{"_id":"5e5e8af78ebc3ef40724f055","slug":"drives-for-tb-eradication-without-medication-ballia-news-vns513957677","type":"story","status":"publish","title_hn":"दवाइयों के कगना टीबी से जंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दवाइयों के कगना टीबी से जंग
विज्ञापन
बलिया। प्रधानमंत्री की ओर से वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने की घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे संकल्प के रूप में लिया गया है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलेभर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और इस दौरान टीबी के मरीजों का चिह्नांकन कर इलाज किया जाता है। लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। जिला अस्पताल के क्षय रोग केंद्र पर टीबी की महत्वपूर्ण दवाइयां ही उपलब्ध नहीं हैं।
बताया जाता है कि टीबी के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अलावा जिला प्रशासन की ओर से भी जिले के कई इलाकों में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। उधर, जिला अस्पताल में स्थित क्षय रोग केंद्र पर कई महत्वपूर्ण दवाईयों के नहीं मिलने के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ता है। जिला अस्पताल में आए मरीजों की मानें तो इस रोग के लिए कारगर कई एंटीबॉयोटिक दवाईयां नहीं मिलने के कारण बाहर से महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है। उधर, क्षयरोग विशेषज्ञ एके स्वर्णकार ने बताया कि महीने में आठ से दस मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कई तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं जिसके कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जो दवा उपलब्ध होती है उसे दिया जाता है।
-
क्षय रोग की सभी दवाईयां दवा वितरण केंद्र पर उपलब्ध हैं। कभी-कभी कंपनियां बदल जाने के कारण मरीजों को लगता है वह दवा हमें नहीं मिल रही हैं।
- डॉ केडी प्रसाद, एसीएमओ व क्षय रोग के नोडल अधिकारी।
विज्ञापन
बताया जाता है कि टीबी के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अलावा जिला प्रशासन की ओर से भी जिले के कई इलाकों में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। उधर, जिला अस्पताल में स्थित क्षय रोग केंद्र पर कई महत्वपूर्ण दवाईयों के नहीं मिलने के कारण मरीजों को परेशान होना पड़ता है। जिला अस्पताल में आए मरीजों की मानें तो इस रोग के लिए कारगर कई एंटीबॉयोटिक दवाईयां नहीं मिलने के कारण बाहर से महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है। उधर, क्षयरोग विशेषज्ञ एके स्वर्णकार ने बताया कि महीने में आठ से दस मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कई तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं जिसके कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जो दवा उपलब्ध होती है उसे दिया जाता है।
विज्ञापन
-
क्षय रोग की सभी दवाईयां दवा वितरण केंद्र पर उपलब्ध हैं। कभी-कभी कंपनियां बदल जाने के कारण मरीजों को लगता है वह दवा हमें नहीं मिल रही हैं।
- डॉ केडी प्रसाद, एसीएमओ व क्षय रोग के नोडल अधिकारी।