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बनने लगे सूखे जैसे हालात, किसानों ने रोकी धान की रोपाई

Mon, 11 Jul 2022 12:57 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 12:57 AM IST
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Drought-like situation started to form, farmers stopped planting of paddy
बलिया। वर्तमान में बारिश नहीं होने से सूखा का असर खरीफ की खेती पर पड़ने लगा है। अधिकांश इलाकों में धान की रोपाई किसान नहीं कर पा रहे हैं। उधर, बिजली की कटौती भी किसानों को रुला रही है। धान की नर्सरी को बचाना भी मुश्किल हो रहा है। करीब एक पखवारा पहले हुई जोरदार बारिश के बाद अब तक बारिश नहीं हुई है। बारिश के बाद किसानों ने खरीफ के फसलों की बोआई इस उम्मीद के साथ किया कि आषाढ माह में बारिश होने के बाद फसलें ठीक होंगी लेकिन बारिश नहीं होने के कारण सूखे जैसे हालात बन गए हैं। जिन खेतों में बोआई हुई थी तेज धूप व गर्मी के कारण बीजों का जमाव नहीं हो सका। आषाढ़ माह में खासकर ज्वार, बाजरा, मक्का, अरहर आदि की बोआई की जाती है। किसानों के उपर दोहरी मार पड़ने लगी है। उधर, बारिश नहीं होने के कारण किसान धान की रोपाई भी नहीं कर पा रहे हैं। किसानों को अच्छी बारिश होने का इंतजार है ताकि रोपाई कर सकें। किसानों की मानें तो सूखे जैसे हालात में निजी नलकूपों से सिंचाई कर धान की रोपाई करना संभव नहीं है। बताया कि धान की नर्सरी को बचाने के लिए ही मशक्कत करनी पड़ रही है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती भी किसानों को खूब रुला रही है। अधिकांश इलाकों में आठ से नौ घंटे की ही आपूर्ति मिल रही है। इसके चलते जहां लोग गर्मी से बेहाल हो जा रहे हैं वहीं, किसानों को धान की नर्सरी की सिंचाई के लिए भी जूझना पड़ता है।
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