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Ballia News: आज पूजे जाएंगे देवशिल्पी विश्वकर्मा, बाजार में पूजन सामग्री की खरीद के लिए लगी भीड़

Thu, 17 Sep 2026 01:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 01:28 AM IST
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Divine architect Vishwakarma will be worshipped today; crowds have gathered in the markets to purchase worship materials.
नगर के शहीद पार्क चौक में विश्वकर्मा पूजा के लिए पूजन सामग्री की खरीदारी करती युवतियां। संवाद
बलिया। देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा को लेकर बुधवार को बाजार में काफी चहल पहल दिखी। मोटर पार्ट्स के दुकानदार सुबह से दुकान की सफाई में लगे रहे। देर रात तक बाजार में पूजा की सामग्री और मिठाई की खरीदारी की।
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विश्वकर्मा की पूजा से एक दिन पहले लोनिवि निर्माण खंड में विधिवत पूजन के साथ संकीर्तन का कार्यक्रम शुरू हो गया। इससे माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। कई संस्थानों में विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा होगी।
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कार विक्रेता शोरूम के मालिक बताते हैं कि विश्वकर्मा पूजा के पहले लोगों की बिक्री के सारे कागजी काम पूरे कर लिए हैं। ऐसे में अब केवल कारों की डिलीवरी बाकी है। नलकूप विभाग, नगर पालिका परिषद, लोविनि प्रांतीय खंड, सिंचाई विभाग, पालीटेक्निक, आईटीआई में विशेष कार्यक्रम के आयोजन प्रस्तावित है।
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विश्वकर्मा जयन्ती सनातन परंपरा में पूरी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस दिन औद्योगिक क्षेत्रों, फैक्ट्रियों, लोहे, मशीनों तथा औजारों से संबंधित कार्य करने वाले, वाहन शोरूम आदि में विश्वकर्मा की पूजा होती है। मशीनों और औजारों की साफ-सफाई आदि की जाती है और उन पर रंग किया जाता है।
विश्वकर्मा जयन्ती के अवसर पर ज्यादातर कल-कारखाने बंद रहते हैं और लोग हर्षोल्लास के साथ भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं। विश्वकर्मा हिन्दू मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवताओं के शिल्पी के रूप में जाने जाते हैं।

ज्योतिषाचार्य डा. अखिलेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा की जयंती वर्षा ऋतु के अंत और शरद ऋतु के शुरू में भी मनाए जाने की परंपरा रही है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दिन सूर्य, कन्या राशि में प्रवेश करते हैं। चूंकि सूर्य की गति अंग्रेजी तारीख से संबंधित है, इसलिए कन्या संक्रांति भी प्रतिवर्ष 17 सितंबर को पड़ती है। जैसे मकर संक्रांति अमूमन 14 जनवरी को पड़ती है, ठीक उसी प्रकार कन्या संक्रांति भी प्रायः 17 सितंबर को ही पड़ती है। इसलिए कुछ स्थानों पर विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर को मनाई जाती है।
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