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एकात्मवाद के प्रणेता थे दीनदयाल
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
Updated Thu, 11 Feb 2016 09:17 PM IST
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एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती गुरुवार को इंदिरा मार्केट स्थित कैंप कार्यालय पर धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला उपाध्यक्ष नकुल चौबे ने कहा कि विश्व में भारत एक अद्भुत देश है। इसमें समस्याओं के अनुसार महापुरुष जन्म लिया करते हैं। जिस समय पंडित जी का जन्म हुआ, उस समय देश और देश के नागरिक खंड-खंड विचारों के रूप दिख रहे थे। पंडित जी ने ऐसे लोगों को एक विचार धारा में लाने का काम किया।
अब तक स्वामी विवेकानंद के बाद विश्व को दिशा देने वाला विश्व के नागरिकों को एक माला में पिरोने वाले पंडित जी सिद्ध हुए हैं। अगर पंडित जी होते तो भारत संपूर्ण क्षेत्रों में अभेद्य हो गया होता। संचालन करते हुए सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आज भारत के युवाओं को पंडित जी के संपूर्ण जीवन को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
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उनके विचारों, सिद्धांतों और उनके बताए रास्तों पर चलकर ही लोगों में बंधुत्व भाव और राष्ट्र भक्ति को जगा सकते है। बैठक में मुख्य रूप से दीप चंद्र चौरसिया, तारकेश्वर वर्मा, राजेश्वरी गिरी, कमालुद्दीन शेख, मंगल पांडेय, लालबहादुर सिंह, रमेश गिरी, संतोष गुप्ता, जितेंद्र ठाकुर, राजेश गुप्ता, विनायक पांडेय, डा. संजय वर्मा, अमर नाथ, भूपेंद्र सिंह, आलोक सिंह, पंकज राय, कृष्णा जी, सूरज गुप्ता, लक्ष्मी पंडित, रानू पाठक, अमित तिवारी आदि मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला उपाध्यक्ष नकुल चौबे ने कहा कि विश्व में भारत एक अद्भुत देश है। इसमें समस्याओं के अनुसार महापुरुष जन्म लिया करते हैं। जिस समय पंडित जी का जन्म हुआ, उस समय देश और देश के नागरिक खंड-खंड विचारों के रूप दिख रहे थे। पंडित जी ने ऐसे लोगों को एक विचार धारा में लाने का काम किया।
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अब तक स्वामी विवेकानंद के बाद विश्व को दिशा देने वाला विश्व के नागरिकों को एक माला में पिरोने वाले पंडित जी सिद्ध हुए हैं। अगर पंडित जी होते तो भारत संपूर्ण क्षेत्रों में अभेद्य हो गया होता। संचालन करते हुए सुरेंद्र सिंह ने कहा कि आज भारत के युवाओं को पंडित जी के संपूर्ण जीवन को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
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उनके विचारों, सिद्धांतों और उनके बताए रास्तों पर चलकर ही लोगों में बंधुत्व भाव और राष्ट्र भक्ति को जगा सकते है। बैठक में मुख्य रूप से दीप चंद्र चौरसिया, तारकेश्वर वर्मा, राजेश्वरी गिरी, कमालुद्दीन शेख, मंगल पांडेय, लालबहादुर सिंह, रमेश गिरी, संतोष गुप्ता, जितेंद्र ठाकुर, राजेश गुप्ता, विनायक पांडेय, डा. संजय वर्मा, अमर नाथ, भूपेंद्र सिंह, आलोक सिंह, पंकज राय, कृष्णा जी, सूरज गुप्ता, लक्ष्मी पंडित, रानू पाठक, अमित तिवारी आदि मौजूद रहे।