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मनरेगा से होने लगा मोह भंग, 1.30 लाख जॉब कार्डधारक हो चुके हैं निष्क्रिय
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बलिया। मनरेगा कार्यों में मनमानी के चलते अब जॉब कार्डधारकों का मोहभंग होने लगा है। वर्ष 2021-22 में करीब 1.30 लाख जॉब कार्डधारकों ने काम नहीं किया। विभाग भी इन कार्डधारकों को निष्क्रिय मान चुका है। इतना ही नहीं आवेदन के सापेक्ष 66814 परिवारों को तो जॉब कार्ड ही जारी नहीं किया गया, जबकि वित्तीय वर्ष की समाप्ति में करीब दो माह ही बचे हैं।
मनरेगा को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों की गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करके ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। मनरेगा का एक और उद्देश्य है सड़कों, नहरों, तालाबों, कुओं आदि का निर्माण किया जाए ताकि गांव के कामगारों को पांच किमी के भीतर रोजगार उपलब्ध हो सके। काम करने वालों को काम के बदले न्यूनतम मजदूरी के भुगतान की व्यवस्था है जो सीधे मजदूरों के खाते में भेजी जाती है। मनरेगा में यह भी प्रावधान है कि काम मांगने वाले को आवेदन देने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं दिया गया है तो आवेदक बेरोजगारी भत्ता पाने का हकदार होगा। मनरेगा को मुख्य रूप से ग्राम पंचायत द्वारा लागू किया जाता है। ठेकेदारों की भागीदारी प्रतिबंधित है। जल संचयन, सूखा राहत और बाढ़ नियंत्रण के लिए आधारभूत संरचना बनाने जैसे श्रम-गहन कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है। जिले में मनरेगा की शुरुआत वर्ष 2007-08 में हुई। हालांकि वर्ष 2008-09 में यह योजना पूरी तरह धरातल पर उतरी। कामगारों को कार्य देने के लिए जॉब कार्ड बनाए गए। हर वर्ष जॉब कार्डधारकों का पंजीकरण किया जाता है ताकि उन्हें कार्य दिया जा सके। अब मनरेगा में भ्रष्टाचार को लेकर तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। इसके चलते दिनों-दिन ग्रामीण इलाकों के जॉब कार्डधारकों का इससे मोहभंग होने लगा है। वर्ष 2021-22 में कुल 345028 जॉब कार्ड जारी किए गए लेकिन 215106 जॉब कार्ड ही एक्टिव हैं। यानि 129922 जॉब कार्डधारकों को विभाग निष्क्रिय मान चुका है। इस तरह कुल पंजीकृत 527193 कामगारों के सापेक्ष 253236 कामगार ही कार्य को लेकर सक्रिय रहे। इतना ही नहीं कुल 411842 लोगों ने जॉब कार्ड के लिए आवेदन किया लेकिन 66814 को जॉब कार्ड ही जारी नहीं किए गए।
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ब्लॉक वार स्थिति
ब्लॉक आवेदन जारी कार्ड एक्टिव जॉब कार्ड
सीयर 36050 30078 18129
नगरा 39143 32966 19139
रसड़ा 41043 35759 23907
चिलकहर 25041 22355 16747
नवानगर 27865 23596 14711
पंदह 21601 17708 12799
मनियर 21128 17890 14560
बेरुआरबारी 13663 11780 7309
बांसडीह 18775 16391 10750
रेवती 17689 14815 9963
गड़वार 23061 19829 13411
सोहांव 24277 20712 12187
हनुमानगंज 21285 15252 9118
दुबहड़ 21401 17037 8708
बेलहरी 16680 13647 7481
बैरिया 18595 15191 7236
मुरलीछपरा 24545 20022 8951
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लंबे समय तक कार्य की मांग नहीं करने वाले जॉब कार्डधारकों को निष्क्रिय मान लिया जाता है। अगर वह कार्य की मांग करते हैं तो निश्चित ही उन्हें कार्य उपलब्ध कराया जाएगा।
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- हरिचंद्र प्रजापति, उपायुक्त, श्रम व रोजगार मनरेगा, बलिया।
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मनरेगा को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों की गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करके ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। मनरेगा का एक और उद्देश्य है सड़कों, नहरों, तालाबों, कुओं आदि का निर्माण किया जाए ताकि गांव के कामगारों को पांच किमी के भीतर रोजगार उपलब्ध हो सके। काम करने वालों को काम के बदले न्यूनतम मजदूरी के भुगतान की व्यवस्था है जो सीधे मजदूरों के खाते में भेजी जाती है। मनरेगा में यह भी प्रावधान है कि काम मांगने वाले को आवेदन देने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं दिया गया है तो आवेदक बेरोजगारी भत्ता पाने का हकदार होगा। मनरेगा को मुख्य रूप से ग्राम पंचायत द्वारा लागू किया जाता है। ठेकेदारों की भागीदारी प्रतिबंधित है। जल संचयन, सूखा राहत और बाढ़ नियंत्रण के लिए आधारभूत संरचना बनाने जैसे श्रम-गहन कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है। जिले में मनरेगा की शुरुआत वर्ष 2007-08 में हुई। हालांकि वर्ष 2008-09 में यह योजना पूरी तरह धरातल पर उतरी। कामगारों को कार्य देने के लिए जॉब कार्ड बनाए गए। हर वर्ष जॉब कार्डधारकों का पंजीकरण किया जाता है ताकि उन्हें कार्य दिया जा सके। अब मनरेगा में भ्रष्टाचार को लेकर तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। इसके चलते दिनों-दिन ग्रामीण इलाकों के जॉब कार्डधारकों का इससे मोहभंग होने लगा है। वर्ष 2021-22 में कुल 345028 जॉब कार्ड जारी किए गए लेकिन 215106 जॉब कार्ड ही एक्टिव हैं। यानि 129922 जॉब कार्डधारकों को विभाग निष्क्रिय मान चुका है। इस तरह कुल पंजीकृत 527193 कामगारों के सापेक्ष 253236 कामगार ही कार्य को लेकर सक्रिय रहे। इतना ही नहीं कुल 411842 लोगों ने जॉब कार्ड के लिए आवेदन किया लेकिन 66814 को जॉब कार्ड ही जारी नहीं किए गए।
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ब्लॉक वार स्थिति
ब्लॉक आवेदन जारी कार्ड एक्टिव जॉब कार्ड
सीयर 36050 30078 18129
नगरा 39143 32966 19139
रसड़ा 41043 35759 23907
चिलकहर 25041 22355 16747
नवानगर 27865 23596 14711
पंदह 21601 17708 12799
मनियर 21128 17890 14560
बेरुआरबारी 13663 11780 7309
बांसडीह 18775 16391 10750
रेवती 17689 14815 9963
गड़वार 23061 19829 13411
सोहांव 24277 20712 12187
हनुमानगंज 21285 15252 9118
दुबहड़ 21401 17037 8708
बेलहरी 16680 13647 7481
बैरिया 18595 15191 7236
मुरलीछपरा 24545 20022 8951
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लंबे समय तक कार्य की मांग नहीं करने वाले जॉब कार्डधारकों को निष्क्रिय मान लिया जाता है। अगर वह कार्य की मांग करते हैं तो निश्चित ही उन्हें कार्य उपलब्ध कराया जाएगा।
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- हरिचंद्र प्रजापति, उपायुक्त, श्रम व रोजगार मनरेगा, बलिया।