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Ballia News: कम पैसे में शोहरत की चाह; नेटवर्क मार्केटिंग का जाल, बन रहे कर्जदार, 5000 से ज्यादा युवा जुड़े
Mon, 09 Jun 2025 06:37 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Mon, 09 Jun 2025 06:37 PM IST
सार
कम समय में दौलत-शोहरत हासिल करने की चाह में युवा राह से भटक रहे हैं। नेटवर्क मार्केटिंग के जाल में फंस रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में पांच हजार से ज्यादा युवा जुड़े हुए हैं और शहर के प्रमुख होटलों में कार्यशाला आयोजित कर कंपनियां इन्हें लुभा रही हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
कम समय में दौलत-शोहरत हासिल करने की चाह में युवा राह से भटक रहे हैं। महंगी कार और बंगले का सपना दिखाकर नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी के लोग बेरोजगार युवाओं को जाल में फंसा रहे हैं। इसमें फंसकर कई युवा कर्ज के बोझ तले दब गए। सूत्रों के मुताबिक 5000 से ज्यादा लोग नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े हैं।
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मनियर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बीए पास प्रमोद 2024 में एक नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी से जुड़ा। उसके ही एक रिश्तेदार ने उसे में शामिल कराया। रिश्तेदार ने उसे एक साल के अंदर एक लाख रुपये महीने कमाने का पूरा प्लान समझाया। कुछ दिनों बाद उसे शहर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में लाया गया।
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यहां सूट-बूट पहने युवाओं को उसने देखा। साथ ही पहली बार किसी अच्छे होटल में भोजन किया। कार्यक्रम में आए स्पीकर ने कंपनी के उत्पाद और उससे होने वाले फायदे के बारे में समझाया। इससे प्रमोद काफी प्रभावित हो गया।
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घर आने के बाद उसने आठ हजार रुपये मांगकर कंपनी से जुड़ गया। वहीं, अपने सभी जानने वालों की सूची बनाई और उन्हें कॉल कर इस बिजनेस के बारे में समझाने लगा। शुरूआत में किसी ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ दिन बाद एक-दो दोस्त उससे जुड़े। धीरे-धीरे कुछ और लोग जुड़े तो उसके खाते में लगभग नौ हजार रुपये आए।
इससे उत्साह बढ़ गया और अगले दो महीने में कुछ और लोगों को जोड़ा। लेकिन, उसके साथ जुड़ने वाले लोगों की कमाई नहीं हो रही थी। इससे उसकी चेन प्रभावित हो गई। धीरे-धीरे लोग कटने लगे तो उसका नेटवर्क खराब हो गया।
दुनिया को दिखाने के लिए उसने सूट-बूट और महंगा फोन ले लिया था। छह महीने में उसके ऊपर एक लाख रुपये का कर्ज हो गया। दोस्त और रिश्तेदार भी उससे रुपये वापस मांगने लगे। परेशान होकर उसने कंपनी को छोड़ दी और गुजरात जाकर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी शुरू की।
अब उसी के जरिये वह कर्ज भर रहा है। इसी तरह शहर और जिले के बहुत सारे युवा नेटवर्किंग के चक्कर में आकर कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं।
बोले विशेषज्ञ
आजकल के युवा आसानी से सफलता हासिल करना चाहते हैं। इसी चक्कर में वह नेटवर्क मार्केटिंग के जाल में फंस जाते हैं। चकाचौंध के बाजार में उनको ये लुभावने प्लान आकर्षित करते हैं। कुछ समय बाद उनको पता चलता है कि वह जाल में फंस गए हैं।
युवाओं को समझना पड़ेगा कि मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। शॉर्टकट के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। -वामिक कलाम, सहायक प्रोफेसर, अर्थशास्त्र, श्रीमुरली मनोहर टॉउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया।
युवा आजकल मेहनत करने से बच रहे हैं। यही कारण है कि नेटवर्क मार्केटिंग के लुभावने स्कीम से जुड़ जाते हैं। उनको कम समय में ज्यादा पैसा कमाना है। इस फील्ड में उन्हें बड़े-बड़े सपने दिखाए जाते हैं, जो उनकी मन में बैठ जाता है।
इन युवाओं के अंदर आत्मविश्वास भर दिया जाता है ताकि ये जल्दी बाहर न निकल पाएं। - डॉ. अनुराग भटनागर, एसोसिएट प्रोफेसर, मनोविज्ञान,श्रीमुरली मनोहर टॉउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलिया।