बलिया में अमानवीय कृत्य: टायरों पर रखा और पेट्रोल डाल जला दिया शव, वीडियो वायरल, पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड
घटना 15 मई की है, जब बहकर आई लावारिश लाश को ग्रामीणों ने देखा और पुलिस को सूचना दी। फिर पुलिस ने लाश को निकालकर अंतिम संस्कार कराया। उसके ऊपर से मिट्टी का तेल और टायर डाल दिया। जिससे कि लाश जल्दी से जल जाए।
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कोरोनाकाल में लापरवाही और सिस्टम की संवेदनहीनता की तमाम खबरों के बीच ऐसी ही एक और खबर सामने आई है। बलिया जिले में कुछ पुलिसकर्मियों ने अमानवीयता का परिचय देते हुए लावारिस शव को लकड़ियों की जगह पुराने टायरों पर रखवाया और पेट्रोल डलवाकर जलवा दिया। 16 मई को माल्देपुर घाट पर इस शर्मनाक वाकये को अंजाम दिया गया। न तो कोई जांच करवाई गई, न ही शव के शिनाख्त की कोशिश की गई।
सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को पुलिस अधीक्षक ने फेफना थाने के पांच पुलिसकर्मियों को संवेदनहीनता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार को सौंपी गई है।
फेफना थाना क्षेत्र में 16 मई को माल्देपुर घाट के पास गंगा किनारे अधजला लावारिस शव मिला था। उसे कुत्ते नोच रहे थे। मल्लाहों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाने से पांच सिपाही मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसी भी शव के ससम्मान अंतिम संस्कार के तमाम निर्देशों को दरकिनार कर अमानवीय तरीके से शव का अंतिम संस्कार करवा दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो शव के दाह संस्कार में संवेदनहीनता बरतने के प्रकरण के संबंध मेें #spballia की बाइट ।@Uppolice @adgzonevaranasi @digazamgarh pic.twitter.com/o26WY7FJSa
— Ballia Police (@balliapolice) May 18, 2021
वीडियो वायरल होनेे पर बात अधिकारियों तक पहुंची। एसपी ने इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों जय सिंह चौहान, जय सिंह, वीरेंद्र यादव, पुनीत और उमेश प्रजापति को निलंबित कर दिया। बलिया में गंगा किनारे अब तक 25 शव मिल चुके हैं।
बलिया एसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि यह अमानवीय कृत्य है। इसे गंभीरता से लेते हुए मामले में संलिप्त पांच आरक्षियों को निलंबित करने के साथ ही जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।
आस्था पर कुठारघात : सपा
पुलिस के जवानों ने बलिया में एक शव का अंतिम संस्कार पेट्रोल और टायर से किया। जो हिंदू आस्था पर कुठाराघात है। यह आरोप समाजवादी पार्टी (सपा) के महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने सरकार पर लगाया। कहा कि आज भी कोरोना ने ग्रामीण इलाके में भयावह रूप ले लिया है। न तो टेस्टिंग है, न ही दवा, आक्सीजन, न बेड हैं। लोग तड़प तड़प कर मर रहे हैं। सरकार ने सिर्फ हास्यापद घोषणा की कि अंतिम संस्कार करने वालों को 5000 रुपये देगी। मगर हवा हवाई आदेश के नाक के नीचे बलिया में पुलिस की करतूत ने हिन्दू रीति रिवाज का माखौल उड़ाया है।