इन गांवों की आबादी करीब 37 हजार है। एसडीएम बैरिया अरविंद कुमार ने बताया कि बंधा टूटने के बाद एनडीआरएफ की टीम को प्रभावित गांवों में लगा दिया गया है, जो बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में जुट गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कई स्थानों पर राहत कैंप की व्यवस्था की गई है, जहां उनके रहने से लेकर भोजन तक की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
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दूबे छपरा रिंग बंधा पर पिछले एक पखवाड़े से गंगा के पानी का दबाव था। बाढ़ निरोधक टीम बचाव कार्य में लगी थी। बंधे पर पानी के दबाव और टूटने के खतरे को देखते हुए विगत तीन दिनों से कमिश्नर नीलम अहलावत भी जिले में कैंप किए हुए थी। जिलाधिकारी गोविंद राजू एनएस और पुलिस अधीक्षक लगातार बंधे को बचाने के लिए बाढ़ विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते रहे।
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लेकिन शनिवार की दोपहर करीब 11.49 बजे प्रशासन की कोशिशें फेल हो गईं तथा बंधा टूट गया। बंधा टूटने के साथ ही गोपालपुर ग्राम सभा के उदयीछपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, प्रसाद छपरा डूब गया। बंधा टूटने के बाद उदई छपरा, प्रसाद छपरा, गोपालपुर, दूबे छपरा, आलम राय का टोला, पांडेयपुर, चिरंजी छपरा समेत करीब एक दर्जन गांव प्रभावित होंगे।
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इन गांवों की आबादी करीब 37 हजार है। एसडीएम बैरिया अरविंद कुमार ने बताया कि बंधा टूटने के बाद एनडीआरएफ की टीम को प्रभावित गांवों में लगा दिया गया है, जो बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम में जुट गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कई स्थानों पर राहत कैंप की व्यवस्था की गई है, जहां उनके रहने से लेकर भोजन तक की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।