{"_id":"657dda5637b710b2ee0748d1","slug":"data-of-70-thousand-farmers-is-not-correct-agriculture-department-is-worried-ballia-news-c-190-1-bal1001-8710-2023-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: 70 हजार किसानों का डाटा दुरुस्त नहीं, कृषि विभाग परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: 70 हजार किसानों का डाटा दुरुस्त नहीं, कृषि विभाग परेशान
विज्ञापन
किसान सम्मान निधि योजना में शामिल सभी किसानों का डाटा अभी भी दुरुस्त नहीं हो सका है। अभी भी करीब 70 हजार किसानों की लैंड सीडिंग व ई-केवाईसी को लेकर कृषि विभाग जूझ रहा है। प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना चार वर्ष बाद भी जिले में पटरी पर नहीं है। जबकि इसको लेकर तमाम कवायद की जा रही है। यह योजना कृषि व राजस्व विभाग के सिस्टम में फंस कर रह गया है।
केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना दिसंबर 2018 में लागू की गई और मार्च 19 में किसानों के खाते में दो हजार रुपये की पहली किस्त भेजी गई। शुरुआत में दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को शामिल करने का प्रावधान किया गया और खतौनी के आधार पर पहली किस्त जारी की गई। लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने सभी किसानों को इसमें शामिल करने का प्रावधान कर दिया। इसके बाद भारत सरकार की ओर से सभी किसानों का आधार सत्यापन और खतौनी की मैपिंग कर लैंड सीडिंग करने करने का निर्देश दिया और इसकी जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी। इसके बाद से ही कृषि व राजस्व विभाग की ओर से कवायद की जा रही है। लेकिन अब भी करीब 70 हजार किसानों का डाटा दुरुस्त नहीं है। इसमें आधार मिसमैच, लैंड सीडिंग आदि की समस्याएं बनी हुई है। इसको लेकर कृषि विभाग जूझ रहा है।
किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों का डाटा दुरुस्त किया जाना है। इसके तहत ई केवाईसी के साथ ही लैंड सीडिंग आवश्यक है। इसको लेकर कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसानों से संपर्क कर डाटा दुरुस्त कराएं।
विज्ञापन
पवन कुमार प्रजापति, जिला कृषि अधिकारी, बलिया।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना दिसंबर 2018 में लागू की गई और मार्च 19 में किसानों के खाते में दो हजार रुपये की पहली किस्त भेजी गई। शुरुआत में दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को शामिल करने का प्रावधान किया गया और खतौनी के आधार पर पहली किस्त जारी की गई। लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने सभी किसानों को इसमें शामिल करने का प्रावधान कर दिया। इसके बाद भारत सरकार की ओर से सभी किसानों का आधार सत्यापन और खतौनी की मैपिंग कर लैंड सीडिंग करने करने का निर्देश दिया और इसकी जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी। इसके बाद से ही कृषि व राजस्व विभाग की ओर से कवायद की जा रही है। लेकिन अब भी करीब 70 हजार किसानों का डाटा दुरुस्त नहीं है। इसमें आधार मिसमैच, लैंड सीडिंग आदि की समस्याएं बनी हुई है। इसको लेकर कृषि विभाग जूझ रहा है।
विज्ञापन
किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों का डाटा दुरुस्त किया जाना है। इसके तहत ई केवाईसी के साथ ही लैंड सीडिंग आवश्यक है। इसको लेकर कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसानों से संपर्क कर डाटा दुरुस्त कराएं।
विज्ञापन
पवन कुमार प्रजापति, जिला कृषि अधिकारी, बलिया।