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रिकार्ड पौधरोपण के लिए जिला तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 04 Jun 2016 11:46 PM IST
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जिले को हरा भरा करने के लिए सात लाख पौधे लगाये जायेंगे। जिसमें साढ़े पांच लाख पौधे वन विभाग खुद लगायेगा। शेष पौधों को जिले के अन्य विभागों द्वारा लगाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी पौधे एक ही दिन लगाये जायेंगे। जिसकी तिथि मुख्यमंत्री जल्दी ही घोषित करेंगे।
जिले में वन नहीं है लेकिन करीब 23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वृक्षों से आच्छादित है। इसे आगे बढ़ाने की कवायद में इस साल करीब सात लाख पौधे लगाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें अकेले वन विभाग पांच लाख 45 हजार 114 पौधे लगायेगा। शेष करीब एक लाख 42 हजार 125 पौधे जिले के करीब नौ विभाग लगायेंगे।
पौधरोपण के लिए नर्सरी भी तैयार कर ली गई है। जिले के 18 सरकारी नर्सरी में करीब 13 लाख 41 हजार पौधों की नर्सरी तैयार हो रही है। जिसमें अभी तक करीब छह लाख 28 हजार पौधे रोपण योग्य हो गये हैं। शेष पौध कुछ ही दिनों में रोपण के लिए तैयार हो जायेंगे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इमारती लकड़ी शीशम, यूकेलिप्टस के साथ फलदार वृक्ष आम, जामुन, महुआ आदि के पौधे लगाये जायेंगे। रोपण योग्य पौधों की ऊंचाई करीब आठ फीट तक हो गई है।
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वन विभाग 17 जगहों पर पौधरोपण करेगा। जिसमें रेलवे की जमीन, नदी के किनारे, तालाब के किनारे, सड़कों के दोनों तरफ तथा ग्राम पंचायत की जमीन पर पौधा रोपण किया जायेगा। पौधों का अनुरक्षण 2-3 साल तक वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया जायेगा। वन कर्मियों द्वारा केवल उन्हीं पौधों का अनुरक्षण किया जायेगा, जिसे वन विभाग द्वारा लगाये गये हैं। विभाग पौधों में पानी डालने से उर्वर डालने तक का कार्य करेगा। विभागीय लोग पौधों को पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करेंगे। विभागों में इसे लेकर उत्साह है।
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जिले में वन नहीं है लेकिन करीब 23 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र वृक्षों से आच्छादित है। इसे आगे बढ़ाने की कवायद में इस साल करीब सात लाख पौधे लगाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें अकेले वन विभाग पांच लाख 45 हजार 114 पौधे लगायेगा। शेष करीब एक लाख 42 हजार 125 पौधे जिले के करीब नौ विभाग लगायेंगे।
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पौधरोपण के लिए नर्सरी भी तैयार कर ली गई है। जिले के 18 सरकारी नर्सरी में करीब 13 लाख 41 हजार पौधों की नर्सरी तैयार हो रही है। जिसमें अभी तक करीब छह लाख 28 हजार पौधे रोपण योग्य हो गये हैं। शेष पौध कुछ ही दिनों में रोपण के लिए तैयार हो जायेंगे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इमारती लकड़ी शीशम, यूकेलिप्टस के साथ फलदार वृक्ष आम, जामुन, महुआ आदि के पौधे लगाये जायेंगे। रोपण योग्य पौधों की ऊंचाई करीब आठ फीट तक हो गई है।
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वन विभाग 17 जगहों पर पौधरोपण करेगा। जिसमें रेलवे की जमीन, नदी के किनारे, तालाब के किनारे, सड़कों के दोनों तरफ तथा ग्राम पंचायत की जमीन पर पौधा रोपण किया जायेगा। पौधों का अनुरक्षण 2-3 साल तक वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया जायेगा। वन कर्मियों द्वारा केवल उन्हीं पौधों का अनुरक्षण किया जायेगा, जिसे वन विभाग द्वारा लगाये गये हैं। विभाग पौधों में पानी डालने से उर्वर डालने तक का कार्य करेगा। विभागीय लोग पौधों को पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करेंगे। विभागों में इसे लेकर उत्साह है।