बलिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बलिया में चलने वाली समस्त शाखाओं पर दीपावली की पूर्व संध्या पर शुक्रवार की शाम छह बजे से ‘एक दीया शहीदों के नाम दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भारत माता, भगवान श्रीराम, संघ के संस्थापक डॉ केशवराव बलिराम हेडगवार व माधवराव गोलवलकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं अखणंड भारत का मानचित्र बनाकर उस पर दीपक जलाकर शहीदों को नमन किया गया। नगर में चलने वाली बाल्मीकि, विश्वकर्मा, दयानंद, कुंवर सिंह, माधव, विवेकानंद, दीनदयाल, शहीद मंगल पांडेय, भृगु, तिलक, केशव, शिवाजी, आजाद, श्रीराम और चाणक्य शाखा पर दीपोत्सव कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस मौके पर विभाग बौद्धिक शिक्षण प्रमुख जितेंद्र मिश्र, जिला प्रचारक सत्येंद्र, गिरीश नारायण चतुर्वेदी, मणिराम मिश्रा, डॉ. विनोद सिंह, हरनाम आदि का विभिन्न शाखाओं पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। जिला प्रचारक सत्येंद्र ने कहा कि हम अपने घरों में परिवारों के साथ मिलकर दिवाली मनाते हैं, लेकिन हमारे देश के वीर सपूत देश की सीमा पर देश की रक्षा की खातिर दिवाली या कोई भी पर्व अपने परिवार से दूर रहकर मनाते हैं। शहीद सैनिकों के सम्मान में दीपावली पर एक दीया शहीदों के नाम पर जलाना त्योहार की सार्थकता साबित होगी। कहा कि दीपोत्सव चेतना जागरण और जीवन में प्रकाश लाने का सरल मार्ग है। दीपोत्सव सनातन संस्कृति के सूत्र सिद्धांतों का अनुपालन करता है। दीपोत्सव असत्य पर सत्य का, अन्याय पर न्याय का, अंधकार पर प्रकाश के विजय का पर्व है। दिवाली के ही दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर अयोध्या वापस आए थे। इनके स्वागत में अयोध्या नगरी दीयों के प्रकाश से जगमगा गई थी। यह भारतवर्ष के लोगों के उत्साह और प्रसन्नता का प्रतीक था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वीर सैनिकों को सलाम करते हुए उनके बलिदान को याद किया। दीपोत्सव में भारत माता के जयघोष के साथ वैश्विक महामारी से प्रभावित विश्व के मंगल की कामना की गई। यह दीप प्रेरक पुंज बनकर स्वयंसेवकों को देश और समाज की सेवा करने की शक्ति प्रदान करेंगे, ऐसा आशीर्वचन प्राप्त हुआ। सबके सुख की कामना, चले निरंतर साधना के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस मौके पर डॉ संतोष, सत्यव्रत, अनिल सिंह, चंद्रशेखर, वाल्मीकि, श्रेयांश, मोहित, ओम प्रकाश राय, विवेकानंद पांडेय, विनय सिंह, दुर्गादत्त, मारुति नन्दन आदि के साथ अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।