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स्थायी डीएल के आवेदकों को करना पड़ेगा सिंतबर का इंतजार
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बलिया। स्थायी डीएल बनवाने वालों को बायोमेट्रिक टेस्ट के लिए दो माह बाद का समय दिया जा रहा है। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। जल्द डीएल पाने की उम्मीद में वह बाहरी लोगों से मिलकर जुगाड़ लगा रहे हैं। वहीं, एआरटीओ कार्यालय में भीड़ बढ़ गई है।
लर्निंग बनवाने वालों को 10 से 12 दिन में ही परीक्षा के लिए बुलाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो माह तक डीएल बनाने से संबंधित सारे कार्य रोक दिए गए थे। 21 जून से रोक हटी तो इसके बाद आवेदकों की भीड़ बढ़ गई है। स्थाई डीएल बनवाने वालों को सितंबर माह की तिथि बायोमेट्रिक टेस्ट के लिए मिल रही है।
वर्तमान में जिले के लिए लर्निंग डीएल के 99, स्थाई 36, रिन्यूअल के 45 स्लॉट ही प्रतिदिन के लिए निर्धारित किया गया है। आवेदकों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद यहां के लिए स्लॉट बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर से भी कोई पहल नहीं की जा रही है।
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डीएल के लिए अभी जो स्लॉट निर्धारित है, उसी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। कार्य ऑनलाइन होने के बाद जुगाड़ से बनने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। भीड़ को देखते हुए स्लॉट बढ़ाने के लिए मुख्यालय को फीडबैक दिया गया है।
- राजभूषण चौधरी, आरआई, परिवहन विभाग।
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लर्निंग बनवाने वालों को 10 से 12 दिन में ही परीक्षा के लिए बुलाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो माह तक डीएल बनाने से संबंधित सारे कार्य रोक दिए गए थे। 21 जून से रोक हटी तो इसके बाद आवेदकों की भीड़ बढ़ गई है। स्थाई डीएल बनवाने वालों को सितंबर माह की तिथि बायोमेट्रिक टेस्ट के लिए मिल रही है।
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वर्तमान में जिले के लिए लर्निंग डीएल के 99, स्थाई 36, रिन्यूअल के 45 स्लॉट ही प्रतिदिन के लिए निर्धारित किया गया है। आवेदकों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद यहां के लिए स्लॉट बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर से भी कोई पहल नहीं की जा रही है।
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डीएल के लिए अभी जो स्लॉट निर्धारित है, उसी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। कार्य ऑनलाइन होने के बाद जुगाड़ से बनने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। भीड़ को देखते हुए स्लॉट बढ़ाने के लिए मुख्यालय को फीडबैक दिया गया है।
- राजभूषण चौधरी, आरआई, परिवहन विभाग।