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जनपद में वाटर स्पोर्ट्स पर्यटन को देगा बढ़ावा
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
Updated Mon, 31 Aug 2015 11:30 PM IST
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जनपद में वाटर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाएं हैं। पूरे देश में कुल सात वाटर स्पोर्ट्स ही हैं, लेकिन यूपी जैसे बड़े प्रदेश में इसका न होना यहां की सरकार की कार्यशैली को प्रदर्शित करता है।
पहली बार सांसद भरत सिंह ने जो प्रयास किया है, उसे सफलता मिल गई तो सुरहा ताल एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सकेगा। ये बातें रविवार को एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया (साइ) के वरिष्ठ अधिकारी अशोक कुमार ने कही।
कुमार ने एक सवाल के जवाब में बताया कि पहले भी इसके लिए एक बार प्रयास किया गया था लेकिन लोगों का सहयोग नहीं मिल पाया। ऐसे में वाटर स्पोर्ट्स की योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। उन्होंने साइ की कार्यपद्धति की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण विभिन्न प्रकार के खेलों को बढ़ावा देने का काम करता है।
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कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो सांसद के मेहनत से जिले में वाटर पार्क शुरू हो सकेगा। इससे युवाओं की ऊर्जा में निखार लाया जा सकता है। इसके लिए मानक के अनुरूप सब कुुछ ठीक कराया जा सकता है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के मानक के मुताबिक ट्रेनी और ट्रेनिंग पर केंद्र और अन्य खर्च प्रदेश सरकार को देना होता है।
इस दौरान सांसद भरत सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने सुरहा ताल के लिए जो सपना देखा था, उसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन आज भी वहां झाड़ियां है। उन्हीं के कार्यकाल में वाटर पार्क के लिए नौकायन की ट्रेनिंग शुरू कराई गई थी।
इसे कुछ दिनों में लोगों के विरोध के बाद बंद करा दिया गया लेकिन इस बार लोगों को समझाया जाएगा कि वाटर स्पोर्ट्स से किस तरह से युवाओं को लाभ मिल सकेगा। इस बार इस प्रोजेक्ट को अपने जिले में लाना है।
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पहली बार सांसद भरत सिंह ने जो प्रयास किया है, उसे सफलता मिल गई तो सुरहा ताल एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सकेगा। ये बातें रविवार को एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया (साइ) के वरिष्ठ अधिकारी अशोक कुमार ने कही।
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कुमार ने एक सवाल के जवाब में बताया कि पहले भी इसके लिए एक बार प्रयास किया गया था लेकिन लोगों का सहयोग नहीं मिल पाया। ऐसे में वाटर स्पोर्ट्स की योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी। उन्होंने साइ की कार्यपद्धति की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण विभिन्न प्रकार के खेलों को बढ़ावा देने का काम करता है।
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कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो सांसद के मेहनत से जिले में वाटर पार्क शुरू हो सकेगा। इससे युवाओं की ऊर्जा में निखार लाया जा सकता है। इसके लिए मानक के अनुरूप सब कुुछ ठीक कराया जा सकता है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के मानक के मुताबिक ट्रेनी और ट्रेनिंग पर केंद्र और अन्य खर्च प्रदेश सरकार को देना होता है।
इस दौरान सांसद भरत सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने सुरहा ताल के लिए जो सपना देखा था, उसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन आज भी वहां झाड़ियां है। उन्हीं के कार्यकाल में वाटर पार्क के लिए नौकायन की ट्रेनिंग शुरू कराई गई थी।
इसे कुछ दिनों में लोगों के विरोध के बाद बंद करा दिया गया लेकिन इस बार लोगों को समझाया जाएगा कि वाटर स्पोर्ट्स से किस तरह से युवाओं को लाभ मिल सकेगा। इस बार इस प्रोजेक्ट को अपने जिले में लाना है।