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Ballia News: दुष्कर्म के मामले में 2 माह 28 दिन में ही हुआ फैसला
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बलिया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) प्रथमकांत की अदालत ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 25 साल की सजा सुनाई। भारतीय न्याय संहिता के तहत निस्तारित होने वाला यह पहला मुकदमा है। 2 माह 28 दिन में फैसला सुनाया गया है
अदालत ने दोषी आलोक निवासी मोहम्मदपुर मठिया थाना भीमपुरा को 25 वर्ष के सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। वादी मुकदमा ने थाना उभांव में शिकायत की थी कि 21 अगस्त 2024 को उसकी 13 वर्षीय पुत्री के साथ आलोक ने दुष्कर्म किया। तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ थाना उभांव में मुकदमा दर्ज हुआ था।
विवेचना कर विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में मामले की सुनवाई 20 अक्तूबर 2024 को शुरू की। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों के सम्यक अवलोकन और दोनों पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्त पर दोष साबित पाया और सजा सुनाई। उक्त मामला भारतीय न्याय संहिता के तहत और पॉक्सो एक्ट में दर्ज हुआ था। नई संहिता के तहत बलिया जिले का निस्तारण होने वाला प्रथम मुकदमा है। 2 माह 28 दिन में मामला का फैसला हुआ है।
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अदालत ने दोषी आलोक निवासी मोहम्मदपुर मठिया थाना भीमपुरा को 25 वर्ष के सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। वादी मुकदमा ने थाना उभांव में शिकायत की थी कि 21 अगस्त 2024 को उसकी 13 वर्षीय पुत्री के साथ आलोक ने दुष्कर्म किया। तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ थाना उभांव में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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विवेचना कर विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में मामले की सुनवाई 20 अक्तूबर 2024 को शुरू की। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों के सम्यक अवलोकन और दोनों पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्त पर दोष साबित पाया और सजा सुनाई। उक्त मामला भारतीय न्याय संहिता के तहत और पॉक्सो एक्ट में दर्ज हुआ था। नई संहिता के तहत बलिया जिले का निस्तारण होने वाला प्रथम मुकदमा है। 2 माह 28 दिन में मामला का फैसला हुआ है।
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